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आपके रिलेशनशिप में कहां से आता है गुस्‍सा

प्यार और गुस्सा एक ही सिक्कें दो पहलू है। फिर भी आईने की तरह साफ़ बात यह है कि गुस्सा अनेक समस्याओं की जड़ है इसलिए इस पर नियंत्रण जरूरी है। ये रिश्तों मे कई बार दरार ला देता है।

डेटिंग टिप्स By Aditi Singh Feb 26, 2015

प्‍यार के साथ गुस्‍सा

जहां प्‍यार होता है वहां गुस्‍सा होना लाजमी है, या यह कहना अतिशयोक्ति नहीं कि प्यार और गुस्सा एक दूसरे के पूरक होते हैं। जहां प्यार वहां गुस्सा जरूर आता है। लेकिन इसका असर रिश्‍ते पर न पड़े यह भी जरूरी है, गुस्‍सा अगर आया है तो इसपर काबू करना जरूरी है। जब हम किस दिमागी परेशानी से जूझ रहें हों तो उस वक्‍त पार्टनर की चाहत और जरूरत को समझना काफी मुश्किल हो जाता है। यह मुश्किल का दौर हो सकता है, इस दौर से निकलना बहुत जरूरी है। इस स्‍लाइडशो में विस्‍तार से जानिये आखिर आपके रिलेशनशिप में गुस्‍सा आखिर कहां से आता है।
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अपेक्षाएं मत रखें

एक शोध के अनुसार हम अपने पार्टनर से जरूरत से ज्यादा अपेक्षाएं करने लगते जो हमारे रिश्तों में गुस्से की एक वजह हो जाती है। एक दूसरे से उम्मीद रखने में कोई बुराई नहीं है मगर ध्यान रहें कहीं ये उम्मीदें उसकी क्षमता से ज्यादा तो नहीं। फिर कहते है ना जहां ज्यादा उम्मीदें होती है निराशा वहीं से आती है। वक्त बीतने पर जब सामंजस्य बढ़ जाता है तब ये उम्मीद कम कर देना चाहिए।
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अलग विचारधारा

हम जिनके साथ होते हैं जरूरी नहीं हमारी विचारधारा भी एक जैसी हो इसलिए अगर उन्हें किसी बात से नाराजगी भी होती है तो वे उसे सबके सामने जाहिर न करें। इसका आप दोनों पर गलत प्रभाव पड़ सकता है। कई बार ऐसा भी होता है कि किसी छोटी-सी बात पर या बेवजह बहुत तेज गुस्सा आता है और ऐसी स्थिति में आपसी संबंधों में दरार पड़ने तक की नौबत आ जाती है।
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बदलाव

नए-नए रिश्तों में कई तरह की औपचारिकताएं होती हैं। जैसे घंटों फोन पर बात करना, एक दूसरे का कुछ ज्यादा ही ख्याल रखना, डेटिंग के दौरान गलती होने पर माफी मांगना, आदि। लेकिन समय के साथ ये कम हो जाता है। इसलिए इसे बाद में इस रूप में ले लें‍ कि इस रिश्ते में थोड़ा गाढ़ापन आने पर इन औपचारिकताओं को विशेष जरूरत न पड़े।
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विश्वास बनाएं रखें।

रिश्तों में विश्वास का होना बहुत जरूरी है वरना ये दरार पड़ने में देर नहीं लगेगी। कई बार हम विश्वास ना होने की वजह से एक दूसरे से नाराज हो जाते हैं या उनपर गुस्सा उतार देते है। एक दूसरे के बीच विश्वास अगर बना रहेगा तो कई स्थिति को आसानी से समझा जा सकता है और गुस्से को संभाला जा सकता है।
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आदत में शामिल है गुस्सा

कुछ लोगों की आदत में गुस्सा शामिल ही होता है। वो कई बार छोटी-छोटी बातों पर या बिना किसी वजह ही गुस्सा हो जाते है। इन आदतों को समझना बहुत जरूरी है वरना ये रिश्ते के लिए अच्छा नहीं होगा। साथ ही इन्हें दूर करने की कोशिश भी करें।
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गुस्सा सहना सीखें

गुस्से को सहना आना बहुत जरूरी है वरना ये आपकी रिलेशनशिप को खराब कर सकता है। गलतियां इंसान से ही होती है। गलती पर तुरंत प्रतिक्रिया देने के बजाय थोडा धैर्य से काम लेना चाहिए, सोच विचार कर उसे समझायें कि उसने कहाँ गलती की और उसे कैसे ठीक किया जा सकता है। इसी तरह अपनी गलती पर भी, धैर्य रख सोच विचार कर सोचना चाहिए कि अगली बार ये गलती ना दोहराई जाय।
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दोनों के बीच बेहतर तालमेल हो

जब हम किसी के बहुत नजदीक होते हैं तो आपसी सम्मान को भूल जातें है। हम बिना सोचे ही बोल देते हैं। इन आदतों को सुधारना जरूरी होता है। हमें हमेशा ध्यान रखना चाहिए कि मेरा कहा शब्द सामने वाले को कहीं दुःख तो नहीं पहुंचायेगा। इन बातों का अगर ख्याल रखें तो गुस्सा खुद-ब-खुद दूर हो जाएगा।  
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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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