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मैग्नीशियम की कमी से होने वाली समस्याएं

मैग्नीशियम की कमी से कई सारी शारीरिक और मानसिक समस्याएं शुरु हो जाती हैं। आइए जानें मैग्नीशियम की कमी से होने वाली परेशानियों के बारे में।

स्वस्थ आहार By Anubha Tripathi / Jun 16, 2014

मैग्नीशियम की कमी

मैग्नीशियम एक रासायनिक तत्व है जो हमारे लिए बहुत उपयोगी है। शरीर का आधे से ज्यादा मैग्नीशियम हमारी हड्डियों में पाया जाता है जबकि बाकी शरीर में हाने वाली जैविक कियाओं में सहयोग करता है। आमतौर पर एक स्वस्थ खुराक में इसकी पर्याप्त मात्रा होती है। इसकी अधिकता से डायरिया और कमी से न्यूरोमस्कुलर समस्या हो सकती है। आइए जानें इसकी कमी से क्या-क्या समस्या हो सकती है।


याददाश्‍त कम करे

खाने में मैग्‍नीशियम की कमी होने पर याद्दाशत कम हो जाती है। विज्ञान पत्रिका न्यूरॉन में छपे एक शोध के अनुसार, याददाश्त को बढ़ाने के लिए मैग्नीशियम की मात्रा बढ़ाना कारगर उपाय हो सकता है। मैग्नीशियम मस्तिष्क सहित शरीर के अनेक ऊतकों के सही ढंग से काम करने के लिए अनिवार्य है। इसलिए याददाश्‍त की क्षमता को बढ़ाने के लिए मैग्‍नीशियम का सेवन भरपूर मात्रा में करना चाहिए।

आस्टियोपोरोसिस का कारण

यदि हड्डियों में मैग्‍नीशियम की कमी हो गई तो इसके कारण हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और ऑस्टियोपोरोसिस की संभावना भी बढ़ जाती है। पूरे शरीर का आधे से अधिक मैग्नीशियम हमारी हड्डियों में पाया जाता है। कई शोधों में भी यह बात सामने आयी है कि मैग्‍नीशियम हड्डियों की बीमारी खासकर आस्टियोपोरोसिस से बचाता है।

दिल के रोगों की वजह

मैग्‍नीशियम दिल के लिए बहुत फायदेमंद है। कोरोनरी हार्ट डिजीज से बचाव के लिए मैग्‍नीशियम का सेवन कीजिए। यदि शरीर में मैग्‍नीशियम की कमी हो जाये तो दिल के दौरे का खतरा अधिक होता है। इसलिए दिल को मजबूत बनाने के लिए मैग्‍नीशियम का सेवन भरपूर मात्रा में कीजिए।

हाइपरटेंशन

मैग्‍नीशियम रक्‍तचाप को विनियमित करने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाता है, यह हाइपरटेंशन से बचाव करता है। इसलिए रक्‍तचाप को सुचारु करने के लिए ताजे फल और हरी सब्जियों का सेवन कीजिए।

मधुमेह को जोखिम

एक शोध में यह बात सामने आयी है कि यदि शरीर में मैग्‍नीशियम की कमी हो जाये तो इसके कारण टाइप-2 डायबिटीज होने की संभावना अधिक होती है। इसलिए यदि मधुमेह जैसी खतरनाक बीमारी से बचना है तो मैग्‍नीशियमयुक्‍त आहार का सेवन अवश्‍य कीजिए।

सिरदर्द और अनिद्रा

मैग्‍नीशियम की भरपूर मात्रा न लेने से सिरदर्द, अनिद्रा, तनाव आदि की शिकायत हो सकती है। इसके अलावा यह मनोरोगों से भी बचाता है। इ‍सलिये तनाव और अवसाद से बचने के लिए मैग्‍नीशियम का भरपूर सेवन कीजिए।

गर्भावस्‍था के दौरान

गर्भवती महिला और उसके भ्रूण के लिए मैग्‍नीशियम बहुत जरूरी है। गर्भवती महिला के शरीर में पल रहे बच्‍चे के ऊतकों की मरम्‍मत के लिए 350-400 मिग्रा अतिरिक्‍त मैग्‍नीशियम की जरूरत होती है। यदि गर्भावस्‍था के दौरान मैग्‍नीशियम की कमी हो जाये तो भ्रूण के विकास में बाधा हो सकती है।

मैग्‍नीशियम के स्रोत

साबुत अनाज, मछली, हरी और पत्‍तेदार सब्जियों, सूरजमुखी के बीज, कद्दू के बीज, ब्राउन राइस, बादाम, पालक, दलिया, आलू, दही, बींस, डेयरी उत्‍पाद, चॉकलेट कॉफी, आदि मैग्‍नीशियम के अच्‍छे स्रोत हैं, इनका सेवन भरपूर मात्रा में कीजिए।

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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