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महिलाओं में एसटीडी के लक्षण

एसटीडी से पीड़ित महिला का अगर सही समय पर इलाज नहीं किया जाए तो उसे कई समस्‍यायें हो सकती हैं, जिनमें गर्भधारण की क्षमता खोना भी एक है। इनसे बचने के लिए संक्रमणों के लक्षणों के बारे में जानकारी होना जरूरी है।

सभी By Pooja SinhaJan 31, 2014

महिलाओं में एसडीटी के लक्षण

असुरक्षित यौन संबंध यौन संचारित रोग यानी एसटीडीज के सबसे अहम कारण माने जाते हैं।  महिलाओं की शारीरिक बनावट के कारण उनको एसटीडी होने का खतरा ज्‍यादा माना जाता है। इसकी वजह से उन्‍हें कई प्रकार की गंभीर समस्‍याओं का सामना करना पड़ता है। कई बार तो एसटीडी से पीड़ित महिला का अगर सही समय पर इलाज नहीं किया जाए, तो वह कभी भी गर्भधारण नहीं कर पातीं। इसलिए इस संक्रमण के लक्षणों के बारे में जानकारी होना जरूरी है।

महिलाओं में क्लैमिडिया के लक्षण

क्लैमिडिया यौनसंचारित रोग है जो क्लैमिडिया ट्रैकोमेटिस नामक जीवाणु से होता है। क्लैमिडिया यूरीन नली, योनि या गर्भग्रीवा के आस-पास का और गुदा को संक्रमित कर सकता है। महिलाओं को गर्भाशय ग्रीवा और मूत्र मार्ग में सबसे पहले यह रोग संक्रमित करता है। जिस महिला में यह रोग पाया जाता है उनकी योनि से पीला, चिपचिपा, मवाद जैसा अधिक स्राव, पेशाब करते समय दर्द या अधिक पेशाब आना, सेक्स करते समय दर्द या असामान्य रक्तस्राव आदि लक्षण पाए जाते हैं।

महिलाओं में गोनोरिया के लक्षण

गोनोरिया, निसेरिया गोनोरीए नामक बैक्टीरिया से होता है। यह वायरस बहुत तेजी से फैलता है। यह आपके गले, मूत्र नली, योनि और गुदा को संक्रमित कर सकता है। योनि से अधिक या पीला का स्राव, योनि से तेज बदबू, यूरीन और संभोग करते समय दर्द, सेक्स के बाद ब्‍लड आना, गुदा में खुजली या खून या मवाद जैसा स्राव, मलत्याग में परेशानी और पेट में दर्द आदि महिलाओं में गोनोरिया के आम लक्षण हो सकते हैं।

महिलाओं में स्कैबीज के लक्षण

स्कैबीज एक-दूसरे के शरीर के संपर्क में आने से पड़ते हैं, यह यौन संबंध के कारण अधिक फैलता है। इस बीमारी के फैलने का दूसरा कारण स्कैबीज से संक्रमित किसी व्यक्ति के कपड़े या बिस्तर का प्रयोग करना होता है। स्कैबीज़ के अंडो और मल से होने वाले एलर्जिक प्रतिक्रिया के कारण आपको दाने या मुंहासे होते हैं। महिलाओं में इसके लक्षणों में कलाइयों, उंगलियों के बीच, कोहनी, बगल, निप्पल, स्तनों, नितम्बों और गुदा के आस-पास मुंहासे जैसे खुजली वाले दाने शामिल हो सकते हैं।

महिलाओं में ट्रिकोमिनासिस के लक्षण

ट्रिकोमिनासिस को ट्रिक भी कहते है, या एक कोशकीय परजीवी द्वारा होने वाला संक्रमण है। यह परजीवी यौन संबंधों द्वारा फैलता है। इसलिए इसे यौन संचारित रोग भी कहा जा सकता है। महिलाओं में ट्रिक परजीवी आमतौर पर योनि, मूत्रमार्ग, गर्भाशय ग्रीवा, मूत्राशय को प्रभावित करता है।

