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कैसे दूर करें हर वक्‍त का उतावलापन

दैनिक जीवन की ग्लानि और बोरियत, निजी व व्यक्तिगत जीवन के उतार-चढ़ावों से और भी ज्यादा बढ़ जाती है। जिससे आगे चलकर नकारात्मकता और लाचारी की भावना होने लगती है।

मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य By Rahul SharmaNov 24, 2014

हर वक्‍त का उतावलापन

दैनिक जीवन की ग्लानि और बोरियत, निजी व व्यक्तिगत जीवन के उतार-चढ़ावों से और भी ज्यादा बढ़ जाती है। ऐसे में प्रदर्शन और उम्मीदों का अतिरिक्त बोझ हमें हर समय वाले उतावलेपन का शिकार बना देता है। जिससे आगे चलकर नकारात्मकता और लाचारी की भावना होने लगती है। तो चलिये आज ऐसे कुछ तरीकों के बारे में जानें जिनकी मदद से इस हमेशा के उतावलेपन से छुटकारा पाया जा सके।  
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जीवन के बारे में स्पष्टता

अपने जीवन के बारे में कुछ स्पष्ट सोच बनाने की कोशिश करें। क्योंकि जबतक आपको पता नहीं होगा कि आप जीवन में क्या चाहते हैं, आपको हमेशा लगेगा की आप किसी चीज के पीछे भाग रहे हैं। तो अपने आप को कुथ लक्ष्य दें और केवल उन पर ध्यान केंद्रित करें।
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चलते जानें की कला

जीवन में कई बार हम खुद को गलत दिशा में धकेल रहे होते हैं, बिना यह जाने की इसका अंत क्या होगा। लेकिन ऐसा करना शायद आपके जीवन के लिए बहुत बुरा होता है और आपको हर पल अकेलेपन का अहसास करता है।  
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थोड़ा आराम भी करें

समझने की कोशिश करें कि सारी दुनिया का भार आपके कंधों पर ही नहीं हैं। देखिये आपकी क्षमता और आपके गुण आपसे कोई नहीं छीन करता। वे कभी न कभी आपको सफलता दिलाएंगे ही। तो परेशान रहने के बजाए अपने हमेशा आपके साथ खड़े रहने वाले अपने परिवार को प्यार दें और शांत रहते हुए खुद पर भरोसा रखें।
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विचलित होना बंद करें

देखिये नीयमित रूप से अपना पसंदीदा डेली शोप प्रोग्राम देखने या घंटो इंटरनेट पर सर्फिंग करने में कोई बुराई नहीं, लेकिन यदि ये आदतें हावी होने लगें और आपके काम पर प्रभाव डालना शुरू कर दें, तो इन पर काबू पाना जरूरी हो जाता है।
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ना कहना भी सीखें

क्योंकि आप परेशान रहते हैं, इसका मतलब ये कतई नहीं की लोग आपको बेचारा समझें और आपको हल्के में लेना शुरू कर दें। तो अपने लिए खड़ा होना सीखें और गलत बातें के लिए ना कहने की भी आदत डालें।
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लोगों को सुनें

अकसर हम खुद को परफैक्ट समझने लगते हैं और चीजों को खुद तक ही सीमित कर लेते हैं। तो ऐसे में लोगों को सुनना शुरू करें वरना आपका आत्म प्रेमी होने का भय आपको निराशा और उतावलापन का शिकार बना देगा। लोगों को भी सुनें और दुनिया और खुद को बेहतर ढ़ंग से समझने की कोशिश करें।
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फिट रहें

शारीरिक रूप से फिट न होना हमारी पीढ़ी के लिए सबसे बड़े शापों में से एक है। बेहतर भोजन करने के साथ व्यायाम करना भी जरूरी है। अनफिट होने से कई शारिरिक व मानसितक समस्याएं हो सकती हैं।
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चीजों का आनंद लें

अपने आप को मजबूर न बनाएं। खाने व जीवनशैली को अनुशाषित बनाने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन इसके चलते खुशियों का आनंद लेना ही न छोड़ दें। छोटी-छोटी खुशियों का अनंद लेना प्रारम्भ करें, इससे हरसमय का उतावलापन दूर होगा।
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ठीक से सोएं

आपने सुना ही होगा कि इंसान भूखा तो कई दिन रह सकता है, लेकिन सोए बिना अधिक समय तक नहीं रह सकता। पर्याप्त नींद बेहतर स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है। इसलिए रोज कम से कम सात से आठ घंटे की नींद लें। साथ ही महिने में एक बार ब्रेक लेकर कहीं घूमने भी जाएं।
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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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