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आहार जो बीमारियों से बचाकर प्रतिरक्षा प्रणाली को बनायें मजबूत

हालांकि प्रतिरक्षा प्राकृतिक प्रक्रिया है, लेकिन फिर भी कई ऐसे खाद्य पदा‍र्थ है। जो बॉडी की इम्‍यून रिस्‍पांस को बढ़ावा देने में मदद कर सकते हैं।

स्वस्थ आहार By Pooja SinhaNov 16, 2013

प्रतिरक्षा प्रणाली

प्रतिरक्षा प्रणाली शरीर को विभिन्‍न रोगों से बचाने में मदद करती है। यह प्राकृतिक व्‍यवस्‍था है। प्रतिरक्षा प्रणाली हानिकारक तत्‍वों का पता लगाने और इन तत्‍वों के खिलाफ लड़ने में शरीर की मदद करती है। हालांकि प्रतिरक्षा प्राकृतिक प्रक्रिया है, लेकिन फिर भी कई ऐसे खाद्य पदा‍र्थ है। जो बॉडी की इम्‍यून रिस्‍पांस को बढ़ावा देने में मदद कर सकते हैं।

दही

दही प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए एक बहुत अच्छा आहार माना जाता है। यह प्रोबायोटिक्स से समृद्ध स्रोत है। प्रोबायोटिक्स वह स्‍वस्‍थ बैक्‍टीरिया है जो शरीर को एंटीजन के खिलाफ लड़ने में मदद करता हैं। और पेट और आंत्र पथ को रोगाणुमुक्‍त रखता हैं। वियना विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं के अनुसार, रोजाना करीब 7 औंस यानी करीब दो सौ ग्राम दही प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में कारगर हो सकती है।

लहसुन

लहसुन, प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने वाले सर्वश्रेष्‍ठ आहार में से है। इसमें मौजूद 'अलिसिन' संक्रमण और बैक्टीरिया से लड़ने में मदद करता है। एक ब्रिटिश अध्ययन के अनुसार, तीन महीने तक रोजाना लहसुन खाने वाले लोगों को सर्दी, जुकाम होने की आशंका अन्‍य लोगों की तुलना में दो तिहाई कम होती हैं।

मछली

मछली जैसे ट्यूना, हलिबेट, सार्डिन, फ़्लाउंडर, सालमन और शेलफिश जैसे ओएस्टर्स, मुस्सेल्स श्रिम्प क्लैम्स और स्कॉलोपस 'सेलेनियम' का अच्‍छा स्रोत हैं। सेलेनियम वाइट ब्‍लड सेल के लिए अधिक साइटोकिन्‍स प्रोटीन के निर्माण में मदद करता है। यह प्रोटीन शरीर से फ्लू के वायरस को दूर करने में मदद करता है। मछली जैसे सालमन, मैकरील और हेरिंग ओमेगा-3 फैट से भरपूर होती है। यह सूजन को कम कर फेफड़ों को श्वसन संक्रमण और सर्दी जैसी अन्य समस्याओं से रक्षा करती हैं।

चाय

इंटरफेरॉन एक प्रोटीन हैं जो प्रतिरक्षा प्रणाली को बाहरी तत्वों के खिलाफ सुरक्षा देने के लिए गति प्रदान करने की अनुमति देता है। हार्वर्ड के अध्ययन के अनुसार, जो लोग हर रोज 5 कप ब्‍लैक टी पीते हैं, उनके रक्‍त में अन्‍य गर्म पेय पीने वाले दूसरे लोगों की तुलना में अधिक इंटरफेरॉन होता था। इस तरह से चाय प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को बढ़ावा देने वाला एक सरल तरीका है। इंटरफेरॉन्‍स वे कोशिकाओं द्वारा निर्मित और स्रावित प्रोटीन होते हैं, जो वायरस, बैक्‍टीरिया, परजीवियों और ट्यूमर कोशिकाओं की मौजूदगी पर प्रतिक्रिया करते हैं।

मशरूम

सदियों से, दुनिया भर के लोग मशरूम को स्‍वस्‍थ प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाने वाला एक प्राकृतिक उपचार मानते आ रहे हैं। हाल ही में हुए एक स्‍वास्‍थ्‍य अध्‍ययन ने इस बात पर मुहर भी लगा दी है। इस अध्‍ययन में यह बात सामने आयी है‍ कि मशरूम से सफेद रक्‍त कोशिकाओं के उत्‍पादन और गतिविधि में वृद्धि होती है जिससे शरीर की प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया बढ़ती है।

जौ और जई

अनाज जैसे जौ और जई को प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए बहुत अच्‍छा माना जाता है। इसमें मौजूद बीटा-ग्‍लूकान में एचिनासा से अधिक रोगाणुरोधी और एंटीऑक्सीडेंट क्षमता होती है। इस तरह के अमीर आहार जैसे अनाज प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में बहुत मददगार होते है।

चिकन का सूप

नेब्रास्का विश्वविद्यालय के शोधकर्ता ने शोध के बाद पाया कि चिकन सूप सफेद कोशिकाओं के प्रवास को ब्‍लॉक करने में मदद करते है और प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए बहुत अच्‍छे होते हैं। चिकन सूप का नमकीन शोरबा शरीर की प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को बढ़ाता हैं।

बीफ

जिंक प्रतिरक्षा प्रणाली में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। और इसकी कमी से संक्रमण होने का खतरा बढ़ सकता है। बीफ जिंक का एक समृद्ध स्रोत है। यह सफेद रक्त कोशिकाओं के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है, और बैक्टीरिया और वायरस जैसे बाहरी तत्वों के खिलाफ शरीर से लड़ने में मदद करता है।

शकरकंद

त्वचा को स्‍वस्‍थ रहने के लिए विटामिन ए की जरूरत होती है। और यह विटामिन संयोजी ऊतक के उत्पादन में मदद करता है। शक्‍करकंद बीटा कैरोटीन का बहुत ही अच्‍छा स्रोत हैं और आसानी से विटामिन ए में परिवर्तित भी हो जाता है। अपने आहार में शक्‍करकंद को जोड़ कर आप आसानी से अपनी प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया में सुधार कर सकते हैं।

विटामिन सी युक्‍त फल

विटामिन सी से संक्रमण से लड़ने वाले सफेद रक्त कोशिकाओं और एंटीबॉडी का उत्‍पादन बढ़ जाता है। और इंटरफेरॉन के स्तर में वृद्धि होती है। इसलिए विटामिन सी से भरपूर फल जैसे संतरा, पपीता, अमरूद और स्ट्रॉबेरी प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को बढ़ावा देने में मदद करते हैं।

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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