Subscribe to Onlymyhealth Newsletter

6 प्रकार के मोटापे से अलग-अलग तरीकों से निपटें

मोटापा एक समस्‍या नहीं बल्कि समस्‍याओं की जननी है, लेकिन शायद ही आप इस बात को जानते होंगे कि मोटापा 6 तरह का होता है, लेकिन हर तरह के मोटापे का उपचार अलग होता है, आप किस तरह के मोटापे से ग्रस्‍त हैं?

वज़न प्रबंधन By Aditi Singh May 20, 2015

खतरनाक है मोटापा

ओबेसिटी के लक्षण धीरे-धीरे पनपते हैं, जो कि पीड़ादायक हो सकता है। बढ़ती आयु के साथ इससे जोडों व पीठ का दर्द, स्किन डिजीज और ब्रीदिंग प्रॉब्लम्स शुरू हो जाती हैं। समय पर इसे काबू न किया जाए तो टाइप2 डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, उच्‍च कोलेस्ट्रॉल, स्लीप एप्निया, अर्थराइटिस, डिप्रेशन और कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी हो सकती है। लेकिन न तो मोटाप एक तरह का होता है और न ही इसका उपचार एक जैसा, तो जैसा मोटापा वैसा हो उसका उपचार। अधिक जानने के लिए इस स्‍लाइडशो को पढ़ें।
ImageCourtesy@Gettyimages

डायबेसिटी

डायबिटीज और ओबेसिटी से मिलकर बना है। वहीं, डायबिटीज और ओबेसिटी भी आपस में एक-दूसरे से जुड़े हैं। मोटापे से ग्रस्त लोगों को डायबिटीज होने का ज्यादा रिस्क रहता है। कुछ मरीज ऐसे भी होते हैं, जिन्हें ये पता ही नहीं होता कि उन्हें टाइप 2 डायबिटीज है।
ImageCourtesy@Gettyimages

ग्लैण्डुर ओबेसिटी

डॉक्टरी भाषा में बचपन के मोटापे को ग्रंथीय विकृति माना जाता है, इसे ग्लैण्डुर ओबेसिटी कहा जाता है। इसके उदाहरण कम ही देखने को मिलते हैं। शरीर में अतिरिक्त चर्बी जम जाने पर यह प्रकट होता है। मोटापा शरीर के कुछ अंगों पेट, जांघ, हाथ, नितम्ब, कमर आदि को अनावश्यक रूप से फुलाते हुए अपने आस-पास के अंगों को दबाता चला जाता है, इस तरह यह पूरे शरीर को अपने कब्जे में ले लेता है।
ImageCourtesy@Gettyimages

फ्रोलिच मोटापा

इस प्रकार का मोटापा भी बचपन में ही देखने को मिलता है, यह अकसर मस्तिष्क में उत्पन्न ट्यूमर के कारण होता है। फ्रोलिच टाइप का मोटापा वक्ष, पेट व नितंबों को प्रभावित करता है। इस मोटापे में व्यक्ति के शरीर का विकास कम होता है।
ImageCourtesy@Gettyimages

कुशिंग सिण्ड्रोम

इस प्रकार का मोटापा मुख्यतः ऐड्रोनल ग्रंथि के सूज जाने या उसमें ट्यूमर निकलने, ऐड्रोनल ग्रंथि से हार्मोन अधिक मात्रा में निकलने के कारण होता है। इसके इलाज के लिए समय रहते डॉक्टर से सलाह लें। इस तरह के मोटापे का पता नहीं चलता है।
ImageCourtesy@Gettyimages

हाइपोथैलमिक ओबेसिटी

दिमाग में हाइपोथैलमिस अंग होता है, जिससे भूख का पता चलता है। यही नींद को भी नियंत्रित करता है। ब्रेन ट्यूमर, चोट लगने या किसी कारणवश यदि यह अंग प्रभावित हो तो न्यूरो हार्मोन में परिवर्तन आता है। इसके चलते लंबे समय तक इंसान सोते रहता है और जब नींद खुलती है तो काफी भूख लगती है। उठने पर सिर्फ भोजन मांगते थे। भोजन नहीं मिलने पर वे बहुत क्रोधित होते थे। इस तरह की बीमारी का इलाज चिकित्सक ही बता सकते है।
ImageCourtesy@Gettyimages

मोरबिड ओबेसिटी

मोरबिड ओबेसिटी उस स्थिति को कहते हैं जब बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) की रेटिंग 40 से अधिक हो जाती है। यह स्थिति धीरे-धीरे शुरू होती है और समय के साथ शरीर का वजन बढ़ता जाता है। मो‍रबिड ओबेसिटी एक गंभीर समस्‍या है, इसके कारण आदमी को कई प्रकार की गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।अस्‍वस्‍थ मोटापे को नियंत्रित करने की शुरुआत अपने खान-पान से कीजिए। आप यह देखिए कि नियमित रूप से आप कितनी ज्‍यादा कैलोरी ले रहे हैं। अगर आप ज्‍यादा कैलोरी का सेवन कर रहे हैं तो उसे कम कीजिए।
ImageCourtesy@Gettyimages

मोटापे से बचाव

घुलनशील एवं अघुलनशील रेशेयुक्त खाने का सेवन मोटापे के लिए सबसे बेहतर उपचार माना जाता है। ओवरईटिंग से बचें, क्योंकि इससे कब्ज होती है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से भोजन के रेशे अपना कार्य कहीं बेहतर तरीके से कर पाते हैं और कब्ज की शिकायत को दूर रखते हैं। ऐसे खाद्य पदार्थों से दूर रहें जो पचने में मुश्किल हों, जैसे चीनी या वसायुक्त खाद्य पदार्थ। कृत्रिम मिठास वाले पदार्थों से बचना जरूरी है।

ImageCourtesy@Gettyimages

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

More For You
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK