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इन लोगों को हो सकता है एचपीवी का ज्यादा खतरा

मानव पेपिलोमा वायरस यानी एचपीवी इंफेक्‍शन बहुत सामान्‍य है और सेक्‍स करने वाले कम से कम 50 फीसदी लोगों को अपने जीवन में इस संक्रमण का सामना करना पड़ता है।

एक्सरसाइज और फिटनेस By Shabnam Khan Mar 16, 2015

क्या है एचपीवी

मानव पेपिलोमा वायरस यानी एचपीवी इंफेक्‍शन बहुत सामान्‍य है और सेक्‍स करने वाले कम से कम 50 फीसदी लोगों को अपने जीवन में इस संक्रमण का सामना करना पड़ता है। लोगों को आमतौर पर इसके कोई लक्षण नजर नहीं आते और एचपीवी वायरस अपने आप चला जाता है। कुछ प्रकार के एचपीवी सरवाइकल कैंसर के कारण बन सकते हैं। इसके साथ ही इससे गुदा अथवा लिंग का कैंसर भी हो सकता है।

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कहां रहता है एचपीवी

एचपीवी शरीर की उपकला कोशिकाओं में रहता है। ये त्‍वचा की सतह पर पायी जाने वाली सपाट और पतली कोशिकायें होती हैं। इसके साथ ही ये कोशिकायें योनि, गुदा, योनी, गर्भाशय ग्रीवा, लिंग के शीर्ष, मुंह और गले की त्‍वचा की सतह पर भी मिलती हैं। आइये जानते हैं कि एचपीवी होने का खतरा किन लोगों को अधिक होता है।

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अल्कोहल का अधिक सेवन

मॉफिट कैंसर सेंटर की एक स्टडी के मुताबिक, जो लोग एक दिन में 2½ से अधिक ड्रिंक लेते हैं उन्हें मानव पेपिलोमा वायरस होने का जोखिम 13 प्रतिशत बढ़ जाता है। जो लोग इससे भी काफी अधिक मात्रा में शराब पीते हैं उनका खतरा सामान्य लोगों से 35 प्रतिशत तक बढ़ जाता है।

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उम्र बढ़ने पर बढ़ जाता है पुरूषों का खतरा

अमेरिका में हुई एक स्टडी के मुताबिक, 45 या उससे अधिक उम्र के लोगों को बहुत आसानी से मानव पेपिलोमा वायरस संक्रमण हो जाता है। इसलिए इस उम्र के लोगों को इससे संबंधित लक्षणों को गंभीरता से लेना चाहिए।

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अधिक लोगों के साथ यौन संबंध

जो पुरूष एक से अधिक लोगों के साथ यौन संबंध बनाते हैं, उन्हें यह बीमारी होने का खतरा अधिक होता है। ऐसे में संक्रमण बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है।

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इम्यून सिस्टम

इम्यून सिस्टम जिन लोगों का बहुत कमजोर होता है वो इस वायरस से बहुत जल्दी प्रभावित हो जाते हैं। ऐसे लोग जो उन दवाओं का सेवन कर रहे हों जिनके इस्तेमाल से इम्यून सिस्टम प्रभावित होता है उन लोगों को एचपीवी के लक्षणों को दरकिनार नहीं करना चाहिए वरना परिणाम गंभीर भी हो सकते हैं।

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उम्र

बच्चे और किशोरों में कॉमन वार्ट्स और फ्लैट वार्ट्स विकसित होने का सबसे अधिक जोखिम होता है। जेनिटल एचपीवी इंफेक्शन अक्सर किशोरों और युवाओं को हो जाता है।

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मां से बच्चे तक

जेनिटल एचपीवी इंफेक्शन भी उन बीमारियों में से है जो मां से बच्चे में आ सकती है। यदि मां को जेनिटल एचपीवी इंफेक्शन हो तो प्रसव के दौरान नवजात उस इंफेक्शन से पीड़ित हो सकता है।

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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