• shareIcon

अपने अंतर्ज्ञान को बढ़ाने के 7 तरीके

कोई भी गलत काम करने पर हमारे भीतर की आवाज यानी अंतर्ज्ञान हमारा मार्गदर्शन कर हमें सही रास्‍ता दिखाती है। इसलिए हमें अंतर्ज्ञान को बढ़ाने के उपाय करने चाहिए। आइए अंतर्ज्ञान को बढ़ाने के तरीकों के बारें में जानकारी लेते हैं।

मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य By Pooja Sinha / Jul 24, 2015

अंतर्ज्ञान बढ़ाने के उपाय

हम सभी के जीवन में ऐसा समय आता है जब हम किसी बात पर निर्णय नहीं ले पाते। ऐसे में अपने भीतर की उस आवाज सुनिये। आपका अंतर्ज्ञान आपकी दुविधाओं का अंत करने में मदद करता है। यह एक ऐसे उपकरण के तौर पर काम करता है, जिसके पास सभी समस्‍याओं का हल होता है। हम जब भी कोई गलत काम करने के बारे में सोचते हैं तब कोई अज्ञात संकेत हमें बार-बार रोकने की कोशिश जरूर करता है। हम चाहें उस संकेत को मानें या नहीं, वह बार-बार हमें चेतावनी भरे संकेत देता रहता है। हालांकि जो ये आवाज सुनता है, वह बेहतर जीवन जी पाता है। लगभग सभी के जीवन में ऐसी अनुभूति होती है। इस प्रकार के अदृश्य संकेत हमें हमारा अंतर्ज्ञान देता है। आइए अंतर्ज्ञान को बढ़ाने के तरीकों के बारें में जानकारी लेते हैं।
Image Source : Getty

मेडिटेट

अपने अंतर्ज्ञान यानी इंट्यूशन के बारे में जानकर आप उसका सही इस्‍तेमाल कर सकते हैं। जब कभी आप दुविधा में हों तो एक पल रुककर अपने मन की सुनें, तो आप पाएंगे कि न सिर्फ आप बेहतर फैसले ले पा रहे हैं, बल्कि आपके काम भी आसान होते जा रहे हैं। अंतर्ज्ञान को बढ़ाने में मेडिटेशन आपकी मदद कर सकता है। आप चुप रहकर अपने अंतर्ज्ञान के संदेश सुन सकते हैं। इस तरह से चुप्‍पी में बिताने वाला समय आपको संदेशों को सुनने और व्‍याख्‍या करने में मदद करता है।
Image Source : Getty

पारंपरिक सेंस को नोटिस करें

जीं हां अपनी पारंपरिक पांच सेंस को नोटिस प्रारंभ करने से आपको छठी सेंस की संवेदनशीलता बढ़ाने में मदद मिल सकती है। क्योंकि अंतर्ज्ञान हमारे स्वभाव में ही होता है। यह हमारी बौद्धिकता और विकास का लक्षण है।
Image Source : Getty

अपने सपनों पर ध्यान दे

जब संज्ञानात्‍मक दिमाग व्‍यस्‍त हो जाता है, तो सही अंतर्ज्ञान की मदद से आप मस्तिष्‍क और अवचेतन मन पर ओवरराइड कर सकते हैं। लेकिन जब आप सो रहे होते हैं तो आपका संज्ञानात्‍मक मन आराम करता है, और आपका अवचेतन दिमाग सपनों में संकेत करने के लिए जगह खोलता है।
Image Source : Getty

रचनात्मक बनें

खुद को रचानात्‍मक गतिविधियों में व्‍यस्‍त रखने से भी आपका अंतर्ज्ञान बढ़ता है। क्‍योंकि शांत और संज्ञानात्‍मक मन आपके अंतर्ज्ञान को बात करने की अनुमति देता है। इसलिए अपने अंतर्ज्ञान को बढ़ाने के लिए खुद को रचनात्‍मक कार्यों में व्‍यस्‍त करने की कोशिश करें।
Image Source : Getty

अपने शरीर की भी सुनें

अंतर्ज्ञान आपको शरीर के माध्‍यम से बताता है और आपकी दैहिक जागरूकता से आप अधिक संवेदनशील बन जाते हैं। अगर आप शारीरिक रूप से असहज महसूस करते हैं तो निर्णय की क्षमता पर भी असर पड़ता हैं। इसलिए इस ओर ध्‍यान दें।  
Image Source : Getty

नियमित दिनचर्या से दूर जाकर देखें

अपनी नियमित दिनचर्या से दूर रहकर और अपनी स्‍पीड को कम करके, एक शांत जगह पर जाकर विश्राम करें या बिना किसी योजना के अपना पूरा दिन एक नए परिवेश में खर्च करें। क्‍योंकि बहुत ज्‍यादा व्‍यस्‍त होने पर अंतर्ज्ञान की शांत आवाज सुनना थोड़ा मुश्किल होता है। अपने नियमित दिनचर्या में बदलाव लाकर आप अपने अंतर्ज्ञान में बदलाव महसूस कर सकते हैं।
Image Source : Getty

प्रकृति से नजदीकी

मनुष्य के अनुभव में 5 परतें जैसे पर्यावरण, शरीर, मन, अंतर्ज्ञान और आत्मा आती है। पर्यावरण के साथ हमारा संबंध अनुभव की सर्वप्रथम और सब से महत्वपूर्ण परत है। अगर हमारा पर्यावरण स्वच्छ और सकरात्मक है तो हमारे अनुभव की बाकी सभी परतों पर इसका सकरात्मक प्रभाव पड़ता है, और वे संतुलित हो जाती हैं। अंतर्ज्ञान को बढ़ाने के लिए आपको प्रकृति में कुछ समय बिताना होगा। प्राकृतिक दुनिया में होने के नाते, आपको प्रौद्योगिकी और संज्ञानात्मक मन की अन्य लालच से दूर रहकर अंतर्ज्ञान को बढ़ाने के उपाय कर सकते हैं।  
Image Source : Getty

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

More For You
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK