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पाचन को मजबूत बनाने वाली 10 एक्सरसाइज

रोज हम कुछ न कुछ ऐसा खा लेते हैं जिसके कारण पाचन तंत्र बिगड़ जाता है और इससे कब्‍ज और एसिडिटी की समस्‍या होती है, लेकिन क्‍या आप जानते हैं पाचन दुरुस्‍त करने के लिए आप एक्‍सरसाइज का सहारा ले सकते हैं।

एक्सरसाइज और फिटनेस By Rahul SharmaMay 15, 2015

पाचन शक्ति के लिये एक्सरसाइज

नियमित योग व व्यायाम करने से पाचन क्रिया बेहतर होती है, जिससे शरीर अच्छी तरह से पोषक तत्वों को ग्रहण कर पाता है। इससे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता में भी इज़ाफा होता है। रोजाना योग व एक्सरसाइज करने से पेट संबंधी आम समस्याओं जैसे, एसिडिटी, कब्ज़ आदि को दूर करने में मदद मिलती है। तो आइए जानते हैं उन एक्‍सरसाइज के बारे में जिनसे पाचन क्रिया दुरुस्‍त होती है।
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रोज व्‍यायाम करें


नियमित व्‍यायाम करने से आपका पूरा शरीर फिट रहता है और बीमारियों से भी बचाव होता है। यह पाचन तंत्र को भी मजबूत बनाता है। इसलिए रोज व्‍यायाम के लिए कम से कम 30 मिनट का समय अवश्य निकालें।
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सिट अप्स


पेट के लिये की जाने वाली यह एक्सरसाइज आपके मिडरिफ मांसपेशियों में खिंचाव पैदा करती है, जिससे वे मजबूत बनती हैं और पाचन संबंधी समस्याएं कम होती है। रोज़ाना थोड़ी देर सिट अप्स एक्सरसाइज करना पाचन शक्ति में सुधार लाता है।
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उस्‍तरासन

उस्‍तरासन को कैमल पोज़ के नाम से भी जाना जाता है। क्योंकि आसन को करते में पीठ स्ट्रेच होती है, सिर थोड़ा झुका हुआ रहता है और पेट उठा हुआ रहता है। इस आसन की मदद से पेट और पीठ के निचले हिस्से का शुद्धीकरण होता है। इस आसन से पाचन शक्ति भी बेहतर बनती है।
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पवनमुक्तासन

पवनमुक्तासन को करने पर पेट की ओर दबाव पड़ने से रक्त का संचार हृदय व फेफड़ों की ओर बढ़ता है। इससे हृदय को शक्ति मिलती है और फेफड़ों की सक्रियता बढ़ जाती है। यह आसन पेट को दुरुस्त रखता है और गैस नहीं बनने देता। जिससे पाचन तंत्र स्वस्थ और मजबूत बना रहता है।
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पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज

आंत्र संबंधी समस्याओं के लिये मल का असंयम (ठीक के शौच न हो पाना) एक बड़ा कारण हो सकता है। पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज करने से इस समस्या का मुकाबला किया जा सकता है। इसके लिये बस आपको एक दिन अपने पेल्विक फ्लोर मसल्स को 30 से 50 बार भीतर और बाहर करना होता है।
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धनुरासन

धनुरासन में उल्टा लेटकर अपने दोनों पैरों को मोड़कर हाथ से पकड़ना होता है और नीचे व ऊपर से खुद को स्ट्रेच करना होता है। और फिर इस अवस्था में 30 से 60 सेकंड तक रुकना होता है। इस आसन को करने से पेट की मांसपेशियों में खिंचाव आता और कब्ज की समस्या दूर होती है।
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नौकासन

नौकासन में पूरे शरीर का भार पेट पर आ जाता है और बाकी शरीर आगे-पीछे से नाव की तरह ऊपर उठ जाता है, जिससे पेट की मांसपेशियों की ताकत बढ़ती है और पाचन स्वस्थ व बलिष्ठ बनता है।
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सेतुबंधासन

सेतुबंधासन से जांघ व घुटनों को मजबूती मिलती है और कोर मसल्स बलिष्ठ बनते हैं। आमाशय, आंतें, किडनी, लिवर, स्प्लीन, पेन्क्रियास आदि पेट के जरूरी अंगों पर इसका अनुकूल प्रभाव पड़ता है और पाचन तंत्र स्वस्थ व मजबूत बना रहता है।
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हलासन

हलासन से रीढ़ की हड्डियां लचीली बनती हैं, जिससे शरीर फूर्तिला और बलिष्ठ बना रहता है। इसे करने से पेट बाहर नहीं निकलता है और शरीर सुडौल दिखता है। भावनात्मक संतुलन और तनाव निवारण के लिये यह आसन बेहद फायदेमंद होता है। इस आसन को करने से पाचन तंत्र और मांसपेशियों को शक्ति मिलती है और पाचन तंत्र ठीक रहता है।
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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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