Subscribe to Onlymyhealth Newsletter

ये इशारे बताते हैं कि आपको लग गई है ऑनलाइन शॉपिंग की लत

कम कीमत, विकल्पों की भरमार, और आए दिन चलने वाली सेल, आदि कारणों से ऑन लाइन शॉपिंग लोगों, विशेष रूप से युवाओं को काफी पसंद आ रही है। और कुछ लोगो में तो ये शौक से आगे निकलकर लत या दीवानगी तक पहुंच जाता है।

तन मन By Bharat MalhotraJan 14, 2015

बदलता वक्त बदलती खरीदारी

आज हम कितने सुविधा संपन्न हो गए हैं। तकनीक ने हमारी जिंदगी को बहुत आसान बना दिया है। और ऑनलाइन शॉपिंग इसी का एक विस्तार है। ऑनलाइन शॉपिंग सुनने में बहुत आकर्षक लगता है। कई कारणों से यह लोगों को पसंद आता है। कम कीमत, विकल्पों की भरमार, और आए दिन चलने वाली सेल, आदि लोगों, विशेष रूप से युवाओं को काफी पसंद आ रही है। लेकिन, इसके बावजूद कुछ लोग तो ऐसे भी होते हैं कि उनकी चाहत कभी पूरी ही नहीं होती। अगर थोड़ा सख्त लहजे में कहा जाए, तो वे शौक से आगे निकलकर लत या दीवानगी तक पहुंच जाता है।
Image Courtesy : Getty Images

ऑनलाइन शॉपिंग के दीवाने

आपको ऑनलाइन शॉपिंग में क्या पसंद है। आज शॉपिंग और ऑनलाइन शॉपिंग में कोई फर्क बाकी नहीं रहा। पहले खरीदारी किसी उत्सव की तरह होता था। बाजार जाने के लिए तैयारी करनी पड़ती थी। दोस्तों अथवा परिजनों को तैयार करना पड़ता था। एक पसंदीदा चीज खरीदने के लिए पूरा बाजार घूमा जाता था। अलग ही रोमांच होता था शॉपिंग का। लेकिन, अब हमारे पास सब कुछ होते हुए भी वक्त नहीं है। और कम वक्त में ढेरों विकल्पों के साथ ऑनलाइन शॉपिंग तेजी से इस जगह को भर रहा है। लेकिन शौक और लत में अंतर होता है। और इस लत का नुकसान यह होता है कि आप अकसर जरूरत से ज्यादा वक्त और पैसा खर्च कर देते हैं जिसका अहसास आपको बाद में होता है। हालांकि इसके बाद भी खुद पर काबू कर पाना नामुमकिन सा होता है। जानते हैं कुछ लक्षण जो बतायें कि आपको भी लग चुकी है ऑनलाइन की लत।
Image Courtesy : Getty Images

अपने ब्राउजर का होमपेज देखें

आपके डिफाल्ट ब्राउजर का होम पेज आपकी आदतों के बारे में काफी कुछ बता देता है। लोग जिस साइट पर अधिक विजिट करते हैं, उन्हें वे अपने होमपेज पर रखते हैं। तो अगर अमेजन, फ्लिपकार्ट, जैबॉन्ग, ईबे, स्नैपडील जैसी वेबसाइट्स आपके ब्राउजर के होमपेज पर हैं, तो आप ऑनलाइन शॉपिंग के एडिक्ट हो चुके हैं। अरे, अगर आप अपनी इस आदत को अफोर्ड कर सकते हैं, तो फिर इस पर शरमाने की जरूरत नहीं है। लेकिन फिर भी किसी शॉपिंग वेबसाइट को अपने होमपेज पर रखना, जरा सोच कर देखिये क्या वाकई यह सही है। उम्मीद है कि आप रात को सोते सोते ऑनलाइन खरीदारी नहीं करने लग जाते होंगे।
Image Courtesy : Getty Images

सीओडी (COD)

अगर आपने अभी COD की जगह कैश ऑन डिलिवरी पढ़ा है, तो यकीन जानिये कि आप ऑनलाइन शॉपिंग के लती हो चुके हैं। ऑनलाइन सामान बेचने वाली कंपनियां अपने उत्पाद बेचने के लिए बिजनेस के तमाम ट्रिक आजमाती हैं। कंपनियों का मकसद आपको ज्यादा से ज्यादा सामान खरीदने को मजबूर करना होता है। अब भले ही आपको उस सामान की जरूरत हो या नहीं। और कैश ऑन डिलिवरी ऐसा ही एक कारगर उपाय है। मुफ्त में सामान आपके दरवाजे पर पहुंचाना लोगों को खरीदारी के लिए उकसाने के लिए काफी है।
Image Courtesy : Getty Images

