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ध्‍यान शुरू करने से पहले इन बातों का रखें ध्‍यान

ध्‍यान को तनाव और अन्‍य मानसिक परेशानियों से मुक्ति पाने का आसान जरिया माना जाता है। लेकिन, ध्‍यान लगाने से पहले आपको कुछ जरूरी बातों का ध्‍यान रखना चाहिए। इससे आप ध्‍यान का अधिक से अधिक लाभ हासिल कर पाएंगे।

घरेलू नुस्‍ख By Pooja SinhaMar 25, 2014

ध्‍यान करने से पहले की तैयारी

काम, घर और तमाम तरह की जिम्‍मेदारियों के चलते तनाव हमारी जिंदगी का अहम हिस्‍सा बन गया है। तनाव हमारी पारिवारिक, व्‍यावसायिक और सामाजिक जिंदगी पर भी नकारात्‍मक असर डालता है। और ध्‍यान को तनाव और अन्‍य मानसिक परेशानियों से मुक्ति पाने का आसान जरिया माना जाता है। लेकिन, ध्‍यान लगाने से पहले आपको कुछ जरूरी बातों का ध्‍यान रखना चाहिए। इससे आप ध्‍यान का अधिक से अधिक लाभ हासिल कर पाएंगे। Image courtesy : Getty Images

शांत जगह

शांत वातावरण ध्‍यान की सबसे पहली जरूरत है। वातावरण शांत और आरामदेह हो, तो ध्‍यान लगाना आसान हो जाता है। वातावरण में शोरगुल होने पर मन को एकाग्र नहीं हो पाता, वहीं शांत वातावरण में भावनाओं को नियंत्रित कर उन्‍हें केंद्रित करना आसान होता है। शांत वातावरण ध्यान के अनुभव को और अधिक आनंदमय और आरामदेह बनाता है। Image courtesy : Getty Images

समय का चुनाव

यूं तो दिन का कोई भी वक्‍त ध्‍यान के लिए बुरा नहीं। ध्‍यान का मूल लक्ष्‍य मन को शांति प्रदान करना है और यह काम कभी भी किया जा सकता है। लेकिन, सूर्योदय को ध्‍यान के लिए सबसे मुफीद वक्‍त माना जाता है। सुबह-सुबह ध्‍यान करने से आप पूरा दिन ऊर्जावान और शांत महसूस करते हैं। आप काम पर बेहतर ढंग से काम पर अपना ध्‍यान केंद्रित कर सकते हैं। वहीं शाम के समय ध्‍यान करने से आपको दिन भर की थकान और चिंताओं से मुक्ति मिलती है। इसलिए जानकार दिन में दो वक्‍त दस से बीस मिनट तक ध्‍यान लगाने की सलाह देते हैं। Image courtesy : Getty Images

आसन हो सही

ध्‍यान करने के लिए जरूरी है कि आप किसी आरामदेह स्‍थान पर बैठे हों। कुछ लोग जमीन पर आसन बिछाकर बैठते हैं, तो कुछ कुर्सी या सोफे पर ध्‍यान लगाने में सहज महसूस करते हैं। आप अपनी सुविधा के हिसाब से कुछ भी चुन सकते हैं। लेकिन, इस बात का ध्‍यान रखें कि बैठते समय आपकी कमर, कंधे और गर्दन सीधी और आरामदेह स्थिति में हो। ध्‍यान करते समय अपनी आंखों को बंद करके ही बैठना चाहिए। Image courtesy : Getty Images

गहरी सांस लेना

सांसों की गति पर नियंत्रण और लयबद्धता लाना ध्‍यान प्रक्रिया का ही एक हिस्‍सा है। ध्‍यान से पहले गहरी सांस लें और धीरे-धीरे उसे छोड़ें। यह क्रिया आपकी सांसों की गति को स्थिर और लयबद्ध करने में मदद करती है। जैसे-जैसे आप अपनी सांसों की गति को साधने लगते हैं, वैसे-वैसे आपके लिए मानसिक शांति सुलभ होती जाती है। Image courtesy : Getty Images

सुनें और ध्‍यान करें

जो लोग अभी ध्‍यान की शुरुआत ही कर रहे हैं, ऐसे लोगों के लिए निर्देशित ध्‍यान बहुत अच्‍छा रहता है। इसके लिए आप किसी प्रशिक्षित प्रशिक्षक का सहारा ले सकते हैं या फिर सीडी लगाकर उस पर भी ध्‍यान केंद्रित कर सकते हैं। यानी इस प्रक्रिया में आप आंखें बंद कर केवल निर्देशों को सुनते हुए उनका पालन करते है। एक बार इस प्रक्रिया में सिद्ध होने के बाद आप स्‍वयं ध्‍यान लगा सकते हैं। Image courtesy : Getty Images

