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ये 10 तरीके आपको बिना दर्द के दौड़ने में करेंगे मदद

बिना दर्द के दौड़ लगाना बहुत मुश्किल काम नहीं है, अगर कुछ बातों का ध्‍यान रखेंगे और सही तरीके से दौड़ेंगे तो दर्द से बचे रहेंगे।

एक्सरसाइज और फिटनेस By Nachiketa Sharma / Jun 04, 2014

दौड़ के फायदे

दौड़ने से अच्‍छा व्‍यायाम नहीं हो सकता है, आप अगर रोज दौड़ लगाते हैं तो इससे दिल मजबूत होगा और आपका वजन भी नहीं बढ़ेगा। लेकिन अगर आप लंबी दौड़ लगाना चाहते हैं, किसी मैराथन में हिस्‍सा लेना चाहते हैं तो दौड़ने की बारीकियों के बारे में जानकारी होना भी जरूरी है नहीं तो दौड़ने के बाद आपको कई दिनों तक दर्द होगा। इसलिए लंबी दौड़ लगाने से पहले कुछ बातों का खयाल रखें।

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छोटी शुरुआत कीजिए

शुरुआत के एक सप्ताह में 20 से 30 मिनट तक हल्की चहलकदमी करें। 100 से 200 मीटर के दायरे में अपनी एक्सरसाइज समेट दें। इस बात का ध्यान रखें कि इस दौरान आपको ज्यादा थकान तो नहीं महसूस हो रही है। अगर आपको लगे कि आपकी सांस जरूरत से ज्यादा फूल रही है तो इसका मतलब है कि आपको एक्सरसाइज की दूरी, स्पीड और समय कम कर देना चाहिए। अगर आप सामान्य और सहज महसूस करें तो दूरी, स्पीड और समय बढ़ा सकते हैं।

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धीरे-धीरे सीखें

लंबा दौड़ना है तो इसके लिए जल्‍दबाजी बिलकुल न करें। अपने आप को पूरा समय दीजिए ताकि आपको दौड़ने के सही तरीकों के बारे में अच्‍छी जानकारी हो जाये। एक ट्रेनर की मानें तो 8 सप्‍ताह में 5 किमी की दौड़ लगाने का प्रयास करें, 10 सप्‍ताह में 10 किमी और 16 सप्‍ताह में हॉफ मैराथन और 24 सप्‍ताह में मैराथन दौड़ने की कोशिश कीजिए।

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पॉश्चर का खयाल

दौड़ते समय आपका पॉश्‍चर सही होना चाहिए। अगर आपका पॉश्चर सही नहीं है तो मांसपेशियों को नुकसान हो सकता है। आपकी पीठ एकदम सीधी होनी चाहिए, हाथ सीने से ऊपर न उठे हों। आपके हाथ खुले नहीं होने चाहिए, बल्कि उंगलियों की मुट्ठी बंधी होनी चाहिए। आपकी कोहनी 90 डिग्री के कोण पर मुड़ी होनी चाहिए। दोनों हाथों की पोजीशन एक जैसी हो। पैरों का भी पूरा खयाल रखें, पैर उठाने और रखने में उछाल नहीं होना चाहिए, बल्कि सहजता हो।

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लंबी दौड़ लगाने के बाद

आपने दौड़ लगा लिया है उसके बाद आपका अनुभव कैसा रहा। दौड़ खत्‍म करने के बाद आप कमजोरी का एहसास तो नहीं कर रहे। इसके अलावा आपने जो ट्रेनिंग ली है उस दौरान आपका स्‍टैमिना कितना बढ़ा है इस बात को भी जान लीजिए। यह अगर आपका आत्‍मविश्‍वास बढ़ रहा है तो यह अच्‍छी बात है।

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सही तकनीक की जानकारी

आप लंबी और दर्द रहित दौड़ तभी लगा पायेंगे जब आपको सही तरीके से दौड़ लगाने की तकनीक की जानकारी हो। सही तकनीक से मतलब है, दौड़ लगाते वक्‍त आपकी मांसपेशियों का प्रयोग कैसा हो रहा है, शरीर का पॉश्‍चर कैसा है, आराम मिल रहा है या नहीं। इन सब बातों को अच्‍छे से जानने के बाद ही आप लंबी रेस लगाने में सफल रहेंगे।

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कपड़ों का ध्‍यान रखें

दौड़ते वक्‍त अपने कपड़ों पर भी ध्‍यान दीजिए। अच्छी फिटिंग वाली ड्रेस ही पहनें। ऐसे ड्रेस जो न ही ज्यादा चुस्त हो और न ही ज्यादा ढीला। आपको सिर्फ और सिर्फ उन्हीं ड्रेस का चुनाव करना चाहिए, जो केवल दौड़ने के लिए बनाये गये हों।

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जूतों का चयन

दर्द रहित दौड़ लगाने के लिए सही जूते होना बहुत जरूरी है। अगर आपके जूते सही नहीं हैं तो आपके पैरों में फ्रैक्‍चर हो सकता है और अगर पैरों में जूते फिट नहीं हुए तो इसके कारण पैरों की मांसपेशियों में भी खिंचाव आ सकता है। इस‍लिए दौड़ लगाते वक्‍त जूतों के चयन पर भी ध्‍यान दें।

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पैर जमीन पर न पटकें

दौड़ लगाते वक्‍त अपने पैरों को कभी भी जमीन पर जोर से न पटकें। इससे आप परेशानी में पड़ सकते हैं और शरीर पर दबाव भी बढ़ेगा। यह गलती आमतौर पर हर कोई करता है। इससे आपके जोड़ और हड्डियां चोटिल हो सकती है।

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हाइड्रेटेड रहें

दौड़ लगाते वक्‍त आपको जल्दी थकान न हो इसके लिए ज्यादा मात्रा में पानी पियें। दौड़ पर जाते वक्त हो सके तो अपने साथ पानी की बोतल रखें। चूंकि दौड़ते समय आपके शरीर में पसीना बहुत होता है और उसकी कमी पूरी करने के लिए पानी पीना बहुत जरूरी है।

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अचानक से न रुकें

जब दौड़ पूरी हो जाए तो अचानक से न रूकें। कुछ मिनट के लिए धीरे-धीरे दौड़ें और फिर धीरे-धीरे वॉक पर आ जाएं। इससे शरीर का रक्तचाप भी सामान्य रहेगा। एक बार सांस साधारण गति में आ जाए तब स्ट्रेचेज या एक्सरसाइज कर सकते हैं।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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