प्रभावशाली बातचीत करने का सलीका

जब आप सामने वाले से बात करते हैं तो उसमें शिष्टाचार होना जरूरी है। शिष्टाचार आपकी बातों को प्रभावशाली बनाने के साथ सामने वाले पर अच्छा इंप्रेशन डालती है। जानें कैसे बनाएं अपनी बातों को प्रभावशाली।

मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य By Anubha Tripathi / Jul 24, 2014
प्रभावशाली बात से करें इंप्रेस

प्रभावशाली बात से करें इंप्रेस

संवाद वह पुल है जिस पर चलकर आप दूसरों के हृदय तक पहुंचते हैं। अगर आपकी बातचीत का तरीका अच्‍छा और प्रभावशाली है तो आप सकारात्‍मक छवि बनाते हैं वरना तो आप जानते ही हैं...  पहली मुलाकात में तो बातचीत करने का आपके अंदाज पर ही सबसे ज्‍यादा गौर किया जाता है। संवाद ही आपके व्‍यक्तित्‍व का आईना बनता है। बातचीत का सलीका ही आपकी छवि गढ़ता है। इसलिए बातचीत को प्रभावशाली बनाने में कुछ खास बातों को ध्‍यान में रखना चाहिये।

मुस्कुरा कर बात करें

मुस्कुरा कर बात करें

सामने वाले व्यक्ति को अहमियत देते हुए आत्मीयता से मुस्करा कर बात करें। अपने हाव-भाव से जाहिर करें कि आप उनसे बात करने में दिलचस्पी रखते हैं।

नजर मिलाकर करें बात

नजर मिलाकर करें बात

बातचीत के दौरान कम से कम आधे या दो तिहाई समय तक आई कांटेक्ट बनाएं। ध्यान से सामने वाले की बात सुनें। और समझने के हाव भाव (हां,हूं,जी हां, ऐसा, अच्छा,) दर्शायें। इससे सामने वाले व्‍यक्ति को अहसास होगा कि आप उसकी बातचीत सुन रहे हैं और उसे तवज्‍जो दे रहे हैं।

संक्षिप्त और प्रभावशाली परिचय दें

संक्षिप्त और प्रभावशाली परिचय दें

पहली बार किसी से मिलते समय सबसे पहले अपना परिचय दें। आपका परिचय देने का तरीका काफी संक्षिप्त और प्रभावशाली होना चाहिए। अगर आप अपना परिचय ज्यादा लंबा देंगे तो सामने वाला आपसे बोर हो सकता है। साथ ही इससे आपकी छवि आत्‍म-प्रंशसनीय व्‍यक्ति की बन सकती है।

विषय से अलग ना हों

विषय से अलग ना हों

बातचीत के दौरान जिस विषय पर बात की जा रही हो, उसी संदर्भ में बात करें। अन्य विषयों को बातचीत में शामिल न करें। बेकार की बातें करने वाले व्‍यक्ति को गंभीरता से नहीं लिया जाता। ऐसे व्‍यक्ति की जरूरी बातें भी अकसर अनदेखी-अनसुनी कर दी जाती हैं।

रुकावट ना डालें

रुकावट ना डालें

बात करते समय बीच-बीच में उंगलियां न चटकाएं, इससे बातचीत का क्रम टूटता है और आपकी उदासीनता झलकती है। सामने वाले को खीझ भी महसूस होने लगती है। साथ ही इससे सामने वाले को यह लगता है कि शायद आप उसकी बातों पर जरूरी ध्‍यान नहीं दे रहे और आप उसकी बात सुनने में दिलचस्‍पी नहीं दिखा रहे।

ऊर्जावान रहें

ऊर्जावान रहें

जब भी बात करें, तो दिल और दिमाग को कहीं और न भटकाएं। अपनी बात ऊर्जा से लबरेज अंदाज में कहें। यथासंभव दूसरों की सहायता करें।

सामने वाले को अनदेखा ना करें

सामने वाले को अनदेखा ना करें

जब किसी से बात करते हैं तो उसे ऐसा बिल्कुल नहीं लगना चाहिए कि आप उसकी मौजूदगी की अनदेखी कर रहे हैं मसलन बात के दौरान फोन में मैसेज टाइप करना या किसी और काम को प्राथमिकता ना दें।

पानी के लिए पूछें

पानी के लिए पूछें

अगर आप जिससे बात कर रहे हैं वो आपके ऑफिस का नहीं है या कहीं बाहर से आया है तो यह बहुत जरूरी है कि आप उसे पानी के लिए जरूर पूछें। इससे वो आपके साथ सहज होकर बात कर सकेगा।

बात को ध्यान से सुनें

बात को ध्यान से सुनें

कई बार आप सामने वाली की पूरी बात सुने बिना ही उसका जवाब देने लगते हैं जो कि बातचीत में बहुत बड़ा रुकावट हो सकता है। इसलिए पहले जवाब देने से पहले सामने वाली की बात को अच्छी तरह से सुनें फिर जवाब दें।

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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