Subscribe to Onlymyhealth Newsletter

कैंसर का कारण माने जाने वाले ये 10 कारण हैं मात्र अफवाह

आए दिन नए शोध अलग-अलग चीजों से कैंसर होने का दावा करते नज़र आते हैं, लेकिन इस शोधों की विश्वसनीयता कितनी है? और यदि इन सभी चीजों से कैंसर होता, तो अभी तक तो हम कई बार मर चुके होते।

तन मन By Rahul SharmaJul 29, 2015

कैंसर के अटपटे कारण

आपने लोगों को अकसर कहते सुना होगा, ये करोगे तो कैंसर हो जाएगा, ये खाओगे तो कैंसर हो जाएगा, लेकिन क्या आपने कभी गहराई से ये सोचने की कोशिश की है कि यदि इस सभी चीजों से कैंसर होता, तो हम अभी तक तो कई बार मर चुके होते। आए दिन नए शोध अलग-अलग चीजों से कैंसर होने का दावा करते नज़र आते हैं, लेकिन इस शोधों की विश्वसनीयता भला क्या है? चलिये आज ऐसी ही कुछ चीजों के बारे में बात करते हैं जिनसे कुछ शोध कैंसर होने का दवा करते हैं लेकिन ये बात पूरी तरह से गले नहीं उतरती।
Images source : © Getty Images

जले हुए ब्रेड टोस्ट

जले हुए ब्रेड टोस्ट (यहां तक की टोस्टर में टोस्ट किये हुए भी) से एक्रिलामाइड (acrylamide) के गठन को बढ़ावा मिलता है, जिसे कैंसर का कारण माना जाता है। क्या ऐसा होता है...?
Images source : © Getty Images

कृत्रिम मिठास वाले स्वीटनर

कुछ शोध कहते हैं कि उच्च कृत्रिम मिठास वाले स्वीटनर जैसे एसपारटेम (aspartame) की वजह से हर नई चुइंगम खाने के साथ कैंसर होने का खतरा बढ़ता जाता है। ले क्या वाकई ऐसा होता है...?
Images source : © Getty Images

कसी हुई ब्रा

तंग व कसी हुई ब्रा तथा तार वाली ब्रा पहनने को कई बार स्तन कैंसर से जोड़ा जा चुका है। लेकिन क्या किसी को कभी ब्रा पहनने के कारण कैंसर हुआ है...?
Images source : © Getty Images

मोनोसोडियम ग्लूटामेट (MSG)

लगभग हर घर में सालों से खाई जा रही मैगी को मोनोसोडियम ग्लूटामेट (MSG) के कारण बाजार से हटा दिया गया है। इसके पीछे तर्क है कि एमएसजी से पेट का कैंसर होता है। हालांकि यह न जानें कितने वर्षों से चीनी लोगों के भोजन का एक प्रमुख घटक है।
Images source : © Getty Images

चिप्स

चिप्स को काफी उच्च तापमान पर तला जाता है, जिस कारण एक्रिलामाइड (acrylamide) जो कि कैंसर पैदा करने वाला पदार्थ माना जाता है, चिप्स खाने से एक्रिलामाइड उत्पादन बढ़ जाता है। लेकिन क्या वाकई चिप्स खाने से कैंसर हो रहा है...?
Images source : © Getty Images

चाय पीने से

ये बात शायद आपको बेहद हैरत में डाल दे, लेकिन एक शोध ने गर्म चाय पीने और ग्रासनलीय कैंसर के बीच गहरा संबंध स्थापित कर दिखाया है। लेकिन क्या वाकई चाय पीने से हमें कैंसर हो रहा है...?
Images source : © Getty Images

प्लास्टिक की बोतलें

प्लास्टिक की बोतलों में BPA (बीपीए को कैंसर कारी पदार्थ माना जाता है) होते हैं, जो कि पानी में घुल जाता है और स्तन कैंसर का कारण बनता है। लेकिन आज कल तो लगभग हर बर्तन और पैकिंग प्लाटिक में ही है। तो क्या हम मरने वाले हैं...?
Images source : © Getty Images

सैनिटरी नैपकिन्स

इन दिनों लगभग सभी सैनिटरी नैपकिन्स ने इनके भीतर के लिक्विड को जैल में बदल दिया है, और इन सैनिटरी नैपकिन्स में इस्तेमाल किये जाने वाले कैमिकल्स को मूत्राशय और गर्भाशय के कैंसर का संभव कारण बताया जाता है। क्या वाकई...?  
Images source : © Getty Images

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

More For You
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK