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किशोरों में एसटीडीज को लेकर सामान्‍य भ्रम

यौन सं‍चारित रोग यौन संपर्क द्वारा एक से दूसरे में फैलते हैं, इसकी चपेट में हर उम्र वर्ग के लोग आ सकते हैं, चाहे वह बच्‍चा हो या बूढ़ा।

सभी By ओन्लीमाईहैल्थ लेखक / Jan 30, 2014

किशोरावस्‍था और यौन संचारित रोग

यौन सं‍चारित रोग यौन संपर्क द्वारा एक व्‍यक्ति से दूसरे में फैलते हैं। इसकी चपेट में हर उम्र वर्ग के लोग आ सकते हैं, चाहे वह बच्‍चा हो या बूढ़ा। कुछ यौन संचारित संक्रमण स्‍तनपान और गलत निडल के प्रयोग से फेलते हैं। विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन के मुताबिक विश्‍वभर में प्र‍त्‍येक दिन ठीक हो सकने योग्‍य दस लाख से अधिक यौन संचारित संक्रमण के नए मामले प्रकाश में आते हैं, इनमें सबसे अधिक संख्‍या किशोरों (15-24) की है। लेकिन किशोरों में इस बीमारी को लेकर कई प्रकार के सामान्‍य भ्रम होते हैं। आगे के स्‍लाइडशो में जानिए उन सामान्‍य भ्रमों के बारे में।

किशोरों को नहीं हो सकता एसटीडीज

किशोरों को हमेशा यह भ्रम रहता है कि वे यौन संचारित रोग के शिकार नहीं हो सकते हैं। वो शायद यह भी मानते हैं कि उन्हें इसलिए भी खतरा नहीं है क्योंकि, उन्हें मन में यह गलत धारणा है कि यौन रोग उन लोगों को होता है जो बड़े होते हैं। जबकि यह गलत है, यह बीमारी किसी को भी हो सकती है, इसके लिए उम्र मायने नहीं रखती है।

केवल सेक्‍स संबंध से होता है

 टीनेजर्स को यह भी भ्रम है कि यह बीमारी केवल सेक्‍स संबंध बनाने से होती है। जबकि कुछ यौन संचारित रोग जैसे - वाटरवार्टस, क्‍लैमीडिया, आदि केवल संक्रमण के कारण फैलते हैं। क्‍लैमीडिया तो मां के द्वारा बच्‍चे को हो सकता है।

गंदे लोगों को होता है

किशोरों में यह भी भ्रम है कि एसटीडीज केवल गंदे लोगों में होने वाला संक्रमण है, यदि स्‍वच्‍छता रखी जाये तो इससे बचा जा सकता है। जबकि यह धारणा बिलकुल गलत है, यदि किसी ने भी असुरक्षित यौन संबंध बनाये हैं तो चाहे वह कितनी ही सफाई क्‍यों न कर ले इसकी चपेट में आ सकता है।

टॉयलेट सीट से नहीं फैलता

यह भी भ्रम है कि यौन संचारित रोग टॉयलेट सीट के प्रयोग करने से कभी भी नहीं फैल सकता है। जबकि ऐसा नहीं है, यदि यौन संचारित रोगी ने आपके बॉथरूम का प्रयोग किया है तो उसके तुरंत बाद उस बाथरूम का प्रयोग करने वाले व्‍यक्ति को यह बीमारी हो सकती है। इसके अलावा हमेशा सार्वजनिक शौचालय का प्रयोग करने वाले किशोरों में इस संक्रमण के फैलने की आशंका अधिक होती है।

एक बार सेक्‍स संबंध बनाने से नहीं होता

किशोरों में यह भी भ्रम है कि एसटीडीज एक बार यौन संबंध बनाने से बिलकुल नहीं फैलता, जो लोग बार-बार यौन संबंध बनाते हैं उनको यह बीमारी अधिक होती है। जबकि ऐसा नहीं है, यदि आपने किसी ऐसे पार्टनर के साथ यौन संबंध बनाये हैं जो क्‍लैमीडिया, गोनोरिया और सिफिलिस जैसी यौन सं‍चारित बीमारी से ग्रस्‍त है तो उससे आपको 30 प्रतिशत तक खतरा अधिक बढ़ जाता है।

यह संक्रमण त्वचा से नहीं होता

किशोरों में यह भी भ्रम होता है कि यह संक्रमण त्‍वचा के संक्रमण से नहीं फैलता है बल्कि यह केवल सीमेन से होता है। जबकि असलियत यह है कि त्वचा पर भी एसटीडीज हो सकते हैं। खासतौर पर नमीं के कारण त्वचा पर सबसे तेजी से संक्रमण फैलते हैं।

ओरल सेक्स से नहीं होता

यह भी भ्रम है कि यह संक्रमण किशोरों में ओरल सेक्‍स करने से नहीं फैल सकता। जबकि सच्‍चाई यह है कि यौन संचारित रोग या संक्रमण किसी भी तरह के सेक्स से हो सकते हैं इसलिए ओरल सेक्स से ये नहीं होंगे, यह सिर्फ भ्रम है।

इसके बारे में आप किसी को बता नहीं सकते

किशोर हमेशा इस बीमारी को लेकर असमंजस में रहते हैं, उनको लगता है कि यह ऐसी बीमारी है जिसके बारे में बात नहीं की जा सकती है। लेकिन ऐसा करने से इसका खतरा और बढ़ता है। इसलिए यदि इसके लक्षण दिखें तो अपने पैरेंट्स से इसके बारे में तुरंत सलाह कीजिए।

एंटीबॉयटिक खाने से ठीक हो सकता है

किशोरों को यह लगता है कि यदि वे एसटीडीज से ग्रसित हो जायेंगे तो एंटीबॉयटिक दवाओं का सेवन करके वे पूरी तरह इस बीमारी से ठीक हो सकते हैं। हालांकि इस बात में कुछ हद तक सच्‍चाई है, लगभग 90 प्रतिशत एसटीडीज केवल एंटीबॉयटिक खाने से ठीक हो सकती हैं, लेकिन यदि आप इस बीमारी से ग्रस्‍त हैं तो पूरी तरह से इसका इलाज न कराने से इसके दोबारा होने की संभावना भी बनी रहती है। इसलिए केवल एंटीबॉयटिक के सहारे न रहें।

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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