ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने के लिए अपनाएं ये नैचुरल तरीके

रक्‍तचाप आजकल सामान्‍य हो चुका है, लेकिन दिनचर्या में बदलाव कर आप इसे नियंत्रित रख सकते हैं। ये कुदरती तरीके बेहद कारगर और अपनाने में आसान हैं।

उच्‍च रक्‍तचाप By Bharat Malhotra / Dec 26, 2014
इन नियमों पर चलिये

इन नियमों पर चलिये

रक्‍तचाप के साथ कई बीमारियां होती हैं। हृदय रोग, स्‍ट्रोक, डिमेंशिया और‍ किडनी खराब होने जैसी कई बीमारियां उच्‍च रक्‍तचाप के कारण होती हैं। वेक फॉरेस्‍ट बापिस्‍ट मेडिकल स्‍टडी के मुताबिक कुछ खास हार्मौन के कारण उच्‍च रक्‍तचाप पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं के लिए अधिक खतरनाक हो सकता है। हालांकि, रक्‍तचाप को कई कुदरती तरीकों से काबू किया जा सकता है। और ये छोटे लेकिन असरकारी उपाय बेहद मददगार साबित होते हैं। कई मामलों में तो ये दवाओं से भी ज्‍यादा कारगर साबित होते हें।
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फोन रखें साइलेंट पर

फोन रखें साइलेंट पर

फोन आजकल जरूरी नहीं मजबूरी बन चुका है। लेकिन, कभी-कभी इसे स्विच ऑफ करना बेहतर होता है। अगर आप फोन को बंद नहीं कर सकते, तो थोड़ी देर इसे साइलेंट पर रख दें। क्‍या आपको इस बात का अंदाजा है कि फोन की घंटी आपके रक्‍तचाप में इजाफा करती है। 2013 में अमेरिकन सोसाइटी ऑफ हायपरटेंशन में प्रकाशित इटली के शोध के मुताबिक फोन की घनघनाहट सात प्‍वाइंट तक बढ़ा सकती है। हालांकि इसके कारणों के बारे पूरी तरह से नहीं पता। लेकिन जानकारों का कहना है कि शायद फोन कॉल से होने वाली हलचल से कुछ लोग, विशेषकर वे जिन्‍हें बहुत ज्‍यादा फोन नहीं आते, चिंतित हो उठते हैं।
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शाकाहारी बनें

शाकाहारी बनें

मांसाहार पसंद करने वाले किसी शख्‍स के लिए शाकाहारी बनना आसान नहीं। लेकिन, अगली बार जब आप बाहर खाने जाएं, तो अपने लिए नॉनवेज बर्गर के स्‍थान पर वेजिटेरियन बर्गर मंगायें। रक्‍तचाप को नियंत्रित करने का यह तरीका बेहद कारगर है। जर्नल ऑफ अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन इंटरनल मेडिसन में प्रकाशित शोध के अनुसार, शाकाहारी भोजन करते रहने से आपका रक्‍तचाप सात प्‍वाइंट तक कम किया जा सकता है। इसके साथ ही साल भर में आप साल भर में पांच किलो तक वजन कम कर सकते हैं। शाकाहारी आहार में रक्‍तचाप को बढ़ाने वाले सोडियम की मात्रा कम होती है और साथ ही रक्‍तचाप को कम करने वाला पोटेशियम अधिक मात्रा में होता है।
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तनाव करें बाहर

तनाव करें बाहर

आपने कोई मेहनत वाला काम भी नहीं किया, लेकिन इसके बावजूद थके हुए महसूस करते हैं, तो इसके लिए तनाव को जिम्‍मेदार ठहरा सकते हैं। नियमित रूप से तनाव और चिंता में रहने से आपको उच्‍च रक्‍तचाप का खतरा बढ़ जाता है। साइंस जर्नल ऑफ साइकोलॉजी के मुताबिक जो लोग शांत रहते हैं उनके मुकाबले फिक्रमंद रहने वाले लोगों का हाई ब्‍लड प्रेशर का खतरा ज्‍यादा होता है। अगली बार जब आपको तनाव का अहसास हो, तो फौरन उसे कम करने का प्रयास करें। आप प्राणायाम का सहारा ले सकते हैं। अपनी जीभ को दांतों और मसूड़ों के बीच रखें और चार की गिनती तक सांस अंदर लें, सात की गिनती तक रोकें और फिर आठ तक गिनते हुए उसे नाक से बाहर छोड़ें। इससे आपकी चिंता दूर हो जाएगी।
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कुछ न करो

