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इन हैरान करने वाले तरीकों से भी दांतों को होता है नुकसान

अगर दांत खराब हो जाएं तो न सिर्फ सुंदरता पर प्रभाव पड़ता है बल्कि सेहत भी डगमगाने लगती है। इसलिये इनकी देखभाल करना बहुत ही जरुरी है। कई हैरान करने वाले कारणों से भी दांतों को नुकसान पहुंच सकता है।

दंत स्वास्‍थ्‍य By Rahul SharmaMar 07, 2015

ऐसे भी होता है दांतों को नुकसान

हमारे शरीर में दांतों का बेहद महत्वपूर्ण योगदान होता है। अगर दांत खराब हो जाएं तो न सिर्फ सुंदरता पर प्रभाव पड़ता है बल्कि सेहत भी डगमगाने लगती है। इसलिये इनकी देखभाल करना बहुत ही जरुरी है। बचपन से ही हमें सिखाया जाता है कि दांतों को रोजाना दो बार ब्रश करना चाहिये और उनका पूरा खयाल रखना चाहिये। लेकिन क्या आपको पता है कि केवल साफ-सफाई न करना ही नहीं बल्कि कई अन्य हैरान करने वाले कारणों से भी दांतों को नुकसान पहुंच सकता है। तो चलिये जानें क्या हैं वे हेरान करने वाले कारण जो दांतों को नुकसान पहुंचाते हैं।
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वेट लिफ्टिंग

यह एक स्वाभाविक प्रवृत्ति है कि जब आप भार उठाते हैं तो तनाव जब जबड़े पर भी पड़ता है। एक शोध से पता तला कि ऐसा करने पर मोटर नियंत्रण के साथ जुड़े मस्तिष्क के कुछ हिस्सों में रक्त का प्रवाह बढ़ा कर प्रदर्शन में सुधार कर सकता है। लेकिन इतना दबाव दांतों को चटका सकता है या जबड़े में दर्द का कारण बन सकता है। इससे बचने के लिये जिम आदि में वेट लिफ्टिंग के दौरान माउथ गार्द का प्रयोग करें।
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हार्ड ब्रश से दांत साफ करना

हार्ड ब्रश से दांत साफ करने पर मसूढे ढीले पड जाते हैं और दांतों का इनेमल झडना शुरू हो जाता है। दांतों की सफाई ब्रश पर फ्लोराइड युक्त पेस्ट लगा कर गुलाई में करनी चाहिए। दांत दिन में दो बार साफ करने चाहिए। अगर बीच में दांतों में कुछ फंस जाए तो फ्लॉस का प्रयोग करें, इनसे दांतों के बीच में अगर गैप हो तो सफाई हो जाती है।
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कार्डियो

एक ताज़ा जर्मन शोध से पता चला कि लंबे समय तक कार्डियो वर्कआउट से दांतों को नुकसान पहुंच सकता है। शोधकर्ताओं ने जब नियमित कार्डियो वर्कआउट करने वाले एथलीटों के मौखिक स्वास्थ्य की तुलना वर्कआउट न करने वाले लोगों से की तो पाया कि एथलीटों को दांत का कटाव होने की संभावना अधिक थी। शोध के अनुसार ऐसा इसलिये हुआ क्योंकि व्यायाम करने पर लार कम हो जाती है। इससे बचने के लिये एक्सरसाइज से पहले ब्रश करें।   
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दवाएं

एलर्जी, अवसाद, हृदय स्वास्थ्य और रक्तचाप कि सैकड़ों दवाएं मुंह के सूखेपन का कारण बनती हैं। सुनने में यह कोई बड़ी समस्या नहीं लगती, लेकिन यह दांतों के लिये नुकसानदायक हो सकती है, क्योंकि इससे दांतों के क्षय और कटाव का कराण बनने वाले एसिड के खिलाफ रक्षा करने वाली लार नहीं बनती है। इससे बचने के लिये चीनी मुक्त गम चबाने या चीनी मुक्त हार्ड कैंडी चूसने से लाभ होता है।
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सीने में जलन

सीने में दर्द वाकई परेशान करने वाला होता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि एसिड रिफलक्स अपने दांतों को स्थायी नुकसान पहुंचा सकता है। आपके पाचन तंत्र से एसिड आपके मुंह में आ सकता है, और सोड़े की तरह ये एसिड दांतों की इनेमल (enamel) की ही तरह नुकसान पहुंचा सकता है। इस समस्या से बचने के लिये एसिड रिफलक्स से बचाव के लिये अपने चिकित्सक से सलाह लें।
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खाने के तुरंत बाद ब्रशिंग

अम्लीय खाद्य पदार्थ, जैसे खाने के बाद ब्रश जूस, फल, स्पोर्ट्स ड्रिंक, रेड वाइन और सोडा आदि का सेवन इनेमल (enamel) को कमज़ोर कर सकता है।
यही कारण है कि दांतों में दरारें और चिप्स का पीली जैसी समस्याएं होती हैं।
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कुछ अन्य बुरी आदतें

कुछ अनचाही आदतें जेसे रात को सोते वक्त दांतों का कटकटाना, मुंह में पेंसिल या पिन को लागतार चबाते रहना, बर्फ चबाना या दांतों से सोड़ा बोतल खोलना आदि दांतों पर अधिक दवाब डालते हैं जिसके कारण दांतों की इनेमल और इनसे जुड़ा हड्डियों पर बुरा प्रभाव पड़ता है। यदि आपको रात में दांतों को कटकटाने की आदत है तो डेंटिस्ट से सलाह लेकर रात को पहने जाने वाले माउथगार्ड लगा सकते हैं। वहीं स्विमिंग करते हैं तो भी माउथगार्ड दांतों को पानी की क्लोरिन से बचाता है। क्लोरीन के असर से दांतों का रंग पीला पड़ता है और इनेमल का भी हानि होती है।
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सोड़ा या चीज़

दिन में तीन या इससे ज्यादा गिलास डाइट सोडा पीना दांतों में सड़न की समस्या को अधिक कर देता है। इससे एसिडिटी का स्तर बढ़ जाता है जिससे  मुंह की सेहत के लिए खतरा पैदा हो जाता है। वहीं चीज खाने पर यह दांतों पर बुरी तरह से चिपक जाता है जिस कारण दांतों में सड़न पैदा हो जाती है और मुंह से बदबू आने लगती है।
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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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