• shareIcon

बड़े शौक से खाते हैं आप ये 'विषैले' पदार्थ

खाने-पीने की चीज़ों में कई ऐसे विषैले तत्व भी मिले होते हैं जिन्हें हम अनजाने में खा लेते हैं। ये तत्व हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत खतरनाक साबित होते हैं।

एक्सरसाइज और फिटनेस By Shabnam Khan / Dec 11, 2014

खाने की कुछ चीज़ें हो सकती हैं विषैली

हम विषैले खाद्य पदार्थों को खाने से तो बचते हैं, लेकिन कई ऐसे विषैले तत्व भी होते हैं, जो हमारे नियमित खान-पान में मिले होते हैं। और हम अनजाने में ही इनका सेवन कर लेते हैं। इन विषैले तत्वों से हमें छोटी-मोटी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से लेकर कैंसर तक हो सकता है। आइये जानते हैं ऐसे ही विषैले तत्वों के बारे में।

Image Source - Getty Images

'वाइट' प्रोसेस्ड फूड

जब होल ग्रेन को रिफाइन्ड किया जाता है, तो उसकी शेल्फ लाइफ को बढ़ाने की कोशिश में उसके ज्यादातर पोषण निकल जाते हैं। उसका चोकर और जर्म निकाल लिए जाते हैं और इस तरह फाइबर, विटामिन और मिनरल्स भी निकल जाते हैं। इन सबके निकाले जाने की वजह से रिफाइन्ड ग्रेन्स में फाइबर और अन्य पोषक तत्व नहीं बचते, इसलिए उन्हें पचाना कुछ ज्यादा ही आसान हो जाता है। इससे आपका ब्लड शुगर और इन्सुलिन काफी तेजी से बढ़ता है, जिससे कई स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं। इसलिए प्रोसेस्ड ग्रेन्स की जगह होल ग्रेन्स जैसे कि ब्राउन और वाइल्ड राइस, होल-वेट ब्रेड और पास्ता, बार्ले, ओटमील आदि खाएं। और वाइट ब्रेड आदि से दूर रहें।

Image Source - Getty Images

शॉर्टनिंग

ऐसी खाने की चीजों से परहेज करें जिसमें शॉर्टनिंग या आंशिक रूप से हाईड्रोजिनेटिड ऑयल का इस्तेमाल किया गया हो। ये खराब ट्रांस फैट होते हैं। ये आपकी धमनियों में अवरोध पैदा करने, मोटापे और मेटाबॉलिक सिंड्रोम का जोखिम बढ़ाते हैं। अधिक स्वास्थ्यवर्धक मोनो-अनसैचुरेटिड फैट को चुनें, जैसे कि ऑलिव, पीनट और कैनोला ऑयल और खाने की वे चीजें जिनमें अनसैचुरेटिड ओमेगा-3 फैटी एसिड मिला हो।

Image Source - Getty Images

कॉर्न सिरप

पिछले कुछ समय से हमारे द्वारा खाई जाने वाली रिफाइन्ड शुगर की मात्रा घटी है। लेकिन हम हाई फ्रुक्टोज कॉर्न सिरप की तकरीबन 20 गुना ज्यादा मात्रा का सेवन करने लगे हैं। हम किसी और स्रोत की तुलना में हाई फ्रुक्टोज कॉर्न सिरप से अधिक कैलोरी प्राप्त करने लगे हैं। यह लगभग हर चीज में है। यह ट्राइग्लिसराइड बढ़ाता है, फैट जमा करने वाले हार्मोन को बढ़ावा देता है और इसकी वजह से लोग ओवर ईटिंग करके वजन बढ़ा लेते हैं। कोशिश करें कि इस मीठे "जहर" से बचें।

Image Source - Getty Images

आर्टिफिशल स्वीटनर

ऐस्पर्टेम (न्यूट्रास्वीट, इक्वल), सैकरीन और सुकरालोज हमारे मेटाबोलिक सिस्टम के लिए सादे शर्करा से अधिक भारी पड़ते हैं। इन सबको डाइट-फ्रेंडली स्वीटनर माना तो जाता है लेकिन ये फायदे से ज्यादा नुकसान पहुंचाते हैं। अध्ययन बताते हैं कि आर्टिफिशल स्वीटनर मस्तिष्क को ये भुलाता है कि मीठे का मतलब अतिरिक्त कैलोरी होता है। इसे लोग ज्यादा मात्रा में खा लेते हैं। इस आदत को शुरुआती स्तर पर ही छोड़ दें। मीठी खाने की चीज़ों के लेबल पर लिखी सामग्री के बारे में पढ़ें और किसी भी प्रकार के आर्टिफिशल स्वीटनर का सेवन न करें।

Image Source - Getty Images

सोडियम बेन्जोएट और पोटाशियम बेन्जोएट

सोडियम बेन्जोएट और पोटाशियम बेन्जोएट जैसे प्रिजर्वेटिव कई बार सोडे में मिलाए जाते हैं, ताकि उसमें फफूंद लगने से रोका जा सके लेकिन बेन्जेन एक कैंसरकारी तत्व है। इससे गंभीर थायरायड क्षति का भी जोखिम होता है। सोडे की प्लास्टिक बोतलों को गर्माहट में रखने पर और इसके प्रिजर्वेटिव के एस्कोर्बिक एसिड (विटामिन सी) के साथ मिलने पर बेन्जेन अपने खतरनाक स्तर पर पहुंच सकता है। ऐसा खतरा न उठाएं।

Image Source - Getty Images

ब्यूटाइल हाईड्रोक्सीएनिसोल (बीएचए)

बीएचए भी संभावित कैंसरकारी तत्व है, हालांकि अमेरिकी एफडीए द्वारा इसे सुरक्षित माना गया है। इसका काम खाने की खराबी और फू़ड पॉइजनिंग को रोकने में मदद करने का होता है, लेकिन यह आपके हार्मोन को काफी नुकसान भी पहुंचा सकता है। बीएचए बहुत सारी खाने की चीजों में मौजूद होता है। ये फूड पैकिंग और कॉस्मेटिक्स में भी पाया जाता है।

Image Source - Getty Images

कृत्रिम रंग

नीला 1 और 2, हरा 3, लाल 3 और पीला 6 आर्टिफिशल रंग थायराइड, अधिवृक्क, मूत्राशय, गुर्दे, और मस्तिष्क के कैंसर से जुड़े हुए हैं। हमेशा ऐसी खाने की चीजों से बचें जिनमें ये रंग और आर्टिफिशल केमिकल मौजूद हो। खासतौर पर जब अपने बच्चों के लिए खाने-पीने की चीजों की खरीददारी कर रहे हों तो इसका ध्यान रखें। बिना रंग वाले और नेचुरल फूड प्रॉडक्ट का रुख करें।

Image Source - Getty Images

सोडियम नाइट्रेट और सोडियम नाइट्राइट

ये दोनों प्रिजर्वेटिव प्रोसेस मीट जैसे कि बेकन और हॉट डॉग्स में पाए जाते हैं। ये दोनों शरीर के लिए सबसे अधिक नुकसानदेह प्रिजर्वेटिव हैं। माना जाता है कि इनसे कोलोन कैंसर और मेटाबॉलिक सिंड्रोम का खतरा होता है। इससे डायबिटीज भी हो सकता है। हमेशा ताजा और ऑर्गेनिक मीट चुनकर अपनी सेहत का ख्याल रखें।

Image Source - Getty Images

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

More For You
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK