• shareIcon

टेक्‍नोलॉजी से होने वाले तनाव को दूर करने के तरीके

लगातार वेबसाइट्स विजिट करना, फेसबुक और ट्विटर के अपडेट्स चेक करना, लैपटॉप, टैबलेट और स्मार्टफोन से ऑनलाइन शॉपिंग करना, यानी हर पल टेक्‍नोलॉजी से घिरे रहना, इसका परिणाम तनाव होता है, आइए इससे बचने के तरीके के बारे में जानते हैं।

तन मन By Rahul Sharma / Jul 10, 2015

टेक्नोलॉजी और तनाव

बीते कुछ सालों में भारत और चीन जैसे एशियाई देशों की अर्थव्यवस्थाएं तेज़ी बढ़ रही हैं। टेक्नोलॉजी का इसमें सबसे बड़ा योगदान रहा है, लेकिन उसी रफ़्तार से यहां के लोगों का मानसिक तनाव भी बढ़ा है। हम आज लगातार वेबसाइट्स विजिट कर, फेसबुक और ट्विटर के अपडेट्स चेक कर, अपने लैपटॉप, टैबलेट और स्मार्टफोन से ऑनलाइन शॉपिंग कर रहे हैं, नई-नई जानकारियों से लैस हो रहे हैं, ऐसे में हमारे दिमाग को पल भर के लिए भी चैन लेने की फुर्सत नहीं है। ई-मेल, फोन और बाकी गैजेट्स हमें तनाव की चपेट मे ले आते हैं। हालांकि टेक्नॉलजी के कारण होने वाले तनाव से बचा जा सकता है। चलिये जानें कैसे-
Images source : © Getty Images

पूरी नींद लें


अगर आप सोचते हैं कि ऑनलाइन न्यूजपेपर पढ़ना और ई-मेल भेजना आदि आपकी नींद पर कोई असर नहीं डालते हैं तो आप गलत हैं। दरअसल, सोने के वक्त काम करने की आदत आपकी नींद को बिगाड़ती है। टेक्नोलॉजी जीवन को आसान और मनोरंजक बनाने के लिए है, लेकिन देखा जा रहा है कि यह हमारी नींद में खलल डाल रही है। तो किसी भी हाल में रोजाना कम से कम 8 घंटे की नींद जरूर लें।
Images source : © Getty Images

बार-बार ई-मेल न जांचे


लॉगबोर्ग यूनविर्सिटी के अध्‍ययन में में लोगों के व्‍यवहार पर अध्‍ययन किया गया। इसमें यह जांचने की कोशिश की गयी कि आखिर इन बॉक्‍स में मेल देखकर लोगों के व्‍यवहार में किस प्रकार का परिवर्तन आता है। इसके मुताबिक, ईमेल पढ़ने और उसका जवाब देने के दौरान मस्तिष्‍क पर दबाव पड़ता है। इस वह से स्‍ट्रेस हार्मोन कोर्टिसोल का स्‍तर बढ़ता है जो तनाव के लिए जिम्‍मेदार है। तो ई-मेल जांचने का समय बना लें, जैसे कि आप 2 घंटे में एक बार ही ई-मेल जांचेंगे।
Images source : © Getty Images

गैजेट्स को हमेशा साथ न रखें


बहुत सारे अध्ययनों में ये बात साबित हुई है कि सोने से पहले पढ़ने, नींद नहीं आने और जानकारी की गति के बीच सह-संबंध होता है। अतः हमेशा सोने जाने से एक घंटा पहले अपने गैजेट्स को बंद कर दें। साथ ही सोने के लिए जाते समय ई-मेल चेक न करें। जब भी आपके पास खाली वक्त हो, रिलैक्स बैठें और दुनिया में जो कुछ चल रह है उसे देखें।
Images source : © Getty Images

काम के बाद अपनी जिंदगी जियें


काम खतम होने के बाद सेल फोन और टेबलेट आदि पर वर्क ईमेल पढ़ने और भेजने से आपके तनाव स्तर में प्रभावशाली तरीके से वृद्धि हो सकती है। शोध के निष्कर्षों से पता चलता है कि लगभग आधे कर्मचारी जो सामान्य दफ्तर के समय के बाद अक्सर कार्य संबंधित ईमेल करते हैं वे तनाव महसूस करते हैं। साथ ही ऑफिस में काम समाप्‍त होने के बाद मोबाइल और टेबलेट पर वर्क ईमेल पढ़ने और भेजने से व्‍यक्ति के तनाव में बढ़ोतरी होती है। तो बार-बार फोन और ई-मेल चैक करने की आदत को बदलें।  
Images source : © Getty Images

सुबह उठते ही न शुरू कर दें शोशल मीलिया


कई अध्ययन बनाते हैं कि बड़ी संख्या में लोग सुबह उठते ही अपना फोन चैक करते हैं और फिर फेसबुक, ट्विटर और वाट्सएप वगैहरा का इस्तेमाल करने लगते हैं। इससे तनाव पैदा होता है, तो सुबह का समय योग, ध्यान और एक्सरसाइज के लिये ही रखें। नियमित व्यायाम व ध्यान से आपका तनाव कम होगा।
Images source : © Getty Images

थोड़ा टाइम खुद के लिये



शोध बताते हैं कि सप्ताह में एक या दो दिन खुद को सोशल मीडिया और ई-मेल आदि से छुट्टी देकर आप अपना तनाव काफी हद तक दूर कर सकते हैं। तो हफ्ते में दो दिन के लिये इन गैजेट्स को छुट्टी दें और खुल कर जियें।
Images source : © Getty Images

नोटिफिकेशन ऑफ करें


अपना मेल और फोन का नोटीफिकेशन टोन ऑफ कर दें। इससे आपको बार-बार फोन और ई-मेल देखना पड़ता है और आपका ध्यान भटकता है, साथ ही  प्रोडक्टिविटी भी गिरती है। इससे बेहतर है कि आप दिन में 4 बार कोई भी समय तय कर लें, जब आप अपने नोटिफिकेशन चैक करें।  
Images source : © Getty Images

योग, ध्यान व व्यायाम करें


पूरे दिन बेवजह मोबाइल फोन पर बात करने या चैट करने की बजाए शरीर को स्वस्थ रखने के लिये व्यायाम, ध्यान और योग जैसे माध्यमों का सहारा लें। इससे आपको शारीरिक और मानसिक परेशानियों से भी निजात मिल जायेंगी। योग व ध्यान मस्तिष्क को स्थिर करने में बहुत सहायक होते हैं जिसके फलस्वरूप व्याग्रता, तनाव और आस्थरता से छुटकारा मिलता है और शरीर की नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है।
Images source : © Getty Images

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

More For You
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK