टेंशन और तनाव को कम करते हैं ये 5 योगासन, दिमाग रहता है शांत

तनाव उम्र को बढ़ाने वाले प्रमुख कारकों में माना जाता है, तनाव के कारण ही अनिद्रा, झाइयां, झुर्रियां आदि की समस्‍या होती है। इसलिए योगासन के द्वारा तनाव पर ब्रेक लगाकर बढ़ती उम्र के असर को कम करें।

योगा By Rashmi Upadhyay / Jul 15, 2018
तनाव और बढ़ती उम्र

तनाव और बढ़ती उम्र

तनाव उम्र को बढ़ाने वाले प्रमुख कारकों में से एक है, अधिक तनाव के कारण अनिद्रा, झाइयां, झुर्रियां आदि की समस्‍या होती है। इसलिए तनाव पर ब्रेक लगाकर आप अपनी बढ़ती उम्र के असर को भी कम कर सकते हैं। योग एक प्राचीन तकनीक है जो श्वसन तकनीकों और मुद्राओं के संयोजन के माध्यम से सम्पूर्ण रुप से जीवन को जीने के लिए प्रोत्साहित करता है। यह तनाव को दूर करने में मदद करता है।

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कितनी देर करें

कितनी देर करें

अगर आपके पास वक्‍त की कमी है, तो जरूरी नहीं कि योग के लिए 30 या 40 मिनट निकालें। मात्र 10 मिनट योग करके आप तनाव दूर कर सकते हैं। 'हीलिंग मूविंग योगा' जर्नल में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, सुबह के वक्‍त केवल 10 मिनट योग करके आप अपने दिन की शुरूआत तनाव रहित और खुशनुमा बना सकते हैं। तो क्‍यों न रोज तनाव के लिए 10 मिनट निकालें।

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बालासन करें

बालासन करें

इसे चाइल्‍ड पोज भी कहते हैं, यह बहुत उपयुक्त माना जाने वाला आसन है जो तनाव को दूर करता है। इस आसन के दौरान आपके कूल्हों, जांघों, एड़ियों में हल्‍का सा खींचाव महसूस होगा तथा यह आसन मन को शांत और आपको तनाव एवं थकान से मुक्त करेगा। बाल मुद्रा आसन तंत्रिका तंत्र को भी शांत करता है व प्रभावी रूप से दर्द को कम करता है।

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बंध कोण आसन

बंध कोण आसन

यह आसन शरीर की आंतरिक मांसपेशियों में खिंचाव कर शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है और थकान दूर करता है। जमीन पर सीधे बैठकर पैरों के दोनों तलवों को सटा लीजिए अपने दोनों हाथों से पैरों की अंगूठों को पकड़ लें। धीरे-धीरे सांसों को अंदर बाहर करें।

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सेतु बांधासन

सेतु बांधासन

इसे सेतु मुद्रा भी कहते हैं, यह आसन रक्तसंचार को नियंत्रित रखने में मदद करता है। सेतु बांधासन मन को शांत कर, मस्तिष्क को आराम एवं व्‍याकुलता को कम करता है। यह आसन तनाव दूर कर उम्र पर ब्रेक लगाता है।

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मर्जरी आसन

मर्जरी आसन

इस आसन में व्‍यक्ति के शरीर की आकृति बिल्ली की मुद्रा में हो जाती है, इसलिए इसे मर्जरी यानी बिल्‍ली आसन कहा जाता है। यह रक्तसंचार को सुधारकर मन को शांत करता है। तनाव को दूर कर आपके श्वसन को बेहतर बनाता है यह आसन। इस आसन की सबसे अच्छी बात यह है कि यह थकी हुई मांसपेशियों को आराम दिलाता है जो दर्द से छुटकारा पाने का एक प्रभावी तरीका है। इसे करने के लिए दोनों घुटनों और हथेलियों के बल खड़े हों, अब दोनों हाथ और पैर सीधे रखकर सिर बिल्कुल सीधे रखें और सामने की ओर देखें। अब ठुड्डी उठाते हुए सांस खींचे और सिर ऊपर की तरफ उठाएं। इस दौरान शरीर को अच्छी तरह से स्ट्रेच करें।

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पश्चिमोत्तानासन

पश्चिमोत्तानासन

यह आसन मस्तिष्क को शांत कर तनाव दूर करता है तथा सिर दर्द से भी राहत दिलाता है। इसे करने के लिए पैरों को सामने फैलाकर बैठ जाएं, हथेलियों को घुटनों पर रखकर सांस अंदर लेते हुए हाथों को ऊपर उठाएं व कमर को सीधा कर ऊपर की तरफ खींचे। अब सांस निकालते हुए आगे की ओर झुकें व हाथों से पैरों के अंगूठों को पकड़कर माथे को घुटनों पर लगा दीजिए। ध्‍यान रखें कि घुटने मुड़़ने नहीं चाहिए। कोहनियों को जमीन पर लगाने का प्रयास करें।

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अधोमुख श्वानासन

अधोमुख श्वानासन

यह आसन मस्तिष्क में रक्त परिसंचरण को बढ़ाता है और सिर दर्द तथा तनाव से राहत दिलाता है। इसे करने के लिए घुटनों के बल खड़े हों और फिर हाथों को जमीन पर रखें। अब हाथों पर शरीर का सारा जोर देते हुए पैरों को वी आकार में फैलाएं। रीढ़ की हड्डी सीधी रखते हुए शरीर के ऊपरी हिस्से को ऊपर की तरफ खींचें। एक मिनट तक इसी अवस्था में रहने के बाद सामान्य अवस्था में आ जाएं।

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शवासन

शवासन

यह आसन तनाव दूर कर शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है। इसे करने के लिए पीठ के बल लेट जाएं। अपने सभी अंगों और मांसपेशियों को ढीला छोड़ दें। आंखों को बंदकर धीरे-धीरे गहरी सांस अंदर-बाहर कीजिए। शरीर को एकदम ढीला रखें। शरीर को जितना ढीला रखेंगे, उतना ही फायदा होगा। बांहों को दोनों बगल में शरीर से थोड़ा हटाकर फैलाएं और उन्हें ढीला छोड़ दें। इस आसन में शरीर की स्थिति मुर्दे के समान हो जाती है। इसीलिए इसे शवासन कहा जाता है।

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