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सच्‍ची खुशी पाने के दस तरीके

बनावटी सुख के पीछे हम सच्‍ची खुशियों को नजरअंदाज कर देते हैं, इसके कारण तनाव होता है और हम दुखी रहते हैं, अगर हम अपनी इच्‍छाओं को सीमित कर दें तो जीवन खुशहाल हो जायेगा।

तन मन By Nachiketa SharmaNov 26, 2014

सच्‍ची खुशी कैसे मिलेगी

खुश रहने के लिए हम जीवनभर प्रयास करते हैं। कुछ जीचों को लेकर हम यह सोचते हैं कि अगर वो मिल जाये तो हमें सच्‍ची खुशी मिल जायेगी, लेकिन हम इस मामले में गलत साबित होते हैं। कई बार तो हम बेवजह ही बनावटी सुख के लिए अन्‍य सच्ची खुशियों को नजरअंदाज भी कर देते हैं। हमारी असीमित इच्‍छायें छोटी-छोटी खुशियों को भी हमसे दूर कर देती हैं। डाइजेस्‍ट नामक पत्रिका में छपे शोध में कुछ तरीकों को जीवन की सच्‍ची खुशी की कुंजी बताया गया है।

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पैसा

पैसे से आप खुशियां नहीं खरीद सकते, हालांकि यह कुछ वक्‍त के लिए आपको खुश रख सकता है। लेकिन सामान्‍य लोगों की तुलना में पैसे वालों को अधिक सुखी देखा जाता है। अगर आपके पास पैसा है तो लोग आपको अधिक इज्‍जत देंगे और इससे आपको अच्‍छा एहसास होगा। लेकिन कम पैसे वाले लोग भी अपनी इच्‍छाओं को सीमित रखकर खुश रह सकते हैं।

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इच्‍छायें

1980 में हुए एक शोध में यह बात सामने आयी कि जिन लोगों की इच्‍छायें अधिक होती हैं उनके जीवन में सुख कम होता है और वे सुख के तलाश की बजाय अपने इच्‍छाओं की पूर्ति में ध्‍यान लगाते हैं और हमेशा उसे पूरा करने के लिए ही दुखी रहते हैं। क्‍योंकि ऐसे लोगों की एक इच्‍छा की पूर्ति के बाद दूसरी इच्‍छा पनपती है और जीवनपर्यंत यही चलता है।

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बुद्धिमत्‍ता

इस शोध में यह बात भी सामने आयी कि बुद्धिमत्‍ता का खुशियों पर कोई असर नहीं पड़ता। बुद्धिमान लोग हमेशा अपनी जरूरतों को पूरा करने के प्रयत्‍न करते हैं और इन्‍हें पूरा करने के प्रयास करते हैं, इससे वे पूरी तरीके से खुशहाल जीवन नहीं जी पाते हैं। जबकि खुश रहने के लिए 'सामाजिक बुद्धिमत्‍ता' होना बहुत जरूरी है।

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आनुवांशिक

हमारी भावनायें और इच्‍छायें काफी हद तक आनुवांशिकी पर भी निर्भर करती हैं। शोध में यह बात भी सामने आयी लगभग 90 प्रतिशत लोग अपने पारिवार के अच्‍छे और बुरे व्‍यवहार के कारण सुखी या दुखी रहते हैं। अगर परिवार के लोग पहले से ही सामाजिक हैं तो वे अधिक सुखी रहते हैं और उनकी अगली पीढ़ी भी सामाजिक हो जाती है।

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सुंदरता

जो लोग दिखने में सुंदर होते वे अधिक खुश रहते हैं। लेकिन वास्‍तविकता यह है कि पूरा जीवन ही खुशमय होना चाहिए न कि शारीरिक सुंदरता। लेकिन जो लोग अच्‍छे दिखते हैं उनका इम्‍यून सिस्‍टम भी अच्‍छा होता है और वे शारीरिक रूप से स्‍वस्‍थ रहते हैं। खूबसूरत लोगों के मन में हीन भावना नहीं आती है, क्‍योंकि दूसरे लोगों के सामने उन्‍हें अधिक तवज्‍जो भी मिलती है।

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दोस्‍ती

दोस्‍ती एक ऐसा रिश्‍ता है जो जीवन में हमें सबसे अधिक खुशी देता है। दोस्‍तों का साथ पाते ही लोग अपने दुखों को भूलकर खुशियों की तलाश करने लगते हैं। दोस्‍तों के साथ मस्‍ती के दौरान हम सारे दुखों को भूल जाते हैं। दोस्‍त कैसा भी हो वह हमें खुशी ही प्रदान करता है।

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शादी

अकेले जीवनयापन करने वालों की तुलना में शादीशुदा लोग अधिक खुश होते हैं। शादी के बाद दो लोगों का मिलन होता है जो एक-दूजे के लिए बने होते हैं और वे एक-दूसरे को दुनिया की सारी खुशियां देना चाहते हैं। शादी एक ऐसा बंधन है जो एक व्‍यक्ति के दुखों को दो लोगों में बांट देता है। शादी के बाद पार्टनर एक-दूसरे के सुख और दुख को बांटकर बेहतर जीवन जीने की कोशिश करते हैं।

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निष्‍ठा

निष्‍ठा एक ऐसी भावना है जो हमें खुशियां प्रदान करती है। निष्‍ठा यानी विश्‍वास एक सकारात्‍मक भावना है जो हमारे अंदर सकारात्‍मक सोच पैदा करता है। सच्‍ची खुशी पाने के लिए सकारात्‍मक सोच होना बहुत जरूरी है और यह सोच हमें निष्‍ठा और विश्‍वास के साथ मिलती है। जो लोग शक करते हैं, दूसरें लोगों पर विश्‍वास नहीं रखते वे अधिक दुखी रहते हैं।

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परोपकार

यह ऐसी भावना है जो हमें दूसरों के प्रति दिखानी पड़ती है। परोपकार यानी दूसरों की सहायता करने के बाद में संतोष का भाव पैदा होता है जो हमें खुश रहने के लिए प्रेरित करता है।

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उम्र

हालांकि खुश रहने की को‍ई उम्र नहीं होती है, लेकिन उम्रदराज लोग अधिक खुश रहते हैं। क्‍योंकि अपने जीवन में निर्धारित लक्ष्‍यों को उम्र के इस पड़ाव तक वे प्राप्‍त कर चुके होते हैं, उनके जीवन की सभी इच्‍छायें पूरी हो चुकी होती हैं। जबकि युवावस्‍था के बाद लोग अपने पेशे पर ध्‍यान देते हैं अपने निर्धारित लक्ष्‍यों को पाने के प्रयास में दुखी रहते हैं।

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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