• shareIcon

अगर आप भी हैं जिम के शौकीन, तो जान लें फिटनेस से जुड़े ये 5 मिथ

क्या आप जिम में अत्याधिक वक्त बिताने के बावजूद भी नतीजें नहीं देख पा रहे हैं? संभावना है कि आपने किसी की गलत सलाह ले ली हो। जिम के दिनों में ऐसा होना स्वभाविक है। जरूरी नहीं कि हमें मिलने वाली ज्यादा से ज्यादा सलाह बिल्कुल ठीक ही हो। इसलिए हम आपको बत

एक्सरसाइज और फिटनेस By Jitendra Gupta / Apr 26, 2019
मिथः एब्स के लिए क्रंचेज जरूरी

मिथः एब्स के लिए क्रंचेज जरूरी

तथ्यः क्रंचेज सबसे प्रतिष्ठित पेट व्यायाम हो सकता है, लेकिन वास्तव में यह आपके मिडसेक्शन को फ्लैट करने का सबसे अच्छा तरीका नहीं है। क्योंकि यह ज्यादा कैलोरी बर्न नहीं करते इसलिए ये आपके वसा को कम करने में प्रमुख तरीके से मदद नहीं करता है। क्रंचेज आपके पेट के एक छोटा से हिस्सा को टोन करते हैं। अगर आप क्रंचेज कर रहे हैं, तो सुनिश्चित करें कि आप उसे सही तरीके से कर रहे हैं नहीं तो यह आपकी रीढ़ में दर्द का कारण बन सकता है।

मिथः जितना अधिक पसीना आएगा उतनी कैलोरी बर्न होगी

मिथः जितना अधिक पसीना आएगा उतनी कैलोरी बर्न होगी

तथ्यः दोपहर बाद नियमित दौड़ के बाद पसीने से भीगते हुए अगर आप घर लौटे हैं तो जरूरी नहीं कि आपने ज्यादा कैलोरी बर्न की है। पसीना एक जैविक प्रक्रिया है, जो आपके शरीर को ठंडा करता है और शरीर के अंदरुनी तापमान को बनाए रखता है। पसीना आपके व्यायाम के परिणामस्वरुप बिल्कुल उचित है और यह आपके थकाऊ जिम सेशन को दर्शाता है।

Buy Online:Asian Shoes Wonder 13 Grey Firozi Men's Mesh Sports Shoes- 10 Uk/Indian, Offer Price- Rs. 499/-

मिथः दौड़ना घुटनों के लिए हानिकारक

मिथः दौड़ना घुटनों के लिए हानिकारक

तथ्यः  एक अध्ययन में पाया गया है कि पुराने धावकों के घुटने, नहीं दौड़ने वाले लोगों की तुलना में स्वस्थ थे। पुरुषों की तुलना में महिलाओं में दौड़ने से चार से छह गुना तक गंभीर घुटने की चोट लगने का जोखिम होता है क्योंकि उनके क्वाडिरिसेप्स और हैमस्ट्रिंग के बीच  मजबूती के अनुपात में अंसुतलन होता है, जिससे एसीएल चोट का जोखिम बढ़ सकता है।  इसलिए विशेषज्ञ वर्कआउट के दौरान सप्ताह में कम से कम दो बार नियमित दौड़ की सलाह देते हैं ताकि घुटने को मजबूती देने वाली मांसपेशियों का निर्माण हो। अग आप नियमित रूप से दौड़ेंगे तो आपको चोट लगने की संभावना भी कम रहेगी।

मिथः स्ट्रेचिंग बॉडी की तेज रिकवरी में मदद करता है

मिथः स्ट्रेचिंग बॉडी की तेज रिकवरी में मदद करता है

तथ्यः अगर आप इसे करने के बाद अच्छा महसूस करते हैं तो जरूर करें लेकिन एक अध्ययन में बताया गया है कि एक्सरसाइज के बाद स्ट्रेच करने वाले लोगों के ब्लड लैक्टेट स्तर में कोई खासा बदलाव नहीं देखा गया है। हालांकि विशेषज्ञ बताते हैं कि वर्कआउट के ठीक बाद इसे करना ज्वाइंट फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ाने का सर्वश्रेष्ठ तरीका है।

मिथः जिम में ज्यादा देर वक्त बिताना बेहतर

मिथः जिम में ज्यादा देर वक्त बिताना बेहतर

तथ्यः दिन में आराम का वक्त बिताना बेहद जरूरी है। आपकी बॉडी को कठिन काम के बाद रिकवर करने की काफी जरूरत होती है। अगर आप रोजाना वर्कआउट करते हैं तो आप खुद को चोट दे सकते हैं या ओवरट्रेन कर सकते हैं, जो आपकी मांसपेशियों को रिबाउंडिंग और आपके शरीर में सुधार को रोकता है। भले ही आप जिम के प्रति लगाव रखते हैं लेकिन नियमित रूप से ब्रेक लेना सुनिश्चित करें, चाहे वह हर दूसरे दिन हो या सप्ताह में एक बार।

Buy Online:Kore K-PVC 20kg Combo 3 Leather Home Gym and Fitness Kit, Offer Price- Rs 1,357/-

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

More For You
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK