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एक भरोसेमंद प्रेमी की पहचान के 10 तरीके

मिस्टर / मिसइज राइट की तलाश हर कोई जीवन में करता है। हालांकि प्यार और भरोसे को मापने का कोई सटीक पैमाना नहीं है, लेकिन कुछ तकीके हैं जिसकी मदद से भरोसेमंद प्रेमी की पहचान की जा सकती है।

डेटिंग टिप्स By Rahul Sharma / Mar 21, 2014

मिस्टर / मिसइज राइट

मिस्टर / मिसइज राइट की तलाश भला किसे नहीं होती। हर कोई जीवन एक भरोसेमंद, प्यार करने वाले साथी की कामना करता है। स्त्री-पुरुष का रिश्ता एक ऐसी पहेली है, जिसके प्यार को मापने का कोई सटीक पैमाना नहीं है। हालांकि कुछ छोटी-छोटी पर जरूरी बातों पर ध्यान देकर आप सही साथी का चुनाव कर सकते / सकती हैं। लेकिन स वाल ये खड़ा होता है कि ये कौंन सी बातें हैं और किसी भर कैसे भरोसा किया जाए, या कैसे पता किया जाए कि आपके लिए यह साथी सही है। तो चलिए जानते हैं कि एक भरोसेमंद प्रेमी की पहचान के क्या तरीके होते हैं।

सही शुरूआत

भरोसेमंद साथी चुनने के लिए केवल यही काफी नहीं कि आप उसे प्यार करते हैं और इसीलिए वह आपके लिए एकदम ठीक है। यह जानना भी जरूरी है कि क्या आपका और उनका साथ पूरी तरह से ठीक बैठता है या नहीं? इसे बात पर अच्छी तरह विचार करना बेहद जरूरी होता है। क्योंकि यह आपके जीवन का एक अहम फैसला होता है। आपकी पसंद पर ही आपका पूरा भविष्य टिका होता है, इसीलिए आपको पूरी तरह आश्वस्त होना चाहिए कि आपकी पसंद हर मायने में आपके लिए सही है।

अपनी पसंद चुनें

सबसे पहले किसी ऐसे इंसान का चुनाव करें जिससे आप अटेज्ड हों। जाहिर है, कोई ऐसा इंसान जिसे आप ठीक से जानते नहीं और ना ही उससे आपको लगाव है, का चुनाव करना ठीक न होगा। लेकिन जब हब हम 'अटेज्ड' शब्द का प्रयोग करते हैं तो इसका मतलब यह नहीं कि आप उस इंसान कोउसके रूप-रंग की वजह से पसंद करते / करती हैं। इससे तात्पर्य है कि वह इंसान भी आपमें बी उतनी है रुची व प्रेम रखता है। ध्यान रखें सौंदर्य केवल रंग-रूप मात्र नहीं होता। रूप से अलेदा उस इंसान का इमानदार, अच्छे स्वभाव व चरित्र का होना कहीं ज्यादा जरूरी होता है।

ईमानदार होकर करें चुनाव

अपने लिए सही साथी का चुनाव करने के लिए सबसे पहले आपको खुद से पूरी ईमानदारी के साथ यह सवाल करके देखना होगा कि आप उसे प्यार क्यों करती हैं या फिर उसके साथ क्यों हैं? लेकिन अगर आप ये ही सवाल आप अपने मित्रों से करें तो वे शायद आश्चर्यचकित हो जाएं और उनका जवाब हो 'क्योंकि वो मुझे प्यार करता / करती है' या फिर 'मैं उसे दुखी नहीं करना चाहती / चाहता'। इस तरह के जवाब इस बात की ओर इशारा करते हैं कि यह रिश्ता पूरी तरह से डर, असुरक्षा व दया पर कायम है। लेकिन जब रिश्तों में बहुत सारे 'अगर−मगर', 'लेकिन' व 'और' आने लगें तो इसका मतलब है कि जल्दी या फिर देर से ही सही इस रिश्ते का अंत निश्चित है।

सही तरह समझें रिश्तों की बातों को

खुद से सवाल करने का यह अर्थ कतई नहीं कि आपका संबंध विच्छेद हो जाएगा। हो सकता है कि आप अपनी बाकी की जिंदगी एक−दूसरे के साथ ही गुजारें लेकिन एक आदर्श जोड़े के रूप में आप नाकामयाब हों। तो तब सवाल उठता है कि फिर भला आप सही साथी का चुनाव कैसे करें। देखिए इस बात में तो कोई शक नहीं कि आप उसे साथी चुनते हैं जो आपको पहली नजर में ही आकर्षित करता है, पर इसका अलावा भी बहुत से ऐसे पक्ष हैं जो बेहद महत्वपूर्ण हैं, जिनको नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। जैसे......

बातचीत का स्तर

जब आप अपने साथी से बात करें तो ध्यान दें कि उसका और आपका स्तर समान है या नहीं? या आपकी किसी बात का जवाब देने में उसे कितना समय लगता है? क्या आप उसके साथ बोर हो जाते हैं जब आपके सवाल के जवाब में सवाल के जवाब को छोड़कर बाकी सारी जलेबियां तोड़ता / तोड़ती है? या फिर उसका मजाक आपको पसंद नहीं है? क्या वह आपकी तुलना में बहुत धीरे बोलता / बोलती है? जब आप बोलते हैं तो क्या वह पूरी तरह आपकी बात समझता है? क्या आप वास्तव में उससे सभी तरह की बातें कर सकती हैं? आदि।

रुचियों में समानता

एक बेहतर साथी के चुनाव के लिए आप दोनों में ऐसा कुछ जरूर होना चाहिए जो समान हो। नहीं तो न तो आपके पास बात करने के लिए कुछ होगा और न ही मिलकर कुछ करने के लिए। और यदि आप ऐसे में साथ रह भी लेते हों तो यमय बीतने के साथ स्थिति और भी खराब होती जाएगी। ऐसे में शारीरिक संबंध भी आपको काफी दूर ले जा सकते हैं। जब दो व्यक्तियों की रूचियां ना मिलती हों तो ऐसे में हमेशा किसी एक को दूसरे के लिए अपनी इच्छाओं की बलि देनी पड़ती है। या फिर आप पूरी तरह से अलग जिंदगी जिएंगे।

क्या हैं ख्वाहिशें

देखिए इस बात का बहुत फर्क पड़ता है कि क्या आप दोनों ही जिंदगी में एक ही तरह की चीजें चाहते हैं? या वह आपकी उन्नति की परवाहग किए बिना स्वयं आगे जाना चाहता है? यह जरूर जानें कि क्या वह आपको अपनी इच्छा का कॅरियर अपनाने की स्वतंत्रता देने की इच्छा रखता है? यहां तक कि अगर देर रात तक काम करना हो तो वह इसकी इजाजत देगा की नहीं?

सम्मान और विश्वास

किसी भी रिश्ते में सम्मान और विश्वास आत्मा की तरह होते हैं। इसलिए सुनिश्चित कर लें कि आप दोनों एक दूसरे का सम्मान करते हैं। इसके कई तरीके हैं, रोजमर्रा की कई छोटी-छोटी बातें आपको इस बात का अहसास करा सकती हैं की वह इंसान आपका सम्मान करता है और आप पर यकीन करता है।

बिताएं साथ समय

एक-दूसरे को ठीक प्रकार से समझने के लिए साथ समय बिताएं। जब तक आप दोनों एक साथ समय नहीं बिताएंगे, आप एक दूसरे के बारे में ठीक से नहीं जान पाएंगे। इसलिए डेट पर जाएं और अपने साथी को अलग-अलग जगह लेकर जाएं। इससे आपको उसकी आदतों और व्यवहार के बारे में सही जानकारी हो सकेगी।

प्री मैरीटल काउंसलिंग

देखिए प्रेम-प्रसंग से शादी तक पहुंचने से पहले आजकल "प्री मैरीटल काउंसलिंग" या विवाहपूर्व मार्गदर्शन, एक अच्छे विकल्प के रूप में उभर कर सामने आ रहा है। इसके अंतर्गत लड़का-लड़की के स्वभाव, पसंद-नापसंद, भविष्य की योजना, अपेक्षाएं आदि आवश्यक विषयों पर चर्चा कर उन्हें एक-दूसरे को समझने का मौका दिया जाता है। इसकी मदद से न केवल सही जीवन साथी चुनने में मदद मिलती है, बल्कि गलत परिस्थितियों के बनने की आशंका कम हो जाती है।

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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