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रोटी या ब्रेड, क्‍या है ज्‍यादा सेहतमंद? जानें दोनों की पोषक क्षमता

ब्रेड और रोटी की तुलना अक्सर ही सभी घरों में होती है, लेकिन ब्रेड की तुलना में रोटी को अधिक स्‍वास्‍थ्‍यवर्द्धक माना जाता है, इस स्‍लाइडशो में जानिए ऐसा क्‍यों है।

स्वस्थ आहार By Atul ModiAug 03, 2018

स्वास्थ्यवर्द्धक रोटी या ब्रेड!

घर की बनी रोटी खाने में अक्सर बच्चे नाटक करते है। वहीं बाजार में मिलने वाली विभिन्न प्रकारों की वैराइटी की ब्रेड उन्हें लुभाती है। लेकिन वो रोटी और ब्रेड के बीच के अंतर के बारे में ज्यादा नहीं समझते। कई बार ये आटे से बनी ब्रेड की तुलना वो रोटी से कर देते है तो ठीक नहीं है। रोटी और ब्रेड को बनाने का तरीका उनके पोषक तत्वों को प्रभावित कर देता है। इसलिए बाजारों में मिलने वाले वाइट ब्रेड, फ्लोर ब्रेड, मल्टी ग्रेन ब्रेड और रोटी के बीच को अंतर को समझने के लिए ये लेख पढ़े।

रेशेदार होती है रोटी

रोटी घर पर बनाई जा सकती है, जिसमें किसी भी प्रकार का प्रिजर्वेटिव नहीं मिला होता है। यह साबुत अनाज से बनाई जाती है, जैसे जौ, बाजरा, गेहूं या फिर बाजरा आदि। इसको बनाने के लिये अनाज के आटे का प्रयोग किया जाता है। आटा बनाते वक्‍त उसमें से रेशा नहीं निकाला जाता है। रोटी को बनाने के लिये किसी प्रकार के यीस्‍ट का उपयोग नहीं किया जाता। जब  बात पाचन की आती है, तब कई लोंगो को यीस्‍ट हजम करने में समस्‍या आती है।

यीस्ट से पकती है ब्रेड

ब्रेड को पानी, आटा और कभी-कभार कई अन्‍य अनाज मिला कर बनाई जाती है। ब्रेड या तो बेक की जाती है या फिर स्‍टीम और फ्राई। ब्रेड को बेक करने के लिये यीस्‍ट का प्रयोग होता है। जब ब्रेड को पकाया जाता है, तब इसमें से भारी मात्रा में रेशा हटा दिया जाता है। हां सफेद ब्रेड की जगह पर ब्राउन ब्रेड खाना ज्‍यादा उचित रहता है।

रोटी के फायदे

जैसे की रोटी को साबुत अनाज से बनाया जाता है तो इसे खाने से पेट तो भर ही जाता है बल्कि यह आसानी से पच भी जाती है।साबुत अनाज में फाइबर पाया जाता है जिसे खाने से कब्‍ज जैसी पेट की बीमारी दूर होती है। बाजरा के आटे की बनी रोटी रोजाना खाने से डीहाइड्रेशन भी हो सकता है। हमेशा गेहूं की ही रोटी खाएं।रोटी बनाने से पहले हम उसे तुरंत ही सानते हैं इसलिये वह हमेशा फ्रेश रहती है और शरीर के लिये हेल्‍दी भी। इसके आटे में ना कोई रसायन मिला होता है और ना ही यह कैलोरी से भरी होती है।इसमें पाया जाने वाला विटामिन ई, घुलनशील फाइबर और सेलीनियम होता है जो कि शरीर में कैंसर होने का चांस कम करता है।
Image Source-Getty

ब्रेड के नुकसान

चाहे ब्रेड किसी भी रंग, रूप या आकार में हो, यह आपके स्‍वास्‍थ्‍य के लिये हानिकारक है। न ही इसमें किसी प्रकार का प्रोटीन और विटामिन होता है और न ही फाइबर।ब्रेड में हाई लेवल का सोडियम होता है जो कि ब्‍लड प्रेशर और हार्ट की बीमारी को बढाता है। भले ही ब्रेड में थोड़ी ही कैलोरी मिलती हो लेकिन इसे सुबह लेने से शरीर में बहुत ज्‍यादा कैलोरी की मात्रा बढ जाती है। इसे केक या बर्गर के रूप में लेने से, इसमें मौजूद एक्‍स्‍ट्रा सॉल्‍ट और शुगर वेट बढाने में मदद करता है।

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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