Subscribe to Onlymyhealth Newsletter

त्‍वचा के एसपीएफ को बढ़ाने वाले दस आहार

सूर्य की हानिकारक किरणों से बचाव में एसपीएफ महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाता है, यह एक रेटिंग फैक्टर है जो बताता है कि कोई सनस्क्रीन या सनब्लॉक त्‍वचा को किस स्तर तक बचाव दे सकता है।

स्वस्थ आहार By Nachiketa SharmaOct 11, 2014

एसपीएफ क्‍या है

सूर्य की हानिकारक किरणों से बचाव में एसपीएफ महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह एक रेटिंग फैक्टर है जो बताता है कि कोई सनस्क्रीन या सनब्लॉक आपको किस स्तर तक बचाव दे सकता है। इसकी रेटिंग का आधार सुरक्षित त्वचा पर सूरज की किरणों का असर होने में लगने वाले समय और बिना प्रोटेक्शन वाली त्वचा पर सूर्य की किरणों के असर में लगने वाले समय की तुलना है। यानी अगर आपको एक घंटा धूप में रहने से सनबर्न होता है तो एसपीएफ 15 उसे 15 घंटे धूप में रहने की आजादी देगा, यानी सनबर्न होने में 15 गुना ज्यादा समय लगेगा। इसे बढ़ाने में कुछ आहार मदद करते हैं।

image source - getty images

अनार

एंटी-ऑक्‍सीडेंट युक्‍त अनार को स्‍वास्‍थ्‍य के लिए बहुत अच्‍छा माना जाता है। इसमें पोलीफेनल्‍स पाया जाता है जो शरीर की कोशिकाओं को फ्री रेडिकल्स से बचाता है, जिससे आप वक्त से पहले बूढ़े नहीं दिखते। फ्री रेडिकल्स का निर्माण सूर्य की रोशनी और वातावरण में मौजूद विषैले तत्व से होता है। केवल दो महीने तक अनार का सेवन करके आप अपनी त्‍वचा का एसपीएफ 30 प्रतिशत तक बढ़ा सकते हैं।

image source - getty images

पालक खायें

पालक को गुणों की खान माना जाता है, इसमें शरीर के लिए जरूरी सभी पौष्टिक तत्‍व पाये जाते हैं। इसके अलावा पालक में कोइंजाइम क्‍यू10 पाया जाता है तो त्‍वचा को फ्री रैडिकल्‍स से होने वाले नुकसान से बचाता है।

image source - getty images

सोया मिल्‍क

अगर आप प्रोटीनयुक्‍त आहार का सेवन करते हैं तो आपकी त्‍वचा को अधिक नुकसान नहीं हो सकता है। सोया मिल्‍क में एंटीऑक्‍सीडेंट होते हैं जो कोलेजन का निर्माण करते हैं। यह प्राकृतिक रूप से त्‍वचा को सनबर्न होने से बचाता है।

image source - getty images

ब्रोक्‍कोली

ब्रोक्‍कोली एएलए (अल्‍फा लिपोइक एसिड) का बेहतरीन स्रोत है, यह ऐसा एसिड है जो त्‍वचा को सनबर्न से बचाने में मदद करता है, क्‍योंकि यह एंटी-ऑक्‍सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होता है। यह त्‍वचा कैंसर और ब्रेस्‍ट कैंसर के खतरे को भी कम करता है।

image source - getty images

बेरीज

रंगीन बेरीज स्‍वादिष्‍ट तो होती हैं साथ ही त्‍वचा को फ्री-रैडिकल्‍स से होने वाले नुकसान से बचाती हैं। क्‍योंकि इसमें पाया जाने वाला एंटीऑक्‍सीडेंट कोलेजन के निर्माण को बढ़ाता है, यह बढ़ती उम्र के असर को भी कम करने में फायदेमंद है।

image source - getty images

टोफू खायें

सोया दूध से बना पनीर टोफू कहलाता है। ये स्वास्थ के लिए बहुत फायदेमंद होता है और इसे खानें से सेहत अच्‍छी रहती है। टोफू शरीर में कैल्शियम और प्रोटीन के स्‍तर को सही बनाये रखता है। इसमें पाया जाने वाला एंटीऑक्‍सीडेंट कोलेजन के निर्माण को बढ़ाता है।

image source - getty images

खीरा और ककड़ी

खीरा और ककड़ी त्‍वचा के लिए बहुत फायदेमंद हैं, क्‍योंकि इनमें 96 प्रतिशत पानी होता है जो त्‍वचा की नमी को बरकरार रखता है। अगर आपकी कोशिकायें पूरी तरह से हाइड्रेटेड रहेंगी तो वे फ्री-रैडिकल्‍स से आसानी से बचाव कर लेंगी। इसके अलावा इसमें विटामिन और प्रोटीन पाया जाता है तो त्‍वचा के लिए फायदेमंद है।

image source - getty images

अंडा

अंडा गुणों से भरपूर होता है, इसमें शरीर के लिए जरूरी सारे पोषक तत्‍व पाये जाते हैं। इसके अलावा अंडे में लेसिथिन पाया जाता है जो त्‍वचा को नुकसान होने से बचाता है। लेसिथिन एक प्रकार का तत्‍व होता है जो ऊतकों की मरम्‍मत करता है और नई कोशिकाओं के निर्माण में भी सहायक है।

image source - getty images

संतरा खायें

संतरे में सबसे अधिक मात्रा होती है विटामिन ए और विटामिन सी पाया जाता है। यह एक सिट्रस फ्रूट है और इस प्रकार के फल में विटामिन सी के अच्‍छे स्रोत होते हैं। इसके अलावा संतरे में एंटी-ऑक्‍सीडेंट होता है जो इम्‍यूनिटी बढ़ाता है। यह त्‍वचा को फ्री-रैडिकल्‍स से होने वाले नुकसान से भी बचाता है।

image source - getty images

गाजर खायें

त्‍वचा को सनबर्न से बचाने में गाजर भी महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाता है। गाजर में विटामिन ए, बी, सी, कैल्शियम और पैक्टीन फाइबर होता है। यह कॉलेस्ट्रॉल का स्‍तर बढ़ने नहीं देता अैर वजन कम करने में भी मदद करता है। यह इम्यूनिटी बढ़ाने का भी काम करता है। इसके सेवन से त्‍वचा में भी निखार आता है।

image source - getty images

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

More For You
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK