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ये अनजान तरीके पहुंचा सकते हैं आपकी आंखों को नुकसान

आंखें अनमोल हैं, बढ़ती उम्र और कुछ बीमारियों के कारण आंखों की रोशनी या तो कम हो जाती है या चली जाती है, यह बहुत ही खतरनाक है और इसके कारण जान भी जा सकती है।

आंखों के विकार By Nachiketa Sharma / Sep 02, 2014

आंखों की समस्‍यायें

बढ़ती उम्र के साथ आंखों की समस्‍यायें भी बढ़ने लगती हैं। आंखों की रोशनी कम होना सबसे सामान्‍य समस्‍या है। दरअसल आखों से जुड़ी ये स्थितियां कोई सामान्‍य समस्‍या नहीं है, इससे आपको चोट लग सकती है, कुछ मामलों में तो ये जानलेवा भी हो सकती हैं। अगर आपको डायबिटीज, हाइपरटेंशन, या आंखों से संबंधित कोई बीमारी हो तो खतरा बढ़ जाता है। आंखों की कुछ ऐसी समस्‍यायें हैं जिनको नजरअंदाज बिलकुल नहीं करना चाहिए।

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आंखों की रोशनी

उम्र बढ़ने के साथ आंखों की रोशनी कम पड़ने लगती है, आंखों की रोशनी कम होने के कारण मौत भी हो सकती है। अगर आपकी देखने की क्षमता कम हो गई तो इससे आपकी दिनचर्या प्रभावित होती है। आप आसानी से घरेलू काम नहीं कर पाते हैं, रात को बाहर नहीं निकल पाते, खरीदारी में समस्‍या होती है। जेएएमए ऑप्‍थाल्‍मोलॉजी में छपी एक रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हुई कि आंखों की रोशनी कम होना जानलेवा हो सकता है।

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अन्‍य स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍यायें

केवल बढ़ती उम्र ही आंखों का दुश्‍मन नही है, बल्कि अन्‍य स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍यायें भी आखों को प्रभावित करती हैं। डायबिटीज, हाइपरटेंशन जैसी बीमारियों के कारण भी आंखें प्रभावित होती हैं। अमेरिका के नेशनल इंस्‍टीट्यूट्स ऑफ हेल्‍थ की मानें तो केवल अमेरिका में अंधेपन का सबसे बड़ा कारण डायबिटीज है। खून में शुगर की मात्रा अधिक होने से आंखों की रोशनी कम होने लगती है और मरीज अंधा हो जाता है।

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तनाव के कारण

अवसाद और तनाव भी हमारी आंखों की समस्‍याओं का कारण बन सकता है। 2013 में हुए एक शोध के अनुसार, जो युवा आंखों की रोशनी कम होने के शिकार थे उसमें से लगभग 90 प्रतिशत तनाव के कारण इसके शिकार हुए। इस शोध में यह बात भी सामने आयी कि इसमें से 10 प्रतिशत लोग जो तनाव के अधिक शिकार होते हैं उनकी आंखों की रोशनी एकदम कम हो जाती है।

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चिंता भी है कारण

2014 में हुए एक शोध की मानें तो आंखों की रोशनी खोने के जिम्‍मेदार कारकों में से चिंता भी एक प्रमुख कारण है। इसके सबसे अधिक शिकार युवा हैं, जो किसी न किसी कारण तनाव से गुजरते हैं और उनकी आंखों की रोशनी कम हो जाती है।

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कम क्षेत्र होना

2007 में हुए एक शोध के अनुसार, कम दायरे में देखने के कारण भी आंखों की रोशनी कम होती है, यानी जब हम एक केंद्रीय बिंदु पर अधिक देर त‍क ध्‍यान लगाये रहते हैं और अन्‍य वस्‍तुओं को नहीं देखते तब भी हमारी आंखों की रोशनी कम होती है। उम्रदराज युवाओं में यह समस्‍या अधिक देखने को मिलती है। यह शोध इन्‍वेस्टिगेटिव ऑप्‍थॉल्‍मेलॉजी एंड विजुअल साइंस में छपा था।

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ग्‍लूकोमा के कारण

ग्‍लूकोमा के कारण सबसे अधिक दुर्घघटनायें होती हैं। 2012 में छपे एक शोध के अनुसार, उन्‍नत मोतियाबिंद के शिकार लोगों की दुर्घटना होने की संभावना दोगुना होती है, इसके कारण सबसे अधिक कार एक्‍सीडेंट होते हैं। यह शोध अमेरिकन एकेडेमी ऑफ आप्‍थेल्‍मॉलॉजी में छपी थी।

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इससे बचाव

बढ़ती उम्र के साथ भी आंखों की इन समस्‍याओं को होने से कुछ हद तक रोका जा सकता है। सूर्य की हानिकारक किरणों से बचने के लिए चश्‍मे का प्रयोग करें, कंप्‍यूटर पर काम के दौरान चश्‍मा लगायें, भरपूर नींद लें, धूम्रपान से बचें, एक साथ कई घंटे तक काम न करें, ब्रेक लेते रहें। नियमित व्‍यायाम करने से भी आंखों की रोशनी बढ़ती है।

 

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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