Subscribe to Onlymyhealth Newsletter

चीनी शरीर पर डालती है ये 10 दुष्‍प्रभाव, जानकर चौंक जाएंगे आप!

हममें से ज्यादातर लोग मीठा खाते समय इसके खतरों के बारे में नहीं सोचते। लेकिन क्‍या आप यह जानते हैं कि लगातार आवश्यकता से ज्यादा चीनी युक्त खाद्य पदार्थ के इस्तेमाल से मोटापा, डायबिटीज, हृदय रोग एवं दांतों के क्षय का सामना करना पड़ सकता है।

स्वस्थ आहार By Pooja SinhaAug 08, 2014

चीनी के दुष्‍प्रभाव

केलीफोर्निया यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता, चीनी को एल्‍कोहल के नशे के बराबर मानते हैं। उनका मानना है कि चीनी एक विषाक्त तत्‍व है जिससे आप बच नहीं सकते हैं। यह आपके शरीर के लिए बेहत की नुकसानदेह होती है। इसका सेवन हमें धीरे-धीरे कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की ओर ले जाता है। जानिए चीनी खाने की आदत आपके शरीर में क्‍या-क्‍या कमाल दिखाती है। image courtesy : getty images

हृदय रोग

चीनी की आवश्यकता से बहुत ज्यादा मात्रा का सेवन हृदय रोग को बुलावा देती है। चीनी के कारण लीवर को ज्‍यादा यूरिक एसिड बनाना पड़ता है। जिससे हाई ब्‍लड प्रेशर की समस्‍या हो जाती है। और यह आपके शरीर को हृदय रोगों की ओर धकेलता है। image courtesy : getty images

दिमागी बीमारी

ज्यादा चीनी खाने से शरीर का उच्‍च रक्तचाप का स्‍तर तेजी से बढ़ता और कम होता है। जिससे माइग्रेन या सिर दर्द जैसी समस्याएं सामने आती हैं। लगातार उच्‍च रक्तचाप के स्‍तर के बढ़ने से ब्रेन सेल भी खत्म होने लगते हैं जिससे डिमेंशिया जैसी भयानक बीमारियां भी आपको प्रभावित करने लगती है। image courtesy : getty images

लीवर पर असर

लीवर सिरोसीज की समस्‍या शराब के अत्‍यधिक सेवन से होती है। इस समस्‍या में लीवर खराब हो जाते हैं। लेकिन यह बीमारी चीनी की अधिक मात्रा से भी होती है। यह इसलिए होता है कि चीनी खाने से वजन बढ़ने लगता है और इंसुलिन प्रभावहीन हो जाता है और चीनी फैट के रूप में  लीवर में जमा होना शुरू हो जाता है। इसे फैटी लीवर डिसीज भी कहा जाता है। image courtesy : getty images

दांतों पर असर

यह बात तो हम सभी जानते हैं कि अधिक चीनी का सेवन, दांतों में कैविटी, मसूड़ों से खून और दांत टूटने जैसी समस्‍या का कारण होती हैं। आप जितनी अधिक मात्रा में चीनी का सेवन करेंगे, दांतों में कैविटी होने का खतरा उतना ही अधिक होगा। image courtesy : getty images

पेनक्रियाज पर असर

शरीर द्वारा पर्याप्‍त मात्रा में इनसुलिन का निर्माण न कर पाना डायबिटीज का सबसे बड़ा कारण है। इनसुलिन पेनक्रियाज में बनने वाला हॉर्मोन है। अधिक शर्करा के कारण पेनक्रियाज को ज्‍यादा काम करना पड़ता है। इससे इनसुलिन प्रतिरोधकता और अन्‍य समस्‍यायें उत्‍पन्‍न हो जाती हैं। image courtesy : getty images

कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता

लिक-द शुगर हैबिट' पुस्तक की लेखिका नैंसी एपलटन के अनुसार, ज्यादा चीनी के सेवन से शरीर में खनिज लवणों का स्तर असंतुलित हो जाता है जिससे हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने लगती है। image courtesy : getty images

जल्दी बुढ़ापा

आप जो कुछ भी खाते हैं उसका असर आपके शरीर के साथ त्‍वचा पर भी पड़ता है। खून में ज्‍यादा शुगर होने से त्‍वचा ढीली पड़ने लगती है और उम्र से पहले झुर्रियां समस्‍या होने लगती हैं। अगर आपको खाने में मीठा पसंद है तो आपको भी झुर्रियों की समस्‍या हो सकती है। image courtesy : getty images

मोटापा

मोटापे से अन्‍य कई प्रकार की बीमारियां हो सकती है। मोटापा एक जटिल समस्या है, जो दिन-प्रतिदिन बढती जा रही है। कई अध्ययनों के अनुसार, शहरी युवा इसकी चपेट में ज्यादा आ रहे हैं। इस वजह हैं श्‍ुगर युक्त आहार जैसे, जंक फूड, कोल्ड ड्रिंक, केक, पेस्ट्री आदि खाद्य पदार्थो का ज्यादा सेवन। image courtesy : getty images

कोलेस्ट्रॉल

मोटापा और डायबिटीज की तरह कोलेस्ट्रॉल का बढ़ता स्तर भी हृदय रोग को बुलावा देता है। इस बात के कई प्रमाण हैं कि चीनी की बहुत ज्यादा मात्रा बुरे कॉलेस्ट्रॉल को बढ़ावा देती है। इसलिए चीनी के अत्‍यधिक सेवन से बचें। image courtesy : getty images

रक्तचाप या ब्लड प्रेशर

आमतौर पर भोजन में सोडियम या नमक की ज्यादा मात्रा को हाइपरटेंशन के लिए जिम्मेदार माना जाता है। लेकिन वर्ष 2011 के एक अध्ययन के अनुसार, जो लोग अपने भोजन में चीनी की मात्रा कम करके केवल एक मीठे पेय तक सीमित कर गए, उनमें रक्तचाप का खतरा अन्‍य के मुकाबले अपेक्षाकृत कम पाया गया। image courtesy : getty images

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

More For You
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK