ओवरी निकलवाने से पहले महिलाएं जान लें ये 8 जरूरी बातें

बच्चेदानी निकलवाने की नौबत मुश्किल से ही आती थी, जबकि आज बच्चेदानी निकलवाने वाली महिलाओं की संख्या बढ़ती जा रही है। इसके पीछे महिला रोग विशेषज्ञ अनियमित दिनचर्या को जिम्मेदार मान रही है। इस स्लाइडशो मे बच्चेदानी से जुड़ी बातों के बारे मे विस्तार से पढ

महिला स्‍वास्थ्‍य By Aditi Singh / Jun 18, 2015
बच्चेदानी निकालना

बच्चेदानी निकालना

मातृत्व किसी भी महिला के लिए जीवन का सबसे सुखद अनुभव होता है। महिलाओं में प्राकृतिक ने भ्रूण के विकास के लिए बच्चेदानी भेंट के तौर पर दिया है। कई बार स्थिति ऐसी प्रतिकूल हो जाती है कि बच्चेदानी को शरीर से अलग करना पड़ता है। जरूरी है कि हालात और विकल्पों का पूरा ज्ञान रख कर ही बच्चेदानी हटाने का निर्णय लिया जाये।
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क्या होता है बच्चेदानी का कैंसर

क्या होता है बच्चेदानी का कैंसर

ओवरी में ट्यूमर नॉन कैंसरस भी होते हैं, जो संक्रमण से, ओवरी में रक्त, पानी या मवाद भरने से होते हैं. ट्यूमर का इलाज इनके लक्षणव मरीज की उम्र और इनके नाप पर निर्भर है। इसका खतरा सबसे ज्यादा कम उम्र की लड़कियों में या रजोनिवृत्ति के बाद होता है। यह साइलेंट बीमारी है, जिसका महीनों तक लक्षण प्रकट नहीं होता, इसलिए पता नहीं लगता।
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बच्चेदानी के कैंसर के कारण

बच्चेदानी के कैंसर के कारण

बार-बार का गर्भपात महिलाओं में गंभीर रोगों को जन्म दे रहा है। गर्भपात निरोधक साधनों का बेतहाशा प्रयोग और गर्भपात कराने से महिलाओं में बच्चेदानी के मुंह का कैंसर पनप रहा है। इसके अलावा बच्चेदानी में अनियमित माहवारी, रसौली, कई तरह के जख्म जैसे विकार पैदा होने लगे हैं। तनाव और अनियमित दिनचर्या के कारण यह रोग पैदा हो रहे हैं।इस कारण बच्चेदानी के मुंह का कैंसर भी बढ़ता जा रहा है। जिसके कारण बच्चेदानी निकलवाने की नौबत आ रही है।
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बच्चेदानी के कैंसर के लक्षण

बच्चेदानी के कैंसर के लक्षण

40 वर्ष से ज्यादा की उम्र की महिलाओं में इसके लक्षण सामान्य होते हैं, जैसे- पेट के निचले हिस्से में भारीपन, गैस की शिकायत पेट में जलन, भूख न लगना, खाने के बाद पेट फूलना. कभी-कभी कुछ ही दिनों में पेट अगर बढ़ जाये, पेट में दर्द, अचानक वजन घट जाना और अनियमित मासिक की शिकायत हो, तो ये ट्यूमर की तरफ इशारा करते हैं।
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बच्चेदानी निकालने पर शरीर पर पड़नेवाले विपरीत प्रभाव

बच्चेदानी निकालने पर शरीर पर पड़नेवाले विपरीत प्रभाव

बच्चेदानी निकालने से महिलाओं के शरीर पर विपरीत प्रभाव पड़ने लगता है। महिलाएं विभिन्न बीमारियों की चपेट में आने लगती हैं। महिलाओं के शरीर तथा हार्ट पर असर पड़ने लगता है। शरीर की हड्डियां कमजोर होने लगती हैं. महिलाएं अपने असली उम्र से ज्यादा उम्र की दिखने लगती हैं। भरसक यह प्रयास करना चाहिए कि 40 से 45 की उम्र  होने के बाद ही इसे निकालना पड़े। हल्की समस्या में बच्चेदानी निकालने से बचें।
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बच्चेदानी निकालने की आवश्यकता

बच्चेदानी निकालने की आवश्यकता

महिलाएं मासिक में होनेवाली समस्याओं को लेकर चिकित्सक से बच्चेदानी निकालने की बात करती है, लेकिन बच्चेदानी को तब तक नहीं निकालना चाहिए, जब तक बच्चेदानी को निकालना जीवन बचाने के लिए जरूरी न हो। बच्चेदानी के मुंह में कैंसर होने पर इसे निकलवाना चाहिए। यह प्रयास करना चाहिए कि बच्चेदानी को दवा द्वारा ज्यादा से ज्यादा समय तक बचाया जाये। फिर भी सुधार न हो तब ही इसे निकालने के विकल्प के बारे में सोचना चाहिए।
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एक अंडाशय बचाने पर, बिना बच्चेदानी समस्या होती है कम

एक अंडाशय बचाने पर, बिना बच्चेदानी समस्या होती है कम

अगर बच्चेदानी को निकालने की जरूरत पड़ ही जाये तो प्रयास करना चाहिए कि एक अंडाशय छोड़ा जा सके। एक अंडाशय छोड़ देने से हार्मोंन निकलता रहता है। इससे शरीर पर पड़नेवाले प्रभाव जैसे हड्डी कमजोर होना, हार्ट पर असर पड़ना एवं कम उम्र में ज्यादा उम्र का दिखने लगना आदि समस्या से छुटकारा मिल जाता है। यूं कह लें कि यथास्थिती बनाये रखने में यह कारगर उपाय साबित होता है।
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बच्चेदानी निकलवाने  के बाद इन बातों का जरूर रखें ख्याल

बच्चेदानी निकलवाने के बाद इन बातों का जरूर रखें ख्याल

अगर बच्चेदानी को कम उम्र में ही निकालना पड़ जाये तो महिलाओं को हामोर्ंन सप्लीमेंट अवश्य लेना चाहिए। बाजार में हार्मोंन सप्लीमेंट की दवाएं  उपलब्ध हैं। ध्यान रहे कि किसी भी सप्लीमेंट को लेने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें और उनके निर्देशानुसार ही दवा का सेवन करें। नियमित जांच कराते रहना चाहिए, खासकर हड्डियों की जांच अवश्य कराते रहना चाहिए. हो सकता है कैल्शियम और आयरन सप्लीमेंट की जरूरत पड़े।
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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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