कुछ न करो

शांत बैठकर आप तनाव से मुक्ति पा सकते हैं। इससे आपका तनाव कम होता है। 2013 के एक शोध में कहा गया कि शांत बैठने से रक्‍तचाप का स्‍तर पांच प्‍वाइंट तक कम किया जा सकता है। आराम से एक स्‍थान बैठकर किये जाने वाले ध्‍यान के स्‍थान पर आप बॉडी स्‍कैनिंग आजमा सकते हैं। इसमें जमीन पर सीधा लेटकर सिर से लेकर पैर तक अपने शरीर के हर अंग पर ध्‍यान केंद्रित किया जाता है। यूं तो इस ध्‍यान को 45 मिनट करना चाहिये, लेकिन छोटे सेशन का भी फायदा होता है।
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 सूरज की रोशनी

सूरज की रोशनी

धूप हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी होती है। और आप दिन में कितनी बार ऐसा करते हैं। घर से दफ्तर और दफ्तर से घर की आपकी जिंदगी में कभी बाहर निकलकर सूर्य के दर्शन किये हैं आपने। सूर्य विटामिन डी का सबसे बड़ा स्रोत है। और शरीर में विटामिन डी की कमी होने से रक्‍तचाप बढ़ सकता है। ब्रिटेन में 35 शोधों के विश्‍लेषण के बाद शोधकर्ताओं ने विटामिन डी और रक्‍तचाप के संबंधों का पता लगाया। तो सूर्य की रोशनी में रहकर आप विटामिन डी का स्‍तर बढ़ा सकते हैं और इससे आपका रक्‍तचाप नियंत्रित रह सकता है। जर्नल ऑफ इन्‍वे‍टिगेटिव डर्मोटॉलोजी में यह बात सामने आयी है कि रोजाना 20 मिनट पराबैंगनी किरणों में रहने से रक्‍तवाहिनियां चौड़ी हो जाती हैं, इससे कार्डियोवस्‍कुलर प्रक्रिया बेहतर काम करती है। यानी इससे आपका बीपी नियंत्रित होता है।
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डिनर के बाद टहलें

डिनर के बाद टहलें

आयुर्वेद में रात के भोजन के बाद टहलने को जरूरी कहा गया है। इसमें शतपदी यानी कम से कम सौ कदम चलना जरूरी माना गया है। इससे पाचन क्रिया और रक्‍तचाप दोनों भले रहते हैं। भले ही आप सुबह एक्‍सरसाइज करते हों, लेकिन आपको दिन भर निष्क्रिय नहीं रहना चाहिये। सुबह वर्जिश करके दिन भर टीवी या कंप्‍यूटर के सामने बैठा रहना सेहत के लिए अच्‍छा नहीं। ऐसे लोग जो दिन का अधिकतर वक्‍त यूं ही बैठे-बैठे गुजार देते हैं, उन्‍हें दिल की बीमारियां होने का खतरा अधिक होता है। यह बात भी याद रखने की है कि उच्‍च रक्‍तचाप कार्डियोवस्‍कुलर डिजीज का सबसे बड़ा जोखिम कारक माना जाता है। दिन भर में भी आपको हल्‍का-फुल्‍का व्‍यायाम करते रहना चाहिये। इससे आपकी सेहत और रक्‍तचाप नियंत्रित रहता है।
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नाश्‍ता हो भारी

नाश्‍ता हो भारी

कभी किसी ने आपसे कहा है कि आपका नाश्‍ता हल्‍का करना चाहिये। अगर नहीं, तो अच्‍छी बात है और अगर हां, तो फिर इस बात को फौरन भूल जाइये। भारी नाश्‍ता न केवल आपका वजन, बल्कि रक्‍तचाप को भी काबू में रखता है। इस्राइल में हुए एक शोध में यह बात सामने आयी। इस शोध में बताया गया कि सात सौ कैलोरी का नाश्‍ता करने वाली महिलाओं को वजन और रक्‍तचाप कम करने में मदद मिली। भारी नाश्‍ते के साथ ही उन्‍होंने लंच और डिनर हल्‍का किया था। आप कटे टमाटर और शकरकंद का सेवन नाश्‍ते में करें। इसमें पोटेशियम भरपूर मात्रा में होता है। सेहतमंद नाश्‍ता न केवल आपकी पाचन क्रिया को अच्‍छा रखता है, बल्कि रक्‍तचाप को भी काबू रखता है।
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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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