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इशारे जो कहें डेंटिस्‍ट के पास जा प्‍यारे

आइए जानें, दांतों से जुड़ी उन समस्‍याओं के बारे में जिनके चलते डेंटिस्‍ट के पास जाने की जरूरत पड़ती हैं।

दंत स्वास्‍थ्‍य By Pooja SinhaSep 06, 2013

सफेद धब्बे

मुंह में बैक्‍टीरिया के कारण दांतों की सड़न पैदा होती है। इससे इने‍मल को नुकसान पहुंचता है। यह इनेमल दांतों का सुरक्षा कवच होता है। इससे दांतों पर सफेद धब्बे दिखने लगते है। इसलिए जैसे ही आपको दांतों में किसी भी तरह के सफेद धब्बे दिखें तुरन्‍त अपने डेंटिस्‍ट से संपर्क करें।

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कैविटी

अगर दांत में काले ये भूरे धब्बे दिखाई दें और दांतों में दर्द हो, तो समझ लीजिए कि आपके दांतों में कैविटी है। ऐसे में तुरन्त डेंटिस्‍ट के पास जायें। अगर आप उचित समय पर इलाज नहीं करवाएंगे, तो दांतों में सड़न के साथ ही मसूड़ों में सूजन, जबड़ों में दर्द की शिकायत भी हो सकती हैं।

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दांत में दर्द

ठंडे या गर्म के कारण दांतों में संवेदनशीलता, जबड़े में सेन्सेशन और दांतों में दर्द यह सब डेंटिस्‍ट के पास जाने के कुछ स्‍पष्‍ट संकेत है। प्रारंभिक चरणों में इन संकेतों पर ध्‍यान न देना अत्यधिक दर्द और सूजन को जन्म दे सकता है।

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मसूड़ों से खून आना

ब्रश करते समय या फ्लॉस करते समय आपके दांतों में से खून आता है तो आपको डेंटिस्‍ट के पास तुरन्‍त जाना चाहिए। आपका डेन्टिस्‍ट आपको भविष्‍य में मसूड़ों में होने वाली बीमारी, तीव्र दर्द और मुंह में सूजन से बचा सकता है।

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दांतों में बदलाव

अगर आपको अपने दांतों में सूजन, लाल धब्‍बे या रंग, बनावट आदि में बदलाव दिखायी दे, तो वक्‍त आ गया है कि आप डेंटिस्‍ट के पास जाएं। इस तरह के संकेत की उपेक्षा रूट कैनाल सम्‍बन्धित कुछ बड़ी समस्याओं को जन्म दे सकती है।

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सांसों की दुर्गंध

दांतों की सड़न पैदा करने वाले कीटाणु सांसों की दुर्गंध भी पैदा करते हैं। अगर आपके मुंह से दुर्गंध आ रही है तो यह दांतों या मसूडों की समस्याओं का संकेत हो सकता है।

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दांतों का रंग बदलना

दांतों में किसी भी प्रकार के रंग बदलने पर ध्यान दें। अगर दांतों के रंग से ज़्यादा सफेद धब्बा सा दिख रहा है तो यह प्लेक का संकेत हो सकता है। अगर आपको दांतों में पीलापन या भूरा रंग दिख रहा है तो इसका अर्थ है दांतों का इनेमल प्रभवित हो चुका है और आपको जल्दी ही डेंटिस्ट से मिलना चाहिए।

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दांतों का संवेदनशील होना

दांतों का संवेदनशील होना भी सामान्य नहीं। अगर आपके दांतों में ब्रश करने के दौरान परेशानी हो रही है या ठंडा गर्म लग रहा है तो यह कैविटी या दांतों की सड़न का लक्षण हो सकता है। आपको खाना खाने के दौरान भी असहज महसूस हो सकता है।  मीठा खाने के बाद दर्द, ब्रशिंग के दौरान या दांतों पर थोड़ा सा दबाव पडने पर दर्द। अगर आपके दांतों में पहले फिलिंग हुई है तो संवेदनशीलता या दांतों में दर्द फिलिंग निकलने का संकेत हो सकता है।