क्रेडिट कार्ड से खरीदारी

बेशक क्रेडिट कार्ड कई लोगों को अलग अलग कारणों से पसंद होता है। कई बार मजबूरी में यह काफी मदद करता है। लेकिन, अगर आप क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल ऑनलाइन शॉपिंग पर मिलने वाली विशेष छूट के लिए करते हैं, तो आप वाकई ऑनलाइन शॉपिंग के एडिक्ट हो चुके हैं। और अगर आप ब्राउजर अथवा मोबाइल एप्लीकेशन खोलने से पहले ही अपना क्रेडिट कार्ड तैयार रखते हैं, तो आप पहले से ही इसके एडिक्ट हो चुके हैं। हो सकता है कि आपको रह-रहकर कुछ न कुछ खरीदने का मन करता रहता है, तो आप को यह लत लग चुकी है।
Image Courtesy : Getty Images

आपका नंबर क्या है

जब आप नंबर बोलते हैं, तो लोगों के जेहन में इसके कई मायने होते हैं, लेकिन आपके लिए तो नंबर यानी क्रेडिट कार्ड नंबर। अगर आपको अपने क्रेडिट कार्ड की सारी जानकारी, मुंह जुबानी याद हैं, तो यह इशारा है कि आप ऑनलाइन शॉपिंग के कुछ ज्यादा ही दीवाने हैं। इंटरनेट पर इतनी खरीदारी करने के बाद आपको क्रेडिट कार्ड नंबर, सीवीवी नंबर, और एक्सपायरी डेट आदि सब कुछ याद हो जाता है। आपको सब कुछ याद है और आप कार्ड को देखने में वक्त लगाना नहीं चाहते।
Image Courtesy : Getty Images

ऑफर ही ऑफर

कई लोगों को अपने मेल बॉक्स में अनगिनत मेल बिलकुल नहीं खटकते। जानते हैं ऐसे लोग कौन होते हैं, जी सही पहचाना आपने- शॉपिंग एडिक्ट। अगर आपके मेल बॉक्स में ऑफर्स और स्पेशल डिस्काउंट से भरे पड़े रहते हैं, और आपको इनसे कोई फर्क नहीं पड़ता तो सही मायने में आप एक ऑनलाइन शॉपिंग एडिक्ट हैं। और अगर आप केवल इन मेल को बचाये रखने के मकसद से अपने इनबॉक्स को रिफ्रेश नहीं करते, तो आपकी लत कुछ ज्यादा ही गहरी हो चुकी है।
Image Courtesy : Getty Images

फोन बुक की जरूरत नहीं

आमतौर पर अपने दोस्तों, करीबियों और सहकर्मियों के नंबर देखने के लिए भी फोन बुक देखनी पड़ती है। और जब आपके स्मार्ट फोन में सब नंबर याद रखने की सुविधा है, तो आप क्यों इसके लिए सिरदर्द पालें। लेकिन, आपको ऑनलाइन शॉपिंग के सभी टोल फ्री नंबर याद हैं। तो जनाब अब मान भी लीजिये कि आप ऑनलाइन शॉपिंग एडिक्ट हैं। अरे, कहीं आपने इन नंबरों को स्पीड डायल पर तो नहीं सेट कर दिया। थोड़ा तो ध्यान रखें। आखिर आपके प्यार और ऑनलाइन शॉपिंग में कुछ तो अंतर है।
Image Courtesy : Getty Images

आप डिलिवरी बॉय को पर्सनली जानते हैं

अगर आप ऑनलाइन शॉपिंग पोर्टल के डिलिवरी बॉय को उसके नाम से जानते हैं, तो इसका अर्थ है कि आप काफी ज्यादा खरीदारी करते हैं। लोग अपने ऑफिस में ही काम करने वाले लोगों के नाम नहीं जानते, लेकिन दूसरी ओर आप सामान लाने वाले व्यक्ति को उसके नाम से जानते हैं। अगर आप ऑर्डर देने से पहले ही डिलिवरी की तारीख जानते हैं, तो आप वाकई एडिक्टेड हो चुके हैं।
Image Courtesy : Getty Images

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

More For You
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK