• shareIcon

खाने के बाद भी रहते हैं भूखे? तो हो सकती हैं ये बीमारियां

क्‍या आपको भरपूर पेट खाने के बावजूद दोबारा भूख लग जाती है। आप कुछ खा लेते हैं, लेकिन ये क्‍या कुछ ही देर में आपको फिर से भूख लगने लगती है। अगर ऐसा होता है तो आपको सावधान हो जाना चाहिए।

स्वस्थ आहार By Rahul Sharma / Oct 17, 2016

बार-बार भूख लगना, बीमारी का कारण तो नहीं

कई बार ऐसा होता है कि भरपूर पेट खाने के बावजूद हमें दोबारा भूख लग जाती है। फिर हम कुछ खा लेते हैं। लेकिन ये क्‍या कुछ ही देर में हमें फिर से भूख लगने लगती है। अगर आपके साथ भी ऐसा ही होता है तो यह फिक्र की बात हो सकती है। आपको इस तरह बार-बार भूख लगने के कारणों के बारे में जानना चाहिए। अगर आप ज्‍यादा वर्कआउट करते हैं या गर्भवती है या किसी बीमारी से अभी-अभी उबरे हैं तो ज्‍यादा भूख लगना स्‍वाभाविक है। लेकिन अगर ऐसा कुछ न होने के बावजूद आपको जरूरत से ज्‍यादा भूख लगती है तो यह किसी बीमारी का लक्षण भी हो सकता है। आइए जानें इसके क्‍या कारण हो सकते हैं।

Image Source : Getty

इटिंग डिसऑर्डर

इटिंग डिसऑर्डर यानी बुलिमिया की समस्‍या होने पर व्‍यक्ति को बहुत ज्‍यादा भूख लगने लगती है। बुलिमिया में अनियंत्रित ढंग से खाने की समस्या होती है। बुलिमिया से पीड़ित लोग न चाहते हुए भी खाते जाते हैं। अपने इमोशन को कंट्रोल नहीं कर पाते हैं। उनके साथ एक समस्या यह भी है कि पहले तो ज्यादा खा लेते हैं, फिर इसके कारण बुरा महसूस करते हैं। बहुत अधिक खाने की ये अवस्था आगे जाकर उल्टी की शिकायत में भी बदल सकती है। यह इटिंग डिस्‍ऑर्डर की शुरूआत बचपन से होती है, जब बच्चा उदास होकर ज्‍यादा खाने की ओर रुख करता है।

Image Source : Getty

हाइपोग्लाइसीमिया

हाइपोग्‍लाइ‍सीमिया यानि लो ब्‍लड शुगर से भी कई लोग जरूरत से ज्‍यादा खाने लगते हैं। हाइपोग्लाइसीमिया के लक्षणों में भूख, थकान, सिर दर्द, ठंडा पसीना, कंफ्यूजन और चक्कर आना शमिल है। यह समस्‍या जरूरत से ज्यादा एक्सरसाइज करने, जरूरी कार्बोहाइड्रेट न लेने और भूखा रहने के कारण होती है। इस तरह की स्थिति में हाइपोग्लाइसीमिया कम समय के लिए होता है और ब्लड शुगर का स्तर आपके कुछ खा लेने के बाद ठीक हो जाता है। लेकिन अगर आपको पहले से ही लीवर की बीमारी है तो हाइपोग्लाइसीमिया अधिक गंभीर रूप धारण कर सकता है और आपको हर वक्त भूख लगती रहती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि शरीर आमतौर पर लीवर में शुगर का निर्माण करता है, जिससे ब्लड शुगर का स्तर गिरे नहीं। लेकिन अगर लीवर की बीमारी होगी तो शुगर का निर्माण नहीं हो  पाएगा।

Image Source : Getty

पेट में कीड़े या पीएमएस के कारण

कई बार आंतों के कीडों के कारण भी आपको बहुत अधिक भूख लगती है। ये कीड़े, खासतौर पर टेपवॉर्म आपके शरीर के अंदर लंबे समय तक रह जाते है और आपको इसका पता भी नहीं चलता। ये परजीवी आपके शरीर से सभी आवश्यक पोषण ले लेते हैं और आपको फैट व शुगर दे देते हैं। आपको बहुत अधिक भूख लगनी शुरू हो जाती है और अधिक खाने लगते हैं। साथ ही पीएमएस यानी प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम की समस्‍या होने पर भी आपको खाने की इच्छा होती है। इसमें भूख लगने के साथ-साथ पेट में मरोड़, सिर दर्द और कब्ज जैसी समस्याएं भी हो जाती हैं।

Image Source : Getty

टाइप टू डायबिटीज

टाइप टू डाइबिटीज से भी आपको लगातार भूख महसूस हो सकती है। हाई ब्लड शुगर से आपको भूख ज्‍यादा लगने लगती है चाहे शरीर को खाने की जरूरत हो या नहीं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि आपके शरीर का हर सेल ब्लड से शुगर लेने के लिए इंसुलिन पर निर्भर करता है। अगर इंसुलिन पर्याप्त मात्रा में न हो या ठीक प्रकार से काम न कर रहा हो तो वह जरूरत वाली जगह यानी सेल्‍स में ना जाकर शुगर ब्लड में मिल जाता है। इस कारण से सेल्स ब्रेन में ये संदेश भेजते हैं कि उन्हें अधिक खाने की जरूरत है। और इसी कारण से आपको हर वक्त भूख लगती रहती है।

Image Source : Getty

हाइपरथाइरॉइडिज्म

हाइपरथायरॉइडिज्‍म के कारण भी अत्‍यधिक भूख की समस्‍या होती है। यह इम्‍यून से जुड़ी समस्‍या थायरॉइड को प्रभावित करती है। और थायरॉइड मेटाबॉलिक रेट बढ़ाने का काम करता है इसलिए ओवरएक्टिव थायरॉइड से हाइपरएक्टिविटी, इन्सॉमिया या लगातार भूख लगना जैसी समस्याएं हो जाती हैं। हालांकि ज्यादा खाने के बावजूद भी वजन ज्यादा नहीं बढ़ता क्योंकि ओवरएक्टिव थायरॉइड की वजह से कैलोरी बहुत जल्दी बर्न होती हैं।

Image Source : Getty

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

More For You
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK