• shareIcon

अगर आप भी रात में लेते हैं खर्राटे तो इन 6 खतरों से हो जाइए सावधान

खर्राटे न सिर्फ आपके बल्कि औरों के जीवन में खलल डालने के साथ-साथ ह्रदय रोगों, दिल व मस्तिष्क के दौरे, सांस में रूकावट, लकवा, मोटापे जैसी खतरनाक बीमारियों का संकेत हो सकते हैं। तेज खर्राटे सांस में रुकावट पैदा कर नींद में दम भी घोंट सकते हैं। इसलिए इस

एक्सरसाइज और फिटनेस By सम्‍पादकीय विभाग / Apr 20, 2015

खर्राटों हैं खतरे का संकेत

खर्राटे न सिर्फ आपके बल्कि औरों के जीवन में खलल डालने के साथ-साथ ह्रदय रोगों, दिल व मस्तिष्क के दौरे, सांस में रूकावट, लकवा, मोटापे जैसी खतरनाक बीमारियों का संकेत हो सकते हैं। तेज खर्राटे सांस में रुकावट पैदा कर नींद में दम भी घोंट सकते हैं। इसलिए इस समस्या को नजरअंदाज न करें। अगर आप भी रात को खर्राटे मारते हैं तो आप इन छह बातों पर जरूर ध्यान दें।

कब आते हैं खर्राटे

खर्राटे आने का मुख्य कराण श्वास में रूकावट है। श्वसन तंत्र के ऊपरी भाग फेरिंक्स की मांसपेशियां शिथिल हो जाती हैं, जिस वजह से सांस भीतर  लेने की प्रक्रिया (इंसपीरेशन) में ध्वनि पैदा होती है। ऐसे में अचानक तेज खर्राटे आना इस बात का संकेत होते हैं कि रूकी हुई श्वास दोबारा शुरू हो गई है। रात में सांस में रूकावट के कई कारण हो सकते हैं। इनमें से प्रमुख कारण अधिक नींद का बार-बार टूटना, अनिद्रा, बिस्तर गीला करना, दिन में उनींदापन, पर्याप्त नींद के बावजूद खुद को तरोताजा महसूस न करना, सिरदर्द, चुस्ती-फुर्ती में गिरावट आदि होते हैं।

सेक्स में समस्या

वे पुरुष, जो तेज आवाज में खर्राटे लेते हैं, उनके बेडरूम में कठिनाईयों का सामना (यौन असंतोष) करने की संभावना अधिक होती है। शोध से भी ये बात सामने आई है कि अधिक खर्राटे लेने वाले लोगों का यौन जीवन संघर्षमय होता है।

ब्लड प्रेशर की समस्या

तकरीबन सत्तर प्रतिशत उच्च रक्तचाप से पीड़ित लोगों को स्लीप एप्निया भी होता है। जर्नल ऑफ़ अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन में प्रकाशित एक शोध के अनुसार, क्योंकि तेज आवाज में खर्राटे लेना एपनिया के सबसे आम लक्षणों में से एक होता है, इसलिए खर्राटे लेना उच्च रक्तचाप का संकेत हो सकता है।

मोटापा

अधिक वजन या आकार से बाहर होना, फैटी टिशू और खराब मांसपेशियां भी खर्राटे आने का कारण होते हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो के एक शोध के अनुसार खर्राटे लेने के कारण नींद में बाधा उत्पन्न होती है, जोकि मोटापे का कारण बनती है।

कैंसर

विस्कॉन्सिन विश्वविद्यालय के एक शोध निष्कर्ष निकाला कि स्लीप एपनिया से ग्रसित लोगों में कैंसर के कारण मरने की पांच गुना अधिक आशंका होती है। तो खर्राटे लेना कैंसर से भी संबंधित हो सकता है।  

हृदय रोग का संकेत

नींद सम्बंधी एक अन्य बीमारी `ऑब्सट्रक्टिव स्लीफ एपनिया` भी हृदयरोग के लिए जिम्मेदार होती हैं लेकिन इस हृदय सम्बंधी बीमारी के पीछे असली वजह खर्राटे हैं। डेट्रॉइट स्थित हेनरी फोर्ड हेल्थ सिस्टम ने भारी खर्राटों और धमनी क्षति के बीच एक भारी संबंध पाया, जोकि स्ट्रोक और दिल के दौरे के लिए एक बड़ा जोखिम कारक होता है।

क्या है स्लीप एप्‍निया

सोते समय शरीर की मांसपेशियां शिथिल होकर फैल जाती हैं। जिससे श्वांस नली संकरी हो जाती है और वायु रुकने लगती है। इसे ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप एप्‍निया कहा जाता है। सोते समय जब सांस पूरी तरह बंद हो जाती है तो शरीर में आक्सीजन की मात्रा व हृदय की धड़कन भी कम होने लगती है। इससे हृदय रोगियों की मौत तक हो सकती है।

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

More For You
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK