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बिना एहसास इन 4 तरीकों से खुद को फ्लू के खतरे में डाल रहे हैं आप

कई बार आप एहसास किये बिना अप्रत्‍याशित तरीकों से खुद को फ्लू के खतरे में डाल देते है। आइए ऐसे की कुछ आश्चर्यजनक जोखिम कारकों की जानकारी लेते हैं।

संक्रामक बीमारियां By Pooja SinhaOct 16, 2015

आश्चर्यजनक जोखिम कारक

मौसमी फ्लू को रोकने के लिए महत्‍वपूर्ण कदम उठाना बहुत जरूरी होता है। और अगर इस वर्ष फ्लू से बचने के लिए आपने पहले से ही तैयारी कर ली है, यानी छींक आने पर रूमाल का इस्‍तेमाल, हाथों को अच्‍छे से धोना और वायरस फैलाने वाली भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचना आदि तो आप सही रास्‍ते पर है। लेकिन कई बार इन अप्रत्‍याशित तरीकों से बिना एहसास किये आप खुद को फ्लू के खतरे में डाल देते है। आइए ऐसे की कुछ आश्चर्यजनक जोखिम कारकों की जानकारी लेते हैं।

बहुत ज्‍यादा चिंता

बीमार होने का डर भी आपको बीमार बना देता है। हालांकि इस डर को दूर करना आसान है, लेकिन चीजों के होने संभावना को देखना भी महत्‍वपूर्ण होता है। शोधों के अनुसार, चिंता के कारण एसिड रिफेक्‍स, अनिद्रा, त्‍वचा पर चकत्‍ते और डिप्रेशन जैसी कई प्रकार की बीमारियां होती है और इससे आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर कर फ्लू के खतरे को बढ़ा देती है।

हाथ मिलाना

क्‍या सिर्फ हाथ मिलाना इतना खतरनाक भी हो सकता है? जीं हां संक्रमित व्‍यक्ति के साथ निकट संपर्क वायरस के होने के सबसे आसान तरीकों में से एक है। इसका मतलब यह नहीं कि आप लंबे समय तक चलने वाले फ्लू के मौसम में असामाजिक हो जाये, लेकिन आपको संभव संचरण के अवसरों के बारे में पता होना चाहिए।

स्‍मोकिंग

सिगरेट पीने से नासिका मार्ग और फेफड़ों में छोटी परत जमने से छोटे-मोटे रोगों से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है, जिससे कीटाणुओं के जाल से निपटना मुश्किल हो जाता है और आपका शरीर कीटाणुओं के हमले के प्रति अतिसंवेदनशील हो जाता है। ब्रुकलीन में डाउनस्‍टेट मेडिकल सेंट्रर के एमडी पास्‍कल जेम्‍स के अनुसार, धूम्रपान से होने वाले असर के रूप में फेफड़ों पर सबसे पहले नुकसान आपको कई अन्‍य प्रकार के गंभीर जटिलताओं के जोखिम में भी डाल सकता हैं। लगातार धूम्रपान करने वालों को तो हमेशा श्‍वसन जैसे गंभीर वायरल संक्रमण के प्रति बहुत संवेदनशील रहते हैं।

गलत तरीके से हाथ धोना

क्‍या आप जानते हैं कि गलत तरीके से हाथ धोने से भी आप फ्लू के सबसे ज्‍यादा जोखिम पर रहते है। बहुत सारे लोग स्‍क्रबिंग की सलाह के बावजूद, सही तरीके से हाथ नहीं धोते। साबुन और डिटर्जेंट एसोसिएशन द्वारा जारी रिर्पोट के अनुसार, हालांकि फ्लू से सुरक्षा के लिए बार-बार और जल्‍दी हाथों धोना, ए‍क दिन में लगभग 10 बार अच्‍छा माना जाता है, लेकिन 39 प्रतिशत लोग खांसने या छींकने के बाद कभी भी हाथ नहीं धोते।

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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