महिलाओं में सिफि़लिस के लक्षण

सिफि़लिस ट्रिपोनीमा पैलीडियम नामक जीवाणु से होने वाला एसटीडी है। आमतौर पर इस संक्रमण में महिलाओं तथा पुरुषों दोनों के जननांगों पर बिना दर्द वाले फोड़े या दानें निकलते हैं। महिलाओं में यह संक्रमण जननांग के बाहरी हिस्से, सर्विक्स और गुदा पर दिख सकते हैं।

महिलाओं में जेनिटल वार्ट्स के लक्षण

जेनिटल वार्ट्स सबसे आम यौनसंचारित रोग है इसमें ह्यूमन पेपिलोमा वायरस (एचपीवी) के कारण जननांगों पर मस्से हो जाते है। जेनिटल वार्ट्स अक्सर त्‍वचा के रंग के ही होते हैं। उनमें खुजली हो सकती है अथवा बिना दर्द वाले हो सकते हैं। महिलाओं में वार्ट्स योनि के ऊपरी हिस्से, योनि के अंदर, सर्विक्स और गुदा पर हो सकते हैं। योनि के अंदर जेनिटल वार्ट्स होने से सेक्स करते समय या मासिक के दौरान तकलीफ हो सकती है।

महिलाओं में जेनिटल हर्पीज के लक्षण

जेनिटल हर्पीज ऐसा एस्टीडी रोग है, जो अलग-अलग तरह के हर्पीज सिम्प्लेक्स वायरस (एचएसवी) से होते हैं। यह ठंड के कारण हुए छालों या फफोलों की तरह दिखते हैं। महिलाओं में जेनिटल हर्पीज़ के शुरुआती लक्षणों में बुखार, थकान, ग्रंथियों में सूजन और पीठ के निचले हिस्से में दर्द हो सकता है। साथ ही जननांगों, गुदा, नितम्बों या जांघों के ऊपरी हिस्से के आस-पास घाव या छाले भी हो सकते हैं।

महिलाओं में बैक्टीरियल वेजिनोसिस के लक्षण

जब योनि के जीवाणुओं का सामान्‍य संतुलन बिगड़ने लगता है और हानिकारक जीवाणु बढ़ने लगते है तो बैक्टीरियल वेजिनोसिस की समस्‍या होती है। आमतौर पर बैक्टीरियल वेजिनोसिस (बी.वी.) महिलाओं पर असर डालता है। बी.वी. से पीडि़त अधिकांश महिलाओं में कोई लक्षण नज़र नहीं आते। क्योंकि अधिकांश महिलाओं में इस तरह के जीवाणुओं का बढ़ना कोई नुकसान नहीं पहुंचाता, लेकिन महिलाओं में इसके तकलीफदेह लक्षण जैसे, योनि से दूधिया या मटमैले रंग का स्राव, तेज बदबू, यूरीन करते समय दर्द, योनि के बाहरी भाग में खुजली, लाली और सूजन नजर आते हैं।

महिलाओं में कैन्डिडा के लक्षण

कैन्डिडा को यीस्ट संक्रमण भी कहते हैं इसमें कोई नुकसान न पहुंचाने वाले यीस्‍ट योनि, गुदा, मुंह और पुरुषों के लिंग की आगे की चमड़ी के नीचे पनपता है। आमतौर पर कैन्डिडा से संक्रमित लोगों में कोई लक्षण नज़र नहीं आते। पुरुषों की तुलना में महिलाओं में इनके लक्षण दिखाई पड़ने की संभावना अधिक होती है। महिलाओं में यीस्ट संक्रमण में योनि के आस-पास जलन, खुजली, लालिमा और सूजन, योनि से गाढ़ा स्राव और बदबू, यूरीन या सेक्‍स करते समय दर्द आद‍ि लक्षण होते हैं।

महिलाओं में वाटर वाटर्स के लक्षण

यह विषाणु संक्रमण है जो मोलस्कम कान्टेजिओसम नामक वायरस से होता हैं और त्‍वचा पर बुरा असर डालता है। वाटर वाटर्स में द्रव या पानी से भरे फफोले निकल आते हैं। इसमें महिलाओं और पुरुषों में वाटर वार्ट्स के लक्षण एक जैसे ही होते हैं। आमतौर पर ये आपके जननांगों, गुदा, जांघों और धड़ पर निकलते हैं।

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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