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रिश्तों में जलन की भावना से कैसे बचें

कई बार ईर्ष्या और जलन की भावना आपके रिश्ते को खत्म होने की कगार पर ला खड़ा कर देती है। जानिए रिश्तों पर जलन की भावना को हावी होने से कैसे रोक सकते हैं।

डेटिंग टिप्स By Anubha Tripathi / May 15, 2014

जलन की भावना से बचें

किसी भी रिश्‍ते में जलन या ईर्ष्‍या उस रिश्ते के लिए काफी खतरनाक हो सकता है। आमतौर पर लोगों का मानना है कि महिलाएं ही असुरक्षा और ईर्ष्‍या की भावना से ग्रस्त होती हैं। जबकि यह गलत है, महिलाओं के समान पुरुष भी ईर्ष्या का शिकार होते हैं। ईर्ष्या की भावना आपके रिश्ते के लिए जहर का काम करती है। आइए जानें ईर्ष्या से बचने के उपायों के बारे में-

तुलना ना करें

कई बार जब आपका पार्टनर किसी और से बात करता है तो आप उस इंसान से अपनी तुलना करने लगते हैं जो कि गलत है। अगर आपका पार्टनर किसी और से बात कर रहा है इसका मतलब यह नहीं है कि आप उसके लिए जरूरी नहीं है।  तुलना के दौरान आप हमेशा अपनेआप को दूसरों से कम ही आंकते हैं। इसी वजह से आप ईर्ष्या की भावना से ग्रस्त हो जाते हैं।

अकेलापन

हर रिश्ते में वो समय भी आता है जब आप खुद को अकेला महसूस करते हैं लेकिन उसके अगले ही पल आप बेहतर महसूस करने लगते हैं। ये पल ज्यादा लंबे समय तक नहीं चलते हैं। हर रिश्ते में लड़ाई -झगड़े होते हैं लेकिन इसके आधार पर आप अपने पार्टनर जज नहीं कर सकते हैं। हर इंसान का अपना अलग स्वभाव होता है। इसलिए खुद को थोड़ा समय दें शांत दिमाग से इस बारे में सोचें।

ज्यादा ना सोचें

किसी छोटी सी बात के बारे में ज्यादा ना सोचें। अगर  आपका पार्टनर का फोन बिजी है तो हो सकता है कि वो अपने बॉस, दोस्त या परिवार के किसी सदस्य से बात कर रहा हो। आपको हर चीज पता हो यह संभव नहीं है। इसे इस तरह से लें कि आपका पार्टनर बिजी है और जब फी होगा तो आपको कॉल करेगा। अपने दिमाग में नकारात्मक विचारों को ना आने दें। ऐसी समस्या से निपटने के लिए जरूरी है कि आप खुद को व्यसत रखें।

भरोसा रखें

किसी भी रिश्‍ते का आधार, भरोसा या सच्‍चाई होती है। भरोसे के बिना कोई रिश्‍ता ज्‍यादा लम्‍बे समय तक नहीं चलता है। अपने पार्टनर पर हमेशा भरोसा रखें और उसे दिल से प्‍यार करें। जरूरी नहीं कि आप अपने पार्टनर पर आंख मूंदकर भरोसा करें, लेकिन शक और जलन करने की आदत छोड़ दें वरना रिश्‍ते में दरार आते देर नहीं लगेगी।

अपनी समस्या के बारे में बात करें

किसी भी रिश्ते में समस्या तब शुरु होती है जब आप दोनों एक दूसरे से बात करना भी पसंद नहीं करते है। बातचीत हर समस्या का हर समस्या का हल आसानी से हो सकता है।  अगर आपको अपने पार्टनर से किसी और से ज्यादा बात करने या घुलने-मिलने पर एतराज है तो इस बारे में अपने पार्टनर से बात करें ना कि इस बात को दिल में रखें और जलन और असुरक्षित महसूस करें।

गलत बातों पर टोकें

किसी भी रिश्ते को निभाने के लिए आपको आपसी समझ और विश्‍वास की जरूरत है। अगर आपका पार्टनर फ्लर्ट करता है तो उसे इस बात पर टोकें और उससे सवाल पूछें लेकिन कभी बहुत ज्‍यादा शक न करें। रिश्‍तों में जब ईर्ष्या और जलन आ जाती है तो कई दिक्‍कतें होती हैं, बेवजह के झगड़े होते है, फालतू की बहस होती है और तनाव बढ़ता है।

व्‍यक्तिगत स्‍पेस दें

किसी भी सफल रिश्‍ते में सबसे जरूरी बात निजता होती है। अपने पार्टनर को पर्सनल स्‍पेस दें, उसे कभी - कभार उसके लिए जीने का मौका दें, सोचने का मौका दें, ताकि वह अपने हिसाब से चल सकें। हर समय चिपके रहना या अपनी बात मनवाने की आदत भी अच्‍छी नहीं होती है। आपको हमेशा जानना जरूरी है कि आपका पार्टनर क्‍या कर रहा है या उसकी जिन्‍दगी में क्‍या चल रहा है लेकिन एक हद से ज्‍यादा हस्‍तक्षेप न करें।

आपसी समझ बरकरार रखें

जलन को दूर करने के लिए सबसे अच्‍छा तरीका होता है - अपने पार्टनर को समझना। एक स्‍वस्‍थ रिलेशन को बनाएं रखने के लिए पार्टनर को समझें, उसकी जरूरतों को समझें। भरोसे और आपसी समझ में जमीन - आसमान का अंतर होता है, ये दोनों बातें बिल्‍कुल अलग होती है लेकिन किसी भी रिश्‍ते को लम्‍बे समय तक चलाने के लिए इनका महत्‍व बराबर होता है।

दूरियां ना बढ़ाएं

चाहें कुछ भी हो जाएं, आप दोनों एक - दूसरे से खुद को अलग न करें, अपने दिलों में एक - दूसरे के लिए हमेशा जगह बनाकर रखें। जिस दिन आप अपने पार्टनर से दूरी बनाकर सोचने लगेगे, उसी दिन से आपके दिल में उसके लिए जगह कम हो जाएगी और धीरे - धीरे आप दोनों का प्‍यार कम हो जाएगा। अगर आप अपने पार्टनर से हर स्थिति में प्‍यार करते रहेंगे तो किसी भी मुश्किल से बाहर निकल आएंगे। जलन या असुरक्षा की भावना आने से कई बार रिश्‍तों में दरार आ जाती है, आपसी समझ से ऐसा कतई न होने दें।

प्यार बनाए रखें

शायद प्यार होना या करना उतना मुश्किल काम नहीं है जितना कि प्यार में एक हो जाने के बाद उस प्यार को बरकरार रखना। साथ रहने के बाद यह दायित्व और भी गंभीर हो जाता है। जो साथ होता है उसकी हर छोटी-बड़ी बात आपके सामने होती है। हर दिन सैकड़ों मौके ऐसे आते हैं जब आप एक-दूसरे को तोलते हैं।

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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