कम समय से शुरूआत करें

ध्‍यान में सिद्ध होना बहुत लंबा चरण है। इसमें काफी समय लगता है। ध्‍यान की शुरुआत दस मिनट से करना सही रहता है। शुरुआत में ही अधिक समय ध्‍यान करने की कोशिश करने से आप ऊब भी सकते हैं। जैसे-जैसे आप इसमें सहज होते जाएं, आप ध्‍यान का समय बढ़ा सकते हैं। आप चाहें तो ध्‍यान से पहले कुछ छोटे-छोटे आसन भी कर सकते हैं। ऐसा करने से आपके शरीर में रक्‍त संचार सुचारू होता है और आप मानसिक व शारीरिक रूप से हल्‍का महसूस करते हैं। Image courtesy : Getty Images

खाली पेट ध्‍यान करें

पेट अगर अधिक भरा हो, तो ध्‍यान करना मुश्किल हो जाता है। भरे पेट पर ध्‍यान करने से आपको नींद आ सकती है। लेकिन, इसका अर्थ भूखे पेट ध्‍यान करना भी नहीं है। क्‍योंकि जब मस्तिष्‍क को ऊर्जा नहीं मिलेगी, तो वह आपको लगातार भोजन करने का संकेत देता रहेगा। ऐसे में जरूरी है कि आप थोड़ा बहुत, हल्‍का भोजन कर ही ध्‍यान करने बैठें। ध्‍यान से पहले आप एक फल ले सकते हैं। Image courtesy : Getty Images

अपेक्षाओं का प्रबंधन

नियमित ध्‍यान जीवन भर का कौशल है न कि जल्‍द होने वाला समाधान। ध्‍यान से कुछ लाभ तो आपको जल्‍द ही मिलने लगते हैं। आप स्‍वयं ही कुछ दिनों में स्‍वयं को मानसिक और शारीरिक रूप से अधिक सजग और सहज महसूस करने लगेंगे। आपकी स्‍मरण शक्ति बेहतर होने लगेगी। आप तनाव मुक्‍त होने लगेंगे। लेकिन, इसके अलावा कई ऐसे भी लाभ हैं, जिन्‍हें सामने आने में काफी वक्‍त लग सकता है। लेकिन, जब आपको इसके दीर्घकालिक लाभ के बारे में पता चलेगा, तो आप इसे छोड़ नहीं पाएंगे। Image courtesy : Getty Images

सौम्‍य मुस्‍कान के साथ करें

ध्‍यान को बोझ न समझें। मन यदि इसमें नहीं रमेगा, तो ध्‍यान करने का कोई फायदा नहीं। ध्‍यान करते समय चेहरे पर सौम्य मुस्कान लाएं। इससे आप अधिक आराम और शांति महसूस करेंगे। यह आपके ध्यान के अनुभव को बढ़ाता है। आप इसे आजमाकर देखें। ऐसा करने से न केवल आपके लिए ध्‍यान लगाना आसान होगा, बल्कि आपको इसके अधिक लाभ भी महसूस होंगे। साथ ही आपके लिए ध्‍यान रुचिकर हो जाएगा। Image courtesy : Getty Images

लाभ रखें याद

ध्‍यान के हर सत्र के बाद यह देखें कि आप शारीरिक, भावनात्मक और मानसिक रूप कैसा महसूस कर रहे हैं। ध्यान के अभ्यास और बेहतर महसूस करने के संबंधों को जानने के बाद आप अधिक ताजगी भरा महसूस करेंगे। आप स्‍वयं को याद‍ दिलाते रहिये कि ध्‍यान से आप अधिक ऊर्जावान हो रहे हैं। आपका मानसिक अवसाद और थकान कम हो रही है। ज्‍यों ही ये सब बातें आपके जीवन का हिस्‍सा बन जाएंगी, ध्‍यान आपके लिए एनर्जी बूस्‍टर बन जाएगा। Image courtesy : Getty Images

आंखें खोलें आराम से

ध्‍यान के अंत में अपनी आंखों को धीरे-धीरे सौम्‍यता से खोलें। थोड़ी देर उसी स्‍थान पर बैठे रहें। इसके अलावा अपने प्रति और आस-पास के वातावरण के प्रति सजग होने के लिये समय लें। अपने भीतर की सकारात्‍मक ऊर्जा को महसूस करें। आप देखिये कि आप हद तक स्‍वयं को सकारात्‍मक ऊर्जा से भरपूर पाते हैं। Image courtesy : Getty Images

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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