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इन 4 कारणों से होता है सोरायसिस, ऐसे पाएं छुटकारा

सोरायसिस एक गैर संक्रामक त्वचा रोग है जिसके कारण का अभी तक ठीक से पता नहीं चला है। इस रोग से पीड़ित व्यक्ति की त्वचा पर लाल रंग की मोटी सतह उभरकर आती है। यह त्वचा पर लाल दाग-धब्बों के रूप में दिखने लगती है जिसमें काफी दर्द भी हो सकता है। इसके 4 प्रमु

फैशन और सौंदर्य By Atul ModiDec 27, 2017

आनुवंशिकी

आनुवंशिकी सोरायसिस के लिए सबसे लोकप्रिय कारण माना जाता है। यह माना जाता है कि अगर एक अभिभावक को सोरायसिस है, तो बच्चे को 15% तक इस रोग के विकास की संभावना रहती है। अगर दोनों माता-पिता को यह रोग है तो संतानों को 60% तक यह रोग हो सकता है।




इम्‍यून सिस्‍टम

इम्‍यून सिस्‍टम एक असामान्य प्रतिक्रिया का अनुभव करती है जिसमें यह स्वस्थ त्वचा कोशिकाओं पर हमला करने लगती है। हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली आमतौर पर वायरस और जीवाणुओं पर हमला करने के लिए जिम्मेदार होती है, लेकिन अनेक कारणों से शरीर की रोग प्रतिरोधक शक्ति अपने ही शरीर के अंगो को हानि पंहुचाने लगती है और अनेक रोगों का कारण बनती है। इससे नई त्वचा कोशिकाओं का उत्पादन होता है जो स्केल पैच बनाने के लिए तैयार होते हैं।

संक्रमण

कभी-कभी, वायरल या बैक्टीरियल संक्रमण भी सोरायसिस के लिए एक कारण हो सकता है। कई बार त्वचा पर चोट लगाने के कारण चोट की जगह या उसके आस पास की जगह पर सोरायसिस हो सकता है। कुछ पर्यावरण स्थितियों में जीन का सक्रिय होना भी सोरायसिस के पीछे का एक कारण हो सकता है।

असंतुलित खानपान

आयुर्वेद के अनुसार असमान भोजन को एक साथ खाने से भी यह रोग हो सकता है। इसलिए शहद, लहसुन, मूली, तेलयुक्त भोजन, समुद्री भोजन, खट्टा या मसालेदार भोजन, जंक फूड का अत्यधिक सेवन भी सोरायसिस का कारण हो सकता है। तनाव और मानसिक विकार भी सोरायसिस में एक प्रमुख भूमिका निभा सकते हैं। शराब और अत्यधिक धूम्रपान की अत्यधिक खपत से सोरायसिस बढ़ सकता है।

कैसे पाएं निजात

इस समस्या में आपको हरी पत्तेदार सब्जियां, फलियां, दाल, फल, मछली आदि का उपभोग करना चाहिए। इन खाद्य पदार्थों में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं और कुछ खाद्य पदार्थ फाइबर में समृद्ध होते हैं, जो शरीर की गंदगी बाहर निकालने में मदद करते हैं। आपको बहुत ज्यादा नमकीन भोजन के सेवन से बचना चाहिए। जंक फूड का सेवन बिलकुल नहीं करें और आसानी से पचने योग्य भोजन का सेवन करें। बहुत खट्टा खाना आपके लिए उचित नहीं है। अत्यधिक दही और उड़द की दाल के सेवन से बचें। शराब व धूम्रपान से बचें।

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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