गर्भावस्‍था के बाद महिलाओं में छिपी भावनाओं को जानें

बच्‍चे को जन्‍म देने के बाद महिला कई प्रकार के हार्मोनल परिवर्तन से गुजरती है, गर्भावस्‍था के बाद, यह परिवर्तन सबसे ज्‍यादा नाटकीय होते हैं। आइए इस स्‍लाइड शो के माध्‍यम से जानें बच्‍चे के जन्‍म के बाद नई माताओं को किन भावनाओं से गुजरना पड़ता है।

गर्भावस्‍था By Pooja Sinha / Mar 01, 2016
पोस्‍ट गर्भावस्‍था बदलाव

पोस्‍ट गर्भावस्‍था बदलाव

गर्भावस्‍था निसंदेह आपकी भावनाओं का ही एक हिस्‍सा है, जिसका अनुभव हर महिला को होता है। लेकिन पोस्‍ट गर्भावस्‍था, भावनाओं की ऐसी मिक्सिड स्थिति है, जिसकी व्‍याख्‍या करने की किसी भी महिला में क्षमता नहीं होती। जब बच्‍चे का जन्‍म होता है तो एक अद्भुत खुशी का एहसास होता है, लेकिन माता-पिता शब्‍दों में इस खुशी के अनुभव की व्‍याख्‍या नहीं कर सकते।
विशेष रूप सें महिलाएं गर्भावस्‍था और जन्‍म देने के बाद कई प्रकार के हार्मोनल परिवर्तन से गुजरती है, गर्भावस्‍था के बाद, यह परिवर्तन सबसे ज्‍यादा नाटकीय होते हैं। विज्ञान के अनुसार, आमतौर पर एक महिला में कई तरह की छिपी भावनाएं देखने को मिलती है। आइए इस स्‍लाइड शो के माध्‍यम से जानें बच्‍चे के जन्‍म के बाद नई माताओं को किन भावनाओं से गुजरना पड़ता है।

संदेह की भावना

संदेह की भावना

बहुत सारी माताओं ने इस बात को स्‍वीकार किया है क्‍योंकि संदेह की भावना समय के साथ उनके मन पर कब्‍जा कर लेती है। इस शक की प्रकृति से छुटकारा पाने के लिए, अपने साथी से इस बारे में बात करना सबसे अच्‍छा रहता है।

डर और क्रोध

डर और क्रोध

डर दूसरी सबसे बड़ी समस्‍या जो नई मां महसूस करती है। इसमें मामूली भय से अधिक जटिल भय की भावना शामिल होती है। डर की भावना कई नए माताएं विशेष रूप से मातृत्व के प्रारंभिक दौर में, पोस्ट गर्भावस्था के बाद अपने आप ठीक हो जाती है। एक शोध के अनुसार, क्रोध और चिड़चिड़ापन प्रसवोत्तर मूड विकारों के लक्षण हैं। इन आम समस्याओं को पोस्ट गर्भावस्था के बाद महिलाओं को सामना करना पड़ता हैं।

गर्भावस्‍था के बाद उदासी

गर्भावस्‍था के बाद उदासी

मूड में बदलाव और चिंता के लक्षणों के साथ प्रेरणा की कमी, नींद न आना और निराशा की भावना ऐसे कुछ विचार है जो किसी भी महिला के मन में पोस्‍ट गर्भावस्‍था मे आते हैं। यह औसतन 50 प्रतिशत महिलाओं को प्रभावित करते हैं। यह आमतौर पर बच्‍चे के जन्‍म के 3 से 5 दिन बाद देखने को मिलते हैं। गर्भावस्‍था के बाद सभी महिलाओं को सहानुभूतिपूर्वक समझे और सुनें इस समय उसे अपने पार्टनर की सबसे ज्‍यादा आवश्‍यकता होती है।

 

खुशी महसूस करना

खुशी महसूस करना

कहा जाता है कि पोस्‍ट गर्भावस्‍था के बाद नकारात्‍मक विचारों की तरह एक महिला में सकारात्‍मक भावनाएं भी देखने को मिलती है और यह खुशी आमतौर पर मिक्सिड होती है। यह काफी अजीब है,  लेकिन दुनिया में सबसे बड़ी खुशी की बात है।

अकल्पनीय घबराहट और अतिसंवेदनशीलता

अकल्पनीय घबराहट और अतिसंवेदनशीलता

बच्‍चे को जन्‍म देने के बाद आमर्तार पर महिलाएं बहुत भावुक हो जाती हैं। पोस्‍ट गर्भावस्‍था में महिला का आसानी से भौंचक्का, परेशान और बहुत ज्‍यादा चिंतित होना बहुत ही सामान्‍य बात है। गर्भावस्‍था के बाद महिला खुद को सभी चीजों या लोगों से भावनात्‍मक गहराई से प्रभावित महसूस करती है। यह अनुभव समय के साथ और भी भ्रमित करता जाता है।

Image Source : Getty

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

More For You
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK