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गर्भावस्‍था के दौरान सेक्‍स से जुड़ीं सामान्‍य बातें

गर्भवती होने के दौरान या प्रसव के बाद महिला के शरीर में सेक्स जीवन में कई बड़े - छोटे बदलाव आ सकते हैं। हालांकि यह बदलाव पूरी तरह समान्य होते हैं और समय के साथ चले भी जाते हैं।

गर्भावस्‍था By Rahul SharmaJun 23, 2014

गर्भावस्था के दौरान और बाद सेक्स

गर्भवती होने के दौरान यौन संबंध के बारे में लोगों की अलग-अलग राय हैं। लेकिन डॉक्टर मानते हैं कि ज्यादातर मामलों में गर्भवती होने के दौरान यौन संबंध रखना पूरी तरह से सुरक्षित होता है। हां गर्भावस्था या शिशु के जन्म के बाद सेक्स जीवन में कुछ बदलाव जरूर होते हैं। चलिये जाने कि क्या हैं ये बदलाव।

स्तनों में बदलाव

गर्भावस्था के दौरान स्तनों के आकार में बदलाव हो सकता है। वे बड़े हो सकते हैं और उनमें दर्द या तरल का रिसाव हो सकता है। इस दौरान निप्पल के रंग में भी बदलाव होता है।

गर्भावस्था के दौरान संभोग

यह एक आम सवाल है कि गर्भावस्था के दौरान संभोग पहले जैसा अच्छा होगा या नहीं? दरअसल यह अलग अलग महिलाओ पर निर्भर करता है। कुछ के लिए संभोग पहले से बेहतर होता है, जबकि कुछ दूसरी महिलाओं के लिए यह उतना बेहतर नहीं होता।

ज्यादा संवेदनशीलता

कुछ महिलाओं में गर्भावस्थआ के दौरान सेक्स की इच्छा बढ़ जाती है। एक अध्ययन में सामने आया था कि इस दौरान इंटिमेसी वाला एहसास भी बढ जाता है। ये इसलिए, क्योंकि प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर में शारीरिक और भावनात्मक दोनों तरह के बदलाव आते हैं।

सहवास के दौरान असहज महसूस करना

बढ़े हुए रक्त प्रवाह के कारण आपके श्रोणि क्षेत्र और जननांगों में उत्तेजना बढ़ जाती है। परन्तु इसी कारण कुछ महिलाएं सहवास के बाद बेचैनी महसूस करती हैं।

हो सकता है प्रबल ओर्गाज़्म

मनोवैज्ञानिक तथा यौन चिकित्सक स्टेफनी बेहलेर के अनुसार कई बार गर्भावस्था के दौरान ओर्गाज़्म अधिक सुखद हो सकता है। क्योंकि ऐसे में जननांगों में रक्त का प्रवाह बढ़ जाता है और गर्भवती महिला में कुछ हार्मोन की अधिक उत्पादन होता है। विशेषतौर पर ऑक्सीटोसिन हार्मोन का, जो ओर्गाज़्म को तीव्र बनाने में सहायक होता है।

इस संदर्भ में शोध

रिसर्च बताती हैं कि वे महिलाएं जो गर्भावस्था के दौरान नियमित रूप से संभोग करती हैं उनमें समय से पहले जन्म देने की संभावना कम हो सकती है। यह भी कहा जाता है की चरमोत्कर्ष होने से प्रसव से पूर्व जन्म होने की संभावना भी घट सकती है।

शिशु के जन्म के बाद सेक्स इच्छा

कई बार महिलाएं पति की इच्‍छा को समझती है लेकिन बेबी ब्‍लू अर्थात बच्चे का प्यार उस पर इतना हावी हो जाता है कि वह पति के करीब आने से झिझकती है। साथ ही शिशु के जन्‍म के बाद महिला शरीरिक रूप से भी थोड़ी कमजोर हो जाती है।

क्यों होता है बदलाव

बच्‍चे के जन्‍म के बाद हार्मोंस में हुए बदलाव के कारण महिलाएं चि‍ड़चिड़ी हो सकती हैं। ऐसे में साथी के साथ खुशनुमा संबंध बना पाना उनके लिए थोड़ा मुश्किल होता है। कई बार महिलाएं पति को खुश करने के लिए सेक्‍स करती है लेकिन यह दुखदायी होता है। हार्मोंस को संतुलित होने में थोड़ा समय लगता है। लेकिन इसके बाद महिला पूरी तरह से सामान्य हो जाती है।

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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