• shareIcon

ठंड में जोड़ों के दर्द के कारण और बचाव

ठंड के मौसम में रक्‍तवाहिनियां सिकुड़ जाती हैं, जिससे खून का तापमान कम होने लगता है और इससे जोड़ सिकुडने लगते हैं, यही वजह है कि ठंड के मौसम में जोड़ों में अधिक दर्द होता है।

अर्थराइटिस By Nachiketa Sharma / Nov 28, 2014

ठंड में जोड़ों का दर्द

ठंड का मौसम शुरू होते ही कई प्रकार की समस्‍यायें शुरू हो जाती हैं, खासकर जोड़ों से संबंधित समस्‍या। इस मौसम में जोड़ों का दर्द किसी को भी अपनी चपेट में ले सकता है। अगर आपकी हड्डियां कमजोर हैं तो सर्द मौसक का अधिक असर दिखेगा। इस मौसम में उम्रदराज लोगों को सबसे अधिक समस्‍या होती है, क्‍येांकि उनका बोन डेंसिटी कम हो जाता है। इसलिए सर्दी के मौसम में जोड़ों के दर्द को कम करने वाले उपाय आजमाने चाहिए।

image source - getty images

क्‍यों होता है जोड़ों में दर्द

सर्द के मौसम में जोड़ों का दर्द अधिक सताता है। जैसे-जैसे तापमान कम होता जाता है, रक्तवाहिनियां सिकुड़ने लगती हैं और उस हिस्से में खून का तापमान कम होने लगता है। इसके कारण जोड़ सिकुड़ने लगते हैं और दर्द बढ़ जाता है। इसके अलावा ठंड में दिल के आसपास रक्त की गर्माहट बनाए रखने के लिए शरीर के अन्य अंगों में रक्त की आपूर्ति कम हो जाती है, जिसका परिणाम जोड़ों में दर्द है।

image source - getty images

अर्थराइटिस में अधिक समस्‍या

अगर आप किसी भी तरह के अर्थराइटिस से ग्रस्‍त हैं तो ठंड के मौसम में होने वाला अर्थराइटिस का दर्द असहनीय हो जाता है। कई तरह के अर्थराइटिस है, जैसे - ऑस्टियो अर्थराइटिस, रूमेटॉइड अर्थराइटिस, सोराइटिक अर्थराइटिस, पोलिमायल्गिया रूमेटिका, एन्‍कायलॉजिंग स्पोंडिलाइटिस, थ्रोएक्टिव अर्थराइटिस, गाउट, सिउडोगाउट, पोलिमायोसाइटिस आदि। लेकिन सबसे अधिक दर्द रूमेटाइड और ऑस्टियो अर्थराइटिस में होता है।

image source - getty images

हड्डियां कमजोर हैं तो

अगर आपकी हड्डियां कमजोर हैं तो इसके इसमें कैल्शियम की कमी है। दरअसल किसी भी जोड़ में हड्डियां आपसी संपर्क में नहीं आ पाती हैं, जोड़ों के बीच में एक कार्टिलेज का कुषन होता है। हम जब बूढ़े होने लगते हैं तब कुषन को लचीला और चिकना बनाए रखने वाला लुब्रीकेंट कम होने लगता है। इसके अलावा लिगामेंट्स की लंबाई और इसका लचीलापन भी कम हो जाता है, इसके कारण जोड़ों में अकड़न होती है।

image source - getty images

सुबह की धूप

ठंड के मौसम में अगर जोड़ों में अधिक दर्द है तो इससे बचाव के लिए सुबह की गुनगुनी धूप जरूर लीजिए। इसमें विटामिन डी होता है जो कमर दर्द और जोड़ों के दर्द से आराम दिलाता है। अमेरिका में हुए एक शोध में विटामिन की कमी हो जाये तो हड्डियों की सतह कमजोर होने लगती है और इसके कारण जोड़ों में दर्द होता है। विटामिन डी की कमी पूरा करने के लिए सुबह की धूप लीजिए।

image source - getty images

खानपान में सुधार

अगर ठंड के मौसम में जोड़ों का दर्द सता रहा है तो खानपान में सुधार करने की जरूरत है। विटामिन डी और अन्‍य विटामिन के लिए नाइसिन युक्त पदार्थ जैसे - मीट, मछली, डेयरी उत्‍पाद खायें। इसके अलावा अंडे, सोयाबीन, दलिया, साबुत अनाज, दाल व मूंगफली को भी अपने आहार में शामिल कीजिए। जोड़ों के दर्द से आराम के लिए फल खायें, खूब सारा पानी पियें।

image source - getty images

योग मिटाये रोग

जोड़ों के दर्द से परेशान हैं तो योग की शरण में जाइये। जोड़ों के दर्द में कई महत्वपूर्ण आसन हैं, जैसे - गिद्धासन व प्राणायाम। नियमित रूप से व्‍यायाम को अपनी दिनचर्या में शामिल कीजिए। सुबह के वक्‍त व्‍यायाम और योग करना अधिक फायदेमंद है। इसलिए सुबह 30 से 40 मिनट तक व्‍यायाम जरूर कीजिए।

image source - getty images

इनका भी ध्‍यान रखें

वर्तमान में तनावपूर्ण माहौल और शारीरिक सक्रियता की कमी के कारण भी ठंड के मौसम में जोड़ों में दर्द होता है। समय की कमी के कारण आप न तो व्‍यायाम कर पाते हैं और न ही सुबह के वक्‍त धूप का आनंद ले पाते हैं। लगातार कई घंटों तक एक ही कुर्सी और कंप्यूटर के आगे बैठने से आपके जोड़ अकड़ जाते हैं। इसलिए जरूरी है कि अपने लिये थोड़ा वक्‍त निकालें और जोड़ों की समस्‍या से बचाव कीजिए।

image source - getty images

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

More For You
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK