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जानें शरीर को स्‍वस्‍थ रखने में धर्म और अध्‍यात्‍म की क्‍या है भूमिका

ऐसा माना जाता है कि अगर किसी को जीवन में सुख और शांति चाहिए तो अध्‍याम और धर्म की शरण में जाये, यानी यहां आपको मुक्ति मिलेगी, इस स्‍लाइडशो में जानें स्‍वास्‍थ्‍य, धर्म और अध्‍यात्‍म के बीच के संबंध के बारे में।

तन मन By Gayatree Verma May 27, 2016

स्वास्थ्य, धर्म और अध्‍यात्‍म

शरीर को स्वस्थ रखने के लिए कई सारी चीजों का इस्तेमाल किया जाता है। हरी सब्जियां खाने की हिदायत दी जाती है। जल्दी उठने की हिदायत दी जाती है। ये करो... वो करो... आदि। लेकिन क्या आपको मालुम है कि इन सब चीजों के अलावा धर्म और आध्यात्म भी शरीर को स्वस्थ रखने में बहुत जरूरी भूमिका निभाता है। सिर्फ एक शब्‍द यानी 'ॐ' में ही जीवन का सार छुपा है तो सोचिये पूरे धर्म को अपनाने के बाद शरीर कितना स्‍वस्थ रहेगा। यहां हम आपको धार्मिक नहीं बना रहे, बल्कि दिनचर्या में से कुछ समय धर्म और अध्‍यात्‍म के लिए निकालने को प्रेरित कर रहे हैं। कूछ दिन ऐसा करके आप खुद जान जायेंग कि यह कितना फायदेमंद है।

अध्यात्म का असर

अध्यात्म का मतलब होता है अपने मन के अंदर झांकना। अपने भीतर के चेतन तत्व को जानना-पहचानना और उसके दर्शन करना। इसके जरिये इंसान को अपना मानसिक तनाव कम करने में मदद मिलती है। जिससे दिमाग से जुड़ी बीमारियों से इंसान बचे रहता है। मानसिक तौर पर परेशान रहने से इंसान को अनिद्रा, सर दर्द, पागलपन, मेंटली डिस्टर्ब आदि बीमारियों से जूझना पड़ता है। लेकिन अध्यात्म मन और दिमाग को शांत रख कर आपको स्वस्थ रहने में मदद करता है।

आंखों के रोग खत्म करें

त्राटक मूल शब्द आंसू से बना है। इससे आंखों के सारे रोग खत्म हो जाते हैं। अधिकतर साधु-संत त्राटक करते हैं इस कारण बूढ़े से बूढ़े संत को साफ दिखता है। त्राटक करने के लिए एकटक अकेले कमरे में एक बिंदु को अपलक देखते रहें। शुरुआत में आंखों से आंसू निकल सकते हैं। शुरू में इसे कम कम समय के लिए करें। एक महीने तक इस विधि को अपनाएं। इससे दिमाग तेज बनता है और आंखों की रोशनी तेज होती है।

शिखा रखने के फायदे

हिंदु धर्म में लड़के-लड़िकयों, दोनों के शिखा रखने का प्रावधान है। शिखा केवल धर्म में लिखे होने के कारण फायदेमंद नहीं है। दरअसल जिस स्थान पर चोटी रखी जाती है वह स्थान बौद्धिक क्षमता, बुद्धिमता और शरीर के विभिन्न अंगों को नियंत्रित करता है। यहमस्तिष्क की कार्यप्रणाली को सुचारू रखने में सहायक सिद्ध होता है।

ॐ का महत्व

ॐ को ओम कहा जाता है जिसे बोलते वक्त 'ओ' पर दबाव दिया जाता है। इस एक शब्द के कई सारे फायदे हैं। इससे रक्त का संचार सही होता है और शरीर में आॉक्सीजन प्रचुर मात्रा में पहुंचती है। यह शरीर और मन को एक साथ एकाग्र करता है जिससे मानसिक बीमारियां दूर होती हैं। काम करने की शक्ति बढ़ जाती है।

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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