Subscribe to Onlymyhealth Newsletter

शंख मुद्रा के अभ्यास का सही तरीका और इसके लाभ

मुद्राएं शरीर एवं मन को शुद्ध, स्वस्थ्य एवं मजबूत बनाए में सहायक होती हैं। इन्हीं में से एक शंख मुद्रा भी बहुत महत्वपूर्ण योग मुद्रा होती है। इस मुद्रा का अभ्यास कई प्रकार से लाभ पहुंचाता है। चलिए जानें शंख मुद्रा के अभ्यास का सही तरीका और इसके लाभ क

योगा By Rahul SharmaJun 03, 2016

शंख मुद्रा करने का तरीका और फायदे


योग विज्ञान की मदद से अनेक जटिल समस्याओं का उपचार किया जाता रहा है। योग विज्ञान में कई योगासन एवं मुद्राएं भी शामिल हैं। मुद्राएं भारतीय ऋषियों द्वारा हमें दी गई एक बेहद अनमोल देन है। मुद्राएं शरीर एवं मन को शुद्ध, स्वस्थ्य एवं मजबूत बनाए में सहायक होती हैं। इन्हीं में से एक शंख मुद्रा भी बहुत महत्वपूर्ण योग मुद्रा होती है। इस मुद्रा का अभ्यास कई प्रकार से लाभ पहुंचाता है। चलिए जानें शंख मुद्रा के अभ्यास का सही तरीका और इसके लाभ क्या हैं।  
Images source : © Getty Images

शंख मुद्रा का कैसे होता है प्रभाव



माना जाता है कि अंगूठा अग्नि तत्व का प्रतिनिधित्व करता है। और इसके चारों ओर उंगलियों का दवाब शरीर के पित्त को नियंत्रित करता है। शंख मुद्रा में एक हाथ के अंगूठे का दबाव दूसरे हाथ की हथेली पर पड़ता है और दूसरे हाथ की मुडी हुई उंगलियों का दबाव उसी हाथ के अंगूठे के नीचे के कुशन पर पड़ता है। जिससे यह दबाव नाभि व गले की ग्रंथियों को प्रभावित करता है।
Images source : © Getty Images

शंख मुद्रा करने का सही तरीका


शंख मुद्रा करने के लिए बाएं हाथ के अंगूठे को दोनों हाथ की मुट्ठी बनाकर उसमें बंद कर लें और फिर बाएं हाथ की तर्जनी उंगली को दाएं हाथ के अंगूठे से मिलाएं। इस तरह से शंख मुद्रा बन जाती है। फोटो की तरह इस मुद्रा में बाएं हाथ की बाकी तीन उंगलियों के पास में सटाकर दाएं हाथ की बंद उंगलियों पर हल्का-सा दबाव दिया जाता है। ठीक इस तरह ही हाथ को बदलकर अर्थात् दाएं हाथ के अंगूठे को बाएं हाथ की मुट्ठी में बंद करके शंख मुद्रा बनाई जाती है।
Images source : © Getty Images

शंख मुद्रा करने के फायदे


शंख मुद्रा के अभ्यास से बच्चों के तुतलाने, हकलाने, गला बैठने और अन्य कई वाणी (आवाज) संबंधी दोष ठीक होते हैं। इस मुद्रा को बच्चों या वयस्कों द्वारा आराम से किया जा सकता है। शंख मुद्रा का सम्बन्ध नाभि चक्र से होता है, इसलिए शरीर के स्नायुतंत्र (nervous system) पर खासा प्रभाव होता है। इसके अलावा शंख मुद्रा करने के निम्न फायदे होते हैं।

संगीत साधना करने वालों लोगों की वाणी को मधुर बनाती है।
आवाज संबंधीऔर गले (ग्रसनी) की समस्याओं को दूर करती है।
बेचैनी और उत्तेजना को ठीक करती है।
एलर्जी विकारों, विशेष रूप से पित्ती को नियंत्रित करती है।
यह स्नायुओं (नर्वस सिस्टम) और पाचन तंत्र को मजबूत बनाती है।
नियमित रूप से करने से भूख बढाने में मदद मिलती है।
Images source : © Getty Images

शंख मुद्रा के साथ सावधानियां


जिन लोगों को कफ और वात आदि की समस्या हो उन्हें यह मुद्रा अधिक समय तक नहीं करनी चाहिए। शंख मुद्रा को किसी भी समय किया जा सकता है। प्रतिदिन 10 से 15 मिनट दिन में तीन बार 30 से 45 मिनट इसका अभ्यास किया जा सकता है।
Images source : © Getty Images

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

More For You
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK