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अगर आपमें हैं ये गुण, तो आपकी नौकरी पक्की

नौकरी पाने के लिए तो हर कोई परेशान रहता है लेकिन नौकरी यूं ही नहीं मिलती है। इसके लिए आपके अंदर कुछ गुण होने चाहिए जो ये साबित करे कि आप दिए गए काम को ना सिर्फ अच्छा करेंगे बल्कि औरों से अलग करके दिखाएंगे। जब आप यह ठान लेंगे तो आपको नौकरी देने से कोई

आफिस स्‍वास्‍थ्‍य By Anubha Tripathi / Jun 21, 2014

भरोसेमंद बनें

बॉस ऐसे कर्मचारियों को अध‍िक महत्ता देते हैं, जिन पर वे काम के लिए निर्भर रह सकें। मुश्क‍िल वक्त में काम करने वाले कर्मचारियों से महत्वपूर्ण कंपनी के लिए कुछ नहीं होता। ऐसे कर्मचारी जो वक्त पड़ने पर क्वालिटी काम कर दें, उनकी हर जगह पूछ होती है। साक्षात्कार के दौरान हायरिंग मैनेजर को उम्मीदवार से उनके वर्क एथ‍िक्स के बारे में पूछना चाहिये। भरोसेमंद कर्मचारी वही होता है, जो डेडलाइन पर काम कर सके। जो टीम भावना से काम कर सके और जो हमेशा अपने काम पर ध्यान केंद्रित कर सके।

टीम भावना

टीम के साथ काम करना बेहद जरूरी है। भले ही आपका पद कुछ भी हो, ज्यादातर कर्मचारियों को प्रबंधन, सहकर्मियों और ग्राहकों के लिए प्रजेंटेशन तैयार करनी होती है। आप इससे इनकार नहीं कर सकते। कई बार ऐसा होता है कि किसी ग्राफिक डिजाइनर को नयी पार्टी के लिए प्रजेंटेशन बनाने की ईमेल आ सकती है। अब भले ही वह ग्राफिक डिजाइनर से न मिली हो, लेकिन उसे मार्केटिंग टीम के साथ मिलकर प्रजेंटेशन बनानी ही पड़ सकती है।

समस्या नहीं हल चाहिये

संस्थान ने आपको समस्या नहीं, उसके हल के लिए नौकरी दी है। जिन संस्थानों में तेज रफ्तार काम होता है, वहां खासतौर पर समस्याओं के हल पर बहुत जोर होता है। जो कर्मचारी मानसिक रूप से अध‍िक सजग और सक्षम है, वे इन हालात में कोई न कोई तरकीब निकाल ही लेता है। नौकरी के इंटरव्यू के दौरान यह सवाल जरूर पूछा जाना चाहिये कि क्या पिछले संस्थान में आप किसी ऐसी परिस्थिति में फंसे थे, जहां आपने समस्याओं को सुलझाने की अपनी क्षमता का परिचय दिया हो। इससे हायरिंग मैनेजर को समस्याओं के समय उम्मीदवार की क्षमता का आकलन करने में आसानी होगी। उसे मालूम चल पाएगा कि इंटरव्यू देने वाला मुश्‍क‍िल वक्त में कैसा काम कर सकता है।

सहकर्मियों को सिखाना

मिलेनिएल ब्रांडिंग रिपोर्ट के मुताबिक, 92 फीसदी नियोक्ता बेहतरीन टीमवर्क स्किल्स को बहुत महत्ता देते हैं। सक्षम और अच्छे कर्मचारी स्वयं आगे बढ़कर अपने सहकर्मियों को सिखाने और अपनी जानकारी साझा करने का प्रयास करते हैं। मान लीजिये एक नये कर्मचारी ने किसी प्रोजेक्ट पर टीम के साथ काम करना शुरू किया। नये कर्मचारी को अभी काम के बारे में कोई जानकारी नहीं है। ऐसे में कोई पुराना कर्मचारी उसका मार्गदर्शन कर सकता है। यही तो टीम भावना है। कंपनियां ऐसे कर्मचारियों को अध‍िक तरजीह देती हैं, जो काम और मस्ती के बीच सही संतुलन रखने का हुनर जानता हो।

दूसरों की बात सुनें

एक अच्छा कर्मचारी सहकर्मियों की सलाह को पूरी तवज्जो देता है। आत्मविश्वासी और नये विचारों से लैस कर्मचारी कंपनी के लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकते हैं। किसी सशक्त कर्मचारी को मीटिंग के दौरान न केवल अच्छा आइडिया देना चाहिये, बल्कि साथ ही यह प्रयास भी करना चाहिये कि बाकी कर्मचारी भी उस पर अपने विचार व्यक्त करें। इससे अभ‍िनव और रचनात्मक आइडिया निकलकर आएगा।

लचीलापन अपनायें

अपने स्वभाव में लचीलापन लाइये और अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखें। किसी काम को करने का तरीका और उसकी डेडलाइन क्षण भर में बदल सकती है। कर्मचारियों को तेजी से इस बदले माहौल के लिए तैयार हो जाना चाहिये, लेकिन साथ ही उसे तयशुदा समय पर काम करने के लिए भी तैयार होना चाहिये। हो सकता है कि कोई काम आपको तीन दिन बाद करके देना है, लेकिन अचानक आपका बॉस उस काम को दो दिन में निपटाने का निर्देश देता है। ऐसे में आपको अपनी कार्ययोजना में उसी के अनुसार बदलाव के लिए तैयार होना चाहिए।

रचनात्मक बनें

भले ही आप अकाउंट्स में काम कर रहे हों, या किसी और क्षेत्र में हों। आपको अपने काम के दौरान रचनात्मक रवैया अपनाना चाहिये। यदि आप रचनात्मक तरीके से काम करते हैं, तो इसका असर आपके पूरे विभाग पर पड़ता है। नयी नौकरी के दौरान यदि आपसे यह सवाल पूछा जाता है कि पिछली कंपनी में किसी नये प्रोजेक्ट पर काम करते समय आपने किस प्रकार की रचनात्मकता दिखायी, तो आप उन अपने कार्य के अहम पहलुओं की जानकारी दें। अपने दिमाग की बत्ती हमेशा जलाकर रखनी चाहिये। यही कामयाबी का नियम है।

काम का नया अंदाज

कर्मचारी को यदि लगे कि काम का अंदाज बदलकर परिणामों में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है, तो उसे इसके लिए तैयार होना चाहिये। सक्षम कर्मचारी वह होता है, जो इस बात का सटीक आकलन कर सकता हो कि आखिर काम की प्रक्रिया में क्या बदलाव लाकर कम समय और मेहनत में बेहतर परिणाम हासिल किये जा सकते हैं। इससे कंपनी और कर्मचारी दोनों का वक्त बचता है। साथ ही इससे आपकी तरक्की के रास्ते भी खुलते हैं।

आगे बढ़कर आएं

सफल कर्मचारी वही बनता है, जो आगे बढ़कर जिम्मेदारी उठा सके। वह न केवल नया आइडिया ही देता है, बल्कि उन्हें क्रियान्वित भी करना जानता है। कंपनी ऐसे कर्मचारी को बहुत तवज्जो देते हैं, जिनकी दिमाग की फैक्टरी में नये, रोचक और रचनात्मक आइडिया आते हैं। और साथ ही जो कंपनी की दी गयी जिम्मेद‍ारियों को आगे बढ़कर उठाने में दिलचस्पी दिखाते हों।

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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