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गुस्‍से में कभी न करें इन 10 चीजों को

गुस्‍सा एक प्रकार की भावना है जो कभी भी निकल सकती है, इसका कोई निश्चित समय नहीं, आप कभी भी गुस्‍सा हो सकते हैं, लेकिन गुस्‍सा होने पर कुछ चीजों से बचना चाहिए।

मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य By Nachiketa SharmaMay 09, 2014

क्‍यों आता है गुस्‍सा

गुस्‍सा एक प्रकार की भावना है, जब कोई किसी बात पर झुंझलाता है, या उसके हिसाब से काम नहीं होता तब मन के अंदर की भावना गुस्‍से के रूप में बाहर निकलती है। वर्तमान दिनचर्या में अक्‍सर आपको गुस्‍सा आ सकता है। गुस्‍से में व्‍यक्ति का दिमाग पर ठीक तरह से संतुलन नहीं होता और वह कई प्रकार की गलतियां कर देता है। अगर आपको भी गुस्‍सा आता है तो इस दौरान कई चीजों से दूर रहना ही बेहतर है।

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सोयें नहीं

गुस्‍सा होने पर अक्‍सर व्‍यक्ति को लगता कि नींद लेना चाहिए हो सकता है इससे गुस्‍सा शांत हो जाये। जबकि गुस्‍सा आने पर बिलकुल भी नहीं सोना चाहिए। जर्नल ऑफ न्‍यूरोसाइंस में छपे एक शोध के अनुसार, अगर आप गुस्‍सा होने के बाद सोते हैं तो मन शांत होने के बजाय दिमाग में नकारात्‍मक विचार आते हैं। इसलिए गुस्‍सा होने के बाद सोने से बचना चाहिए।

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ड्राइव न करें

गुस्‍सा होने के बाद गाड़ी बिलकूल भी न चलायें, क्‍योंकि यह आपके लिए खतरनाक हो सकता है। शोधों की मानें तो, क्रोध में गाड़ी चलाने वाले लोग अधिक खतरनाक तरीके से गाड़ी चलाते हैं, इसके कारण दुर्घटना होने की संभावना भी अधिक होती है।

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गुस्‍सा निकालना

कुछ लोगों को लगता है कि अगर गुस्‍से को शांत करना है तो किसी अपने गुस्‍से को निकालना चाहिए, इसके लिए वे अक्‍सर अपने हाथ को कुर्सी पर मारते हैं, सिर पर तकिये से चोट करते हैं, कुछ लोग तो बर्तनों पर अपना गुस्‍सा निकालते हैं। साइबरसाइकोलॉजी में छपे एक शोध के अनुसार, गुस्‍से के कारण खुद को चोटिल करने से गुस्‍सा कम होने की बजाय बढ़ता है। इसलिए गुस्‍से को निकालने से बचें।

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खाने से बचें

गुस्‍सा होने के बाद कुछ भी खाने बचना चाहिए। खाना गुस्‍से में घी की तरह होता है और यह आपके गुस्‍से को कम करने की बजाय बढ़ाता है। इसके अलावा जब भी हम गुस्‍से में होते हैं तो खाने की गुणवत्‍ता पर बिलकुल ध्‍यान नहीं देते हैं और अस्‍वस्‍थ खाना खा लेते हैं जिसका असर स्‍वास्‍थ्‍य पर पड़ता है।

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बहस न करें

गुस्‍सा होने के बाद किसी से भी किसी प्रकार की बहस करने से बचें। क्‍योंकि गुस्‍से में बहस के दौरान आपके सामने कुछ ऐसी बातें आ सकती हैं जिसके कारण आप हिंसक हो सकते हैं। हो सकता है आप बहस के दौरान ऐसी बातें बोल दें जिससे सामने वाले को बुरा लग जाये और बाद में आपके रिश्‍ते हमेशा के लिए खत्‍म हो जायें। इसलिए गुस्‍सा होने के बाद बहस बिलकुल न करें।

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सोशल नेटवर्किंग से बचें

गुस्‍सा होने के बाद अपनी भड़ास निकालने के लिए आप फेसबुक, ट्विटर, जैसे सोशल नेटवर्किंग से दूर रहें। क्‍योंकि हो सकता है ऐसे में आप ऐसी पोस्‍ट करें जो सार्वजनिक होने के बाद आपके रिश्‍ते को बिगाड़ दे। इसलिए गुस्‍से का इजहार सार्वजनिक बिलकुल भी न करें।

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मेल और मैसेज न करें

गुस्‍सा होने के बाद किसी को मोबाइल से या फिर मेल से मैसेज करने से बचें। क्‍योंकि इस दौरान आपकी नकारात्‍मक भावनायें आपके दिमाग पर हावी होती हैं और ऐसे में आप अच्‍छे शब्‍दों के बारे में नहीं सोच सकते हैं। तो आप अगर मेल या मैसेज करेंगे तो इससे आपकी नकारात्‍मक भावना सामने आयेगी।

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शराब से बचें

सामान्‍य रहने पर भी शराब का अधिक सेवन करना स्‍वास्‍थ्‍य के लिहाज से नुकसानदेह है, ऐसे में अगर आप गुस्‍सा हैं तो शराब से बिलकुल दूर रहें। अगर आपको लगता है कि शराब गुस्‍से पर काबू पाने का सबसे बेहतर तरीका है तो आप गलत हैं, इसके कारण आपका गुस्‍सा आपपर अधिक हावी हो सकता है।

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रक्‍तचाप को नजरअंदाज न करें

शोध की मानें तो अगर आप दो घंटे से ज्‍यादा नाराज हैं तो इसके कारण दिल का दौरा पड़ने की संभावना बढ़ जाती है। अगर आप दिल के मरीज हैं तो आपको बिलकुल भी गुस्‍सा नहीं करना चाहिए। अगर आपका रक्‍तचाप अधिक रहता है तो गुस्‍सा होने के बाद इसे नजरअंदाज बिलकुल न करें।

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ज्‍यादा सोचें नहीं

गुस्‍सा होने के बाद अधिक सोचना भी नहीं चाहिए। ध्यान रखें गुस्सा करना आसान है, उसे नियंत्रित करना मुश्किल। क्योंकि गुस्सा करके आप किसी भी हालात को नहीं बदल सकते, सिर्फ अपने आपको नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए गहरी सांस लें, रिलेक्स हो जाएं ताकि गुस्से पर काबू पा सकें।

 

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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