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तनाव के शरीर पर कुछ अजीब साइड इफेक्ट्स

तनाव न सिर्फ आपके दिमाग को बल्कि शरीर को भी कई प्रकार से नुकसान पहुंचाता है। ये आपकी मांसपेशियों को कसने, आपकी ऊर्जा का स्तर कम करने और रक्तचाप को तेजी से बढ़ाता है।

मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य By Rahul Sharma / Dec 23, 2014

तनाव के साइड इफेक्ट्स

क्या आपको पता है कि तनाव न सिर्फ आपके दिमाग को बल्कि शरीर को भी कई प्रकार से नुकसान पहुंचाता है। ये आपकी मांसपेशियों को कसने, आपकी ऊर्जा का स्तर कम करने और रक्तचाप को तेजी से बढ़ाता है। यह आपके मस्तिष्क ही नहीं बल्कि शरीर की आंतरिक प्रणाली को भी काफी नुकसान पहुंचाता है। तो चलिये जानते हैं तनाव के कारण शरीरको होने वाले ऐसे ही कुछ नुकसानों के बारे में।
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फोड़े-फुंसियां आदि

यूनिवर्सिटी ऑफ़ मिआमि मिलर स्कूल ऑफ़ मेडिसिन में एक त्वचा विशेषज्ञ 'फ्लोर ए मयूरल' के अनुसार तनाव हार्मोन कोर्टिसोल का स्तर ऊंचा होने पह वह त्वचा की वसामय ग्रंथियों को संकेत देता है, जो एक छिपे हुए एंटी-इंफ्लेमेटरी वेक्सी तेल का बाहव शुरू कर देता है। जिससे अस्थायी मुंहासे, फ्लुशिंग, एक्जिमा, व सप्ताह के अंत में होने वाली अन्य कई त्वचा संबंधी स्थिति हो सकती हैं।
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जल्दी होते हैं सर्दी-जुखाम

कार्नेगी मेलों यूनिवर्सिटी के एक शोध के अनुसार जब आपको कोई वायरस लगता है तो ऐसे में होने वाले सभी संभावित लक्षण, जैसे नाक बहना, कफ व शरीर में दर्द आदि, बग के लिए अपकी प्रतिरक्षा प्रणाली की उत्तेजन प्रतिक्रिया का परिणाम होते हैं। तनाव इस उत्तेजना के स्तर में इजाफे का कारण बनता है। जिसका मतलब है कि आपका शरीर सर्दी के वायरस के प्रति और अधिक गंभीर रूप से प्रतिक्रिया करता है और इसके लक्षम लंबं समय तक रह सकते हैं।
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आपके बाल टूट जाते हैं

यूनिवर्सिटी ऑफ़ मिआमि मिलर स्कूल ऑफ़ मेडिसिन में त्वचा विशेषज्ञ मयूरल के मुताबिक लंबे समय तक तनाव रहने से गर्मियों में बाल तेजी से झड़ सकते हैं। तनावपूर्ण घटना के तीन महिनों बाद तक बालों के झड़ने की समस्या हो सकती है। हालांकि तनाव के दूर होने के बाद आपके अयाल आमतौर पर वापस आ जाते हैं।
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हृदय पर दुष्प्रभाव

कई बार थोड़ा सा भी तनाव हृदय दर को बढ़ा देता है और हृदय की मांसपेशियां सिकुड़ने लगती हैं। ऐसे में हृदय द्वारा पंप किए गए रक्त को शरीर के दूसरे हिस्से में ले जाने वाली रक्त वाहिकाओं में अवरोध पैदा होने लगता है। ऐसी स्थि‌ति में दिल का दौरा पड़ने की आशंका भी बढ़ जाती है।
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रिप्रोड‌क्टिव सिस्टम

पुरुषों में तनाव से टेस्टोस्टीरोन व वीर्य का उत्पादन बुरी तरह से प्रभावित हो सकता है। कई बार तो इससे नपुंसकता जैसी स्थिति पैदा हो जाती है। वहीं महिलाओं में तनाव से मेन्सुरेशन साइकिल पर विपरीत प्रभाव पड़ता है, जिस कारण उन्हें अधिक दर्द या अनियमितता का सामना करना पड़ता है।  
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भूलने की बीमारी

नए शोध के अनुसार महिलाओं में मध्य वय जीवन के तनाव की वजह से भूलने की बीमारी होने का जोखिम बढ़ता है। यह शोध स्वीडेन की 800 महिलाओं पर किया गया है जो या तो तलाक के बाद रह रही हैं या अपने साथी की मृत्यु के बाद वियोग में थीं। शोध के अनुसार इन महिलाओं में एक दशक के बाद अल्ज़ाइमर से पीड़ित होने की आशंका जताई गई। बीएमजे ओपन की रिपोर्ट के अनुसार अधिक तनाव में रहने वाली महिलाओं में भूलने की बीमारी बढ़ने की आशंका बढ़ती जाती है।
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समय से पहले उम्र बढ़ने वाले बच्चे

जर्नल मॉलिक्यूलर साइकाइट्री के एक शोध के अनुसार जब किसी बच्चों को हिंसा या किसी अप्रिय घटनाका सामना करना पड़ता है तो वह अत्यधिक दबाव का अनुभव करता है, जिसके चलते उसके या उसकी कोशिकाएं समय से पहले उम्र बढ़ने का नेत्रत्व कर सकती हैं।
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मांसपेशियों में खिंचाव

काफी समय तक तनाव में रहने के दौरान मांसपेशियों में खिंचाव की समस्या होती है। कई बार तो इसके कारण से सिरदर्द, माइग्रेन या मांसपेशियों व हड्डियों से जुड़े परिवर्तन भी देखने को मिलते हैं। मांसपेशियों में खिंचाव दर्द भरा हो सकता है।
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