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दांतों या मसूड़ों से पस आना

अगर आपके दांतों से पस आ रहा है,तो इसे खुद से ना छुएं। इसे चिकित्सक को दिखाएं यह संक्रमण का संकेत हो सकता है।

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काले दांत

कैविटीज़ काले रंग की दिखती हैं, लेकिन कैविटीज़ के दिखने का अर्थ यह नहीं कि आपके दांत पूरी तरह से खराब हैं। दांतों के कुछ भाग का टूटना, दांतों का काला पड़ना दांतों की समस्याओं का ही संकेत है। दांतों का काला रंग होने का अर्थ है कि दातों की जड़ प्रभावित हो रही है। ऐसे दांत कभी भी गिर सकते हैं।

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मसूड़े सूखना

जिन्जीवाइटिस मसूड़े की सबसे आम समस्या है। इसमें मसूड़े सूख कर लाल हो जाते हैं और कमजोर पड़ जाते हैं। इससे बचने के लिए जरूरी है कि मुंह की साफ-सफाई का ध्यान रखा जाए।

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दांतों के स्वास्थ्य के लिए घरेलू उपचार

घरेलू उपचार नींबू, पुदीने का रस तथा नमक एक गिलास गुनगुने पानी में मिला कर सुबह-शाम कुल्ला करें। मुंह से दुर्गध नहीं आएगी।आधा कप गुनगुने पानी में पुदीने की पत्तियां मिला कर गरारा करें, इससे भी मुंह की दुर्गध से निजात मिलेगी।दांतों की चमक बनाए रखने के लिए आधा चम्मच नमक में दस बूंद नींबू मिला लें। इस मिश्रण को दांतों पर लगा कर पांच मिनट के लिए छोड़ दें। फिर दांतों पर बिना पेस्ट लगाए ब्रश करें। दांत लंबे समय तक चमकेंगे।

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दांतों को स्वस्थ रखने के टिप्स

फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट और मुलायम ब्रश से दिन में दो बार दांत साफ करने की आदत डालें। इसके साथ जीभ की सफाई भी करें। दिन में एक बार फ्लॉस भी करें। इससे दांतों के बीच फंसे भोजन के टुकड़े निकल जाते हैं।
ज्यादा कड़क ब्रिसल वाले ब्रश से दांत साफ न करें। नॉनवेज खाने के बाद कुल्ला जरूर करें। इससे दांतों में फंसे रेशे भी निकल जाएंगे और गंध भी।

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बच्चों के दांतों की सफाई जरूरी

दांतों के खराब होने की सबसे बड़ी वजह साफ-सफाई न करना है। एक अध्ययन के अनुसार हमारे देश में पांच साल से कम आयु के 40 प्रतिशत बच्चों के दांत सड़ जाते हैं। इससे बचने के लिए जरूरी है कि बच्चों में बचपन से ही अपने दांतों को साफ रखने की आदत डालें। इससे उनके दांतों में कैविटी होने की आशंका कम हो जाएगी तथा दांत और मसूड़े दोनों स्वस्थ रहेंगे। बच्चों के दांत निकलने से पहले ही उनके मसूड़े को गीले मुलायम टॉवेल से साफ करें। इससे उनका ओरल हाइजीन बेहतर रहेगा ओर उनके दांत भी अच्छे निकलेंगे।

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पोषक और संतुलित भोजन भी है जरूरी

संतुलित भोजन आपके दांतों और मसूड़ों को स्वस्थ रखता है और संक्रमण से बचाता है। इसके अलावा फाइबर युक्त भोजन करें। यह आपके दांतों को साफ और मसूड़े के ऊतकों को मजबूत बनाता है। जब आप भोजन करते हैं या ऐसा पेय पदार्थ पीते हैं, जिसमें शुगर या स्टार्च होता है तो वह एसिड उत्पन्न करता है। यह 20 मिनट या उससे ज्यादा देर तक आपके दांतों पर हमला करता है। दांतों को स्वस्थ रखने के लिए ऐसा भोजन करें, जो विटामिन, मिनरल, कैल्शियम, फॉस्फोरस से भरपूर हो।

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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