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चिकित्‍सा संबंधित इन 5 चमत्‍कारों से विज्ञान भी है अचंभित

आपको क्या लगता है कि इस दुनिया में चमत्कार नहीं होते या आप भी भगवान और चमत्कार को लेकर संदेह में रहते हैं? अगर हां तो, नीचे लिखे इन दांतों तले उंगली दबा देने वाले चिकित्सा संबंधित चमत्कारों को जानिए और फिर संदेह कीजिए।

मेडिकल मिरेकल By Gayatree Verma Dec 18, 2015

चिकित्सा संबंधित चमत्कार

जहां चाह है, वहां राह है। लगता है ये एक वाक्य को पूरा करने के लिए सारे चमत्कार हुए हैं। नहीं तो भला कोई दांत से दुनिया देख सकता है क्या? आदमी भी प्रेगनेंट हो सकता है क्या? और क्या कोई 70 साल की औरत मां बन सकती है? जवाब देने में जल्दबाजी ना करें, क्योंकि तीनों सवालों के जवाब हैं। कैसे? इसके लिए तो पूरा विवरण नीचे स्लाइडशो को पढ़कर ही मिलेगा।

जब आदमी हुआ प्रेगनेंट

भारत में 1999 में घटी थी यह घटना जब 36 साल के संजू का पेट असामान्य रुप स बढ़ रहा था। डॉक्टरों ने इसे ट्यूमर की निशानी बताई। लेकिन जब डॉक्टरों ने उनके पेट का ऑपरेशन किया तो उनके पेट में दो भ्रूण मिले जिसके हाथ और पैरों का विकास हो चुका था। सामान्य तौर पर अर्द्धविकसित जुड़वा बच्‍च्‍ो मर जाते हैं, लेकिन भगत के ये दोनों भ्रूण जिंदा थे। बाहर निकले भ्रूण के पास केवल दिमाग और विकसित शारीरिक अंग नहीं थे, इसलिए दोनों को मार दिया गया। अब भगत बिल्‍कुल सही हैं।

दो जिस्‍म, एक जान

इस कॉन्सेप्ट पर तो कई फिल्में भी बन गई हैं औऱ ऐसे कई केस भी आए हैं। लेकिन सारे केस में कुछ लोग मर गए या तो फिर कुछ लोगों को मेडिकल की मदद से अलग कर दिया गया। लेकिन रॉनी और डॉनी गेलन 61 साल के हैं और आपस में जुड़े दुनिया के सबसे उम्रदराज इंसान हैं। इन दोनों के पेट, फेफड़े और दिल अलग हैं लेकिन बड़ी आंत और एक ही पुरुष प्रजनन अंग हैं। इतनी उम्र में एक ही अंग से काम चला रहे हैं और सही सलामत हैं। ये एक तरह का चमत्कार है।

नीचे के शरीर के बिना चल-फिर रहे

पैर के बिना चलना नामुमकिन है लेकिन जब नीचे का शरीर ही ना हो तो क्या हो? इस सवाल का जवाब है पेंग शिवलिन। 1995 में पेंग श्‍विलिन अचानक से दौड़ते हुए ट्रक के सामने आ गए और उनका शरीर बीच से कट गया। डॉक्‍टर्स ने उनके शरीर के नीचे के हिस्‍से को काटकर अलग कर दिया और ऊपर के हिस्‍से को पूरी तरह से सिल दिया। फिर डॉक्टर्स ने उनके इंटरनल पार्ट्स की अनगिनत सर्जरी कर उन्हें दो साल तक अस्‍पताल में रखा। अब पेंग कृत्रिम शरीर और बैसाखी के सहारे चलते हैं और बार्गेन में एक सुपरमार्केट में एक स्‍टोर के मालिक हैं जो वहां के लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है।

ये दांत से देखते हैं दुनिया

आंखों का चला जाना मतलब दुनिया का बेरंग हो जाना। लेकिन कई लोगों को ये मंजूर नहीं होता और वे इसका उपाय भी खोज लेते हैं। मार्टिन जोन्‍स ने भी यही किया। ब्रिटिश स्क्रैप यार्ड में काम करते हुए जोन्स ने 1997 में अपनी आंखों की रोशनी खो दी थी। लेकिन 2009 में डॉक्‍टर ने उनको ठीक करने के लिए रेयर प्रोसिजर का इस्‍तेमाल किया। डॉक्‍टर्स ने उनका एक दांत को निकाल उस पर एक ऑप्टिकल लेंस फिक्स किया। इस दांत को जोन्‍स के आई सॉकेट में फिट किया गया। अब जोन्स अपने दांत से दुनिया देख रहे हैं।

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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