नींद से जुड़े इन सीक्रेट्स को जानकर आप भी चौक जाएंगे

नींद का विज्ञान अपने आप में बेहद दिलचस्प है और कई बातों से आप भी अनजान हैं, आइए ऐसी ही दिलचस्‍प बातों की जानकारी इस स्‍लाइड शो के जरिये लेते हैं।

तन मन By Pooja Sinha / Sep 01, 2015
नींद से जुडे सीक्रेट

नींद से जुडे सीक्रेट

आज तक वैज्ञानिक भी ठीक प्रकार से इस बात का पता नहीं लगा पाए हैं कि नींद में हमारा दिमाग किस तरह से काम करता है, हमें सपने क्यों आते हैं और उन सपनों के असल में क्या मायने हैं। बावजूद इसके नींद को लेकर कई दिलचस्प बातें पता चली हैं। नींद का विज्ञान अपने आप में बेहद दिलचस्प है और नींद से संबंधित सीक्रेट्स पिछले कुछ सालों में ही सामने आ रहे हैं। आइए ऐसी ही दिलचस्‍प बातों की जानकारी इस स्‍लाइड शो के जरिये लेते हैं।

झपकी लेने का समय

झपकी लेने का समय

हालांकि सोने के लिहाज से प्राकृतिक तौर पर झपकी लेने का समय दोपहर 2 से 4 बजे के बीच होना चाहिए जिससे रचनात्मकता बढ़ती हैं। लेकिन इस समय के बाद ली गई झपकी आपकी एनर्जी से जल्द रिस्टोर होती है।

चार घंटे की नींद काफी

चार घंटे की नींद काफी

कुछ लोगों के लिए चार घंटे की नींद ही काफी होती है। हाल ही में वैज्ञानिकों ने पता लगाया है कि जीन म्यूटेशन के कारण जिन लोगों में डीईसी2 जीन होते हैं, उनके लिए केवल चार घंटे सोना काफी होता है। इतनी नींद के बाद भी वे भरपूर एनर्जी से पूरा दिन काम करते हैं। लेकिन इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि ऐसा हर व्यक्ति के साथ नहीं होता। इसलिए हमें अपने शरीर और नींद के पैटर्न को समझना चाहिए।

आठ घंटे की नींद बहुत जरूरी

आठ घंटे की नींद बहुत जरूरी

प्राकृतिक रूप से केवल 5 प्रतिशत लोग ही ऐसे होते हैं जिन्‍हें कम नींद की जरूरत होती है। हममें से ज्यादातर लोगों को रोजाना आठ घंटे की नींद की जरूरत होती है। लेकिन 30 प्रतिशत लोगों को ही प्रति रात छह घंटे से कम नींद मिलती है।

परिचित सुगंध

परिचित सुगंध

क्‍या आप जानते हैं कि सोते समय अगर आपके आस-पास परिचित सुगंध होती है, तो इस दौरान आपकी यादाश्त बेहतर होती है। आपमें किसी काम को सीखने की प्रवृति बेहतर होती है।

शरीर का कांपना

शरीर का कांपना

नींद के दौरान जिन लोगों का शरीर रह रहकर कांपता या झटके खाता है, वह आम बात है। इन्हें हिप्निक जर्क कहते हैं और इनका कोई नुकसान नहीं होता है।

छह घंटे से कम नींद का असर

छह घंटे से कम नींद का असर

अगर आप लगातार 12 रातों तक छह घंटे से कम सो रहे हैं, तो आपकी चुस्ती और चेतना वैसी ही होगी जैसे कि आपके रक्त में 0.1 प्रतिशत अल्कोहल के बाद होती है। यानी आप साफ नहीं बोलेगें, संतुलन बिगड़ा हुआ होगा और यादाश्त भी तेज नहीं होगी। दूसरे शब्दों में कहें तो आप नशे में होंगे! इसके अलावा, शोधों के अनुसार, अगर आप पहले से ही कुछ ज्यादा देर तक सो लेते हैं, तो बाद में कम नींद का आप पर ज्यादा असर नहीं होगा।
Image Source : Getty

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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