बैठे रहने से स्वास्थ्य को होते हैं ये खतरे

लम्बे समय तक बैठे रहने से शरीर में हानिकारक परिवर्तन होते हैं और कई गंभीर समस्याएं भी हो सकती हैं।

तन मन By Rahul Sharma / Jun 10, 2014
बैठे रहने से रोग

बैठे रहने से रोग

लम्बे समय तक बैठे रहने से शरीर में हानिकारक परिवर्तन होते हैं। जब हम घंटों टीवी या कंप्यूटर के सामने बैठे रहते हैं तो यह हानिकारक होता है और इससे व्यक्ति कई बीमारियों का शिकार हो सकता है। आमतौर पर लोग दफ्तरों में भी घंटे एक जगह कंप्यूटर के सामने बैठे रहते हैं और यह उन्हें सिर से लेकर पैर तक कई बीमारियों का शिकार बना सकता है।
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हाई ब्लड प्रैशर व कोलैस्ट्रॉल

हाई ब्लड प्रैशर व कोलैस्ट्रॉल

लंबे समय तक बैठ कर काम करने या टीवी देखने से विभिन्न अंगों को नुकसान होता है। ऐसा करने से उच्च रक्तचाप की समस्या हो सकता है और कोलैस्ट्रॉल भी बढ़ सकता है। शोध में पाया गया कि ये समस्याएं बहुत कम बैठने वाले लोगों की तुलना में ज्यादा समय तक बैठने वालों में दोगुनी तक होने की आशंका होती है।
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अग्नाशय या पाचक ग्रंथि में समस्या

अग्नाशय या पाचक ग्रंथि में समस्या

लंबे समय तक एक ही जगह और स्थिति में बैठे रहने से अग्नाशय या पाचक ग्रंथि अधिक सक्रिय हो जाती है, जिस कारण इंसुलिन का निर्माण अधिक हो जाता है और शरीर को नुकसान होता है और मधुमेह और अन्य बीमारियां होती हैं।  
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कोलोन कैंसर का जोखिम

कोलोन कैंसर का जोखिम

कई अध्ययनों से पता चला है कि लंबे समय तक बैठे रहने से कोलोन कैंसर की भी संभावना पैदा हो जाती है। इतना ही नहीं इस कारण कारणों से ब्रैस्ट और एन्डोमेट्रीअल कैंसर होने का भी खतरा पैदा हो सकता है।
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मांसपेशियां कमजोर होना

मांसपेशियां कमजोर होना

जब सक्रिय रहते हैं तो आपकी मांसपेशियां भी सक्रिय बनी रहती हैं लेकिन जब आप अधिक समय तक बैठे रहते हैं तो पीठ और पेट की मांसपेशियां ढीली पड़ने लगती हैं। इसी के चलते कूल्हे और पैरों की मांसपेशियां कमजोर पड़ने लगती हैं।
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रीढ़ की हड्डी को नुकसान

रीढ़ की हड्डी को नुकसान

लम्बे समय तक एक जगह बैठे रहने से रीढ़ की हड्डी पूरी तरह सीधी नहीं रह पाती और इसके परिणामस्वरूप कूल्हे और पैरों की सक्रियता प्रभावित होती है और ये अंग धीरे-धीरे सख्त होते जाते हैं और इनकी स्वाभाविक नमी खत्म होने लगती है।
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ओस्टियोपोरोसिस

ओस्टियोपोरोसिस

नियमित रूप से देर तक बैठे रहने से वजन भी बढ़ता है, जिस कारण कूल्हे और इसके नीचे के अंगों की हड्डियां कमजोर हो जाती हैं। शारीरिक सक्रियता की कमी के चलते ओस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारियां भी आम होती जा रही हैं।
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दिमाग पर प्रभाव

दिमाग पर प्रभाव

लगातार देर तक बैठे रहने से दिमाग भी प्रभावित होता है और इसकी काम करने की क्षमता धीमी पड़ती जाती है। दरअसल मांसपेशियों की सक्रियता से दिमाग में ताजा खून और ऑक्सीजन पहुंचते हैं जिससे ऐसे रसायन उत्पन्न होते हैं जो दिमाग को सक्रिय बनाते हैं लेकिन जब बैठए रहने से ऐसा नहीं हो पाता तो दिमाग की क्षमता पर भी विपरीत असर पड़ता है।
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गर्दन में दर्द व तनाव

गर्दन में दर्द व तनाव

लंबे समय तक कम्प्यूटर पर बैठने या टीवी देखने से गर्दन की हड्डी पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है और वह सख्त हो जाती है। इस अस्वाभाविक स्थिति के परिणामस्वरूप गर्दन में तनाव पैदा हो जाता है, जिस कारण कंधों और पीठ में भी दर्द होने लगता है।
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क्या कहते हैं शोध

क्या कहते हैं शोध

ब्रिटेन की स्पोर्ट्स मेडिसिन पत्रिका के अनुसार दिन में कम से कम छह घंटे तक टेलीविजन देखने वालों की उम्र के पांच वर्ष तक कम हो जाते हैं। पत्रिका के अनुसार शरीर के किसी भी जगह पर ज्यादा समय तक दवाब पड़ने से उस स्थान पर 50 प्रतिशत तक फैट जमा हो जाता है।
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