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पाइन और लैवेंडर का तेल दिलाता है पैरों की जलन से छुटकारा, जानें इसकी खासियत

चलते-चलते पैरों में दर्द होना, रात को सोते समय पिंडलियों में ऐंठन होना आपके लिए बहुत दुखदायी होता है, कुछ बातों का खयाल रखकर इसके दर्द को दूर किया जा सकता है, उपायों को यहां जानें।

दर्द का प्रबंधन By Rashmi UpadhyayAug 02, 2018

पैरों और पिंडलियों के दर्द को दूर करने के उपाय

आजकल की व्यस्त और भाग-दौड़ भरी दिनचर्या में मांसपेशियों में खिंचाव होना एक आम समस्‍या है, इसके कारण पैरों में और पिडंलियों में दर्द होता है। पैरों और पिंडलियों में दर्द की समस्‍या रात के वक्‍त अधिक होती है। यह समस्‍या उन लोगों को अधिक होती है जो डेस्‍क जॉब करते हैं और व्‍यायाम बिलकुल नहीं करते हैं। अगर आप भी इस समस्‍या से ग्रस्‍त हैं तो कुछ बातों का खयाल रखकर इससे दर्द से आसानी से छुटकारा पा सकते हैं।

पानी पीना है जरूरी

पानी हमारी मांसपेशियों में नमी को बनाये रखने में मदद करता है। इसकी कमी से मांसपेशियों में जकड़न, दर्द आदि हो सकता है, जो वर्कआउट के दौरान बाधा बन सकता है। इसके अलावा, पानी शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने में भी मदद करता है। इसके लिए छोटे व्यायाम सत्र में थोड़ा-थोड़ा कर पानी पिएं। आपको दिन में भी थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहने की आदत डालनी चाहिए खासतौर पर सोने से पहले। क्योंकि सोते समय शरीर तरल पदार्थों को काफी मात्रा में खोता है।
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तेल मालिश करें

मालिश करने से मांसपेशियों में रक्त परिसंचरण बढ़ जाता है और मांसपेशियों को गर्माहट मिलती है। साथ ही यह लेक्टिक एसिड को भी दूर करता है और  जबकि तेल मांसपेशियों दर्द से राहत दिलाता है। कई प्रकार के तेल जैसे पाइन, लैवेंडर, अदरक और पिपरमेंट आदि के तेल की मालिश से मांसपेशियों का दर्द कम होता है और सूजन भी गायब होती है।
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स्ट्रेचिंग

मांसपेंशियों में तनाव संबंधी समस्याओं के उपचार का सबसे असरदार तरीका है स्ट्रेचिंग। वे मांसपेशियां जो ज्यादा मजबूत और लचीली होती हैं, उनमें चोट लगने की संभावना कम होती है।
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हीट थेरपी

हीट थेरपी का प्रयोग मोच, ऐंठन, मांसपेशियों में जकड़न तथा ऐंठन आदि के उपचार में किया जाता है। केवल गंभीर चोटों में हीट थेरपी करें, क्योंकि इसके कारण सूजन बढ़ भी सकती है। हालांकि गर्मी से मांसपेशियों के दर्द में आराम मिलता है, मांसपेशियों की जकड़न कम होती है।
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प्रोटीन

मांसपेशियों के निर्माण और मरम्मत के लिए प्रोटीन बहुत जरूरी होता है। प्रोटीन की कमी से भी मांसपेशियों में दर्द होने लगता है। भारी-भरकम शारीरिक गतिविधियों के बाद शरीर में ऊर्जा के स्तकर को बनाये रखने के लिए मांसपेशियों को प्रोटीन की जरूरत होती है। ऐसे में प्रोटीनयुक्त प्राकृतिक खाद्य उत्पादों का सेवन करना चाहिए। इसके लिए आप अपने आहार में अंडे, चिकन, मछली, स्प्राउट्स और दालें आदि को शामिल करें।
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लाल मिर्च से लाभ

लाल मिर्च में कैप्सैसिन होता है जो ऑर्थराइटिसअर्थराइटिस, जोड़ों और मांसपेशियों के दर्द में आराम पहुंचाता है। आप इसका पेस्ट बनाकर दर्द वाली जगह स्वयं लगा सकते हैं। पेस्ट बनाने के लिये आधा टेबल स्पून लाल मिर्च को जैतून के तेल (गुनगुना) या नारियल के तेल में मिलाएं और प्रभावित स्थान पर लगायें और दो मिनट के बाद धो डालें।
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एक्सरसाइज भी है जरूरी

रक्त की आपूर्ति की कमी से मांसपेशियों में कड़ापन आने से उनमें दर्द होने लगता है। लेकिन नियकित नियमित एक्सeरसाइज से इस समस्याह से बचा जा सकता है। नियमित व्यायाम करने से रक्त वाहिनियों की सक्रियता बरकरार रहती है। नियमित व्यायाम भले ही लोगों को महत्वपूर्ण न महसूस हो लेकिन इसकी वजह से रक्त की आपूर्ति को निर्बाध बनाए रखने में बहुत मदद मिलती है।
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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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