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10 बातें जो आप ऑर्गेज्‍म के बारे में नहीं जानते होंगे

मनुष्य देह मल्टीपल ऑर्गेज्म वाली होती है जबकि प्रकृति ने महिलाओं को पुरुषों की तुलना में ज्यादा बार ऑर्गेज्म प्राप्त करने की क्षमता दी है।

सभी By Rahul SharmaFeb 24, 2014

ऑर्गेज्‍म क्या है?

किसी जोड़े को सेक्स संबंध में चरम आनंद को ऑर्गेज्म कहा जाता है। महिलाओं का ऑर्गेज्म मर्दों से अलग होता है। उनमें यह‍ स्थिति धीरे-धीरे या देर से आती है, इसलिए कई महिलाओं को इसके होने का एहसास न हो, ऐसा भी हो सकता है। सेक्सोलॉजिस्ट्‍स मानते हैं कि मनुष्य देह मल्टीपल ऑर्गेज्म वाली होती है जबकि प्रकृति ने महिलाओं को पुरुषों की तुलना में ज्यादा बार ऑर्गेज्म प्राप्त करने की क्षमता दी है। सेक्स के दौरान क्लाइमेक्स तक या ऑर्गेज्म तक पहुंचने में फोरप्ले की अहम भूमिका होती है।

ऑर्गेज्‍म और इजैक्यूलैशन (स्खलन) नहीं हैं एक बातें

जी हां, यह सच है कि पुरुष बिना वीर्य स्खलित किये चरम की प्राप्ति कर सकता है। यहां तक कि पुरुषों का एक छोटा प्रतिशत "ड्राई" ऑर्गेज्‍म ही प्राप्त करता है।

शुक्राणु किसी ओलंपिक धावक से भी जीत सकते हैं

जब पहली बार इजैक्यूलैशन होता है तो शुक्राणु 28 मील प्रति घंटा तक तेज हो सकते हैं, जो कि किसी तेज ओलंपिक धावक जैसे उसैन बोल्ट के बराबर है।

पुरुषों के भी होते हैं जी-स्पोट (g-spots)

जी हां, महिलाओं की तरह पुरुषों में भी जी-स्पोट होते हैं। पुरुषों में तीन संभोग उत्तेजक स्थल होते हैं। इनमें से एक फ्रेन्युलम (लिंग के सिरे से जुड़े ऊतकों का लचीला बैंड), दूसरा पेरिनियम (मूलाधार) तथा तीसरा प्रोस्टेट ग्रंथि होते हैं।

थोक में होता है इजैक्यूलैशन

कोई पुरुष अपने जीवनकाल में बहुत सारे स्पर्म का निर्माण और स्खलन करता है। एक अनुमान के हिसाब से ज्यादातर पुरुष अपने जीवनकाल के दौरान लगभग चौदह गैलन तक इजैक्यूलैशन करते हैं।

होती हैं कैलोरी बर्न और आती है चैन की नींद

एक सुखद संभोग के बाद, आपका रक्तचाप कम हो जोता है जिससे आपको अचानक आराम की अनुभूति होती है और अच्छी नींद में आती है। कामोन्माद (ऑर्गेज्‍म) सेक्स के 30 मिनट में लघभग 85 से अधिक कैलोरी बर्न होती हैं।

स्तन कैंसर से करे बचाव

ऑर्गेज्‍म के दौरान कमाल की स्तन उत्तेजना होती है। और ऑर्गेज्‍म के दौरान स्तनों में हुई इस उत्तेजना से ऑक्सीटोसिन का उत्पादन होता है। जोकि जो एक कैंसर सेल्स से लड़ने में मदद करने वाला हार्मोन होता है।

कॉमन कोल्ड और अवसाद से बचाए

सेक्स और ऑर्गेज्‍म के दौरान उत्पादित हुए हार्मोन्स अवसाद, आत्महत्या और चिंता को कम करते हैं। यही नहीं, ऑर्गेज्‍म इम्यूनोग्लोब्लिन 'ए' (लिम्फोसाइट तथा प्लाज्मा कोशिकाओं से बनने वाला एक प्रकार का प्रोटीन जो एण्टिबॉडी के रूप में कार्य करता है) से जुडा होता है, जिससे प्रतिरक्षा बढ़ जाती है और आम सर्दी-जुखाम से बचाव होता है।

याददाश्त में सुधार

सेक्स से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, जिससे हाइपोथेलेमस (याददाश्त और सीखने के लिए मस्तिष्क के केंद्र) को ऑक्सीजन समृद्ध रक्त पहुंचता है। जिस कारण आपका दिमाग शांत और तेज रहता है।

लम्बा जीवन दे और जवां दिखाए

मानव सेक्स जीवन पर 10 साल तक हुए एक अध्ययन में पाया गया कि जिन लोगों नें नियमित सेक्स किया था, वे अपनी उम्र से सात से बारह साल तक युवा दिखाई देते हैं। एक ब्रिटिश मेडिकल जर्नल के मुताबिक ऑर्गेज्‍म और मृत्यु दर के बीच एक गहरा संबंध है। इस जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार वे लोग जो एक सप्ताह में दो ​​बार या उससे अधिक संभोग (ऑर्गेज्‍म) प्रप्त करते हैं, वे अपने जीवन में आठ साल तक जोड़ सकते हैं।

कम समय का होता है पुरुषों का ऑर्गेज्‍म

जहां एक ओर पुरुषों का ऑर्गेज्‍म महिलाओं की तुलना में अधिक भरोसेमंद होता है, वहीं वह महिलाओं से कम समय का भी होता है। महिलाओं में आमतौर पर यह 20 सेकंड का होता है, जबकि पुरुषों को यह आनंद केवल 5 से 20 सेकंड के बीच में ही होता है।

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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