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अस्थमा अटैक के पहले के लक्षणों को जानें

अस्थमा अटैक से बचने के लिए इसके पहले दिखायी देने वाले लक्षणों को जानें जिससे बचाव आसान हो सकता है।

अस्‍थमा By Anubha Tripathi / Jun 18, 2014

अस्थमा के लक्षणों को जानें

अस्थमा अटैक से बचने के लिए जरूरी है कि रोगी को उसके पहले दिखायी और महसूस होने वाले संकेतों के बारे में पता हो? इव संकेतों के बारे में जानकारी आपको अस्थमा अटैक से बचाने में मददगार साबित हो सकती है। आइए जानें अस्थमा अटैक से पहले दिखने वाले लक्षणों के बारे में।   

गले और ठोढ़ी में खुजली

अस्थमा की समस्या शुरु होने से पहले गले और ठोढ़ी में खुजली की समस्या हो सकती है। यह समस्या क्यों होती है इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। लेकिन ज्यादातर लोग इस लक्षण को नजरअंदाज कर देते हैं जो कि ठीक नहीं है।
 


मूड में बदलाव

अचानक से रोगी के मूड में बदलाव देखने को मिलता है। बोलते-बोलते चुप हो जाना, तनाव और चिंताग्रस्त हो जाना भी अस्थमा अटैक का संकेत हो सकता है। अगर आपको या आपके आसपास किसी अस्थमा रोगी में यह लक्षण दिखे तो इसे नजरअंदाज ना करें।

कफ

अस्थमा का मुख्य लक्षण है कफ की समस्या। जब यह समस्या पूरी रात आपको सताने लगे तो इसके पीछे कुछ खास वजह हो सकती है। हो सकता है कि यह साइनस या अन्य किसी वजह से हो लेकिन जब किसी अस्थमा रोगी को यह समस्या होती है तो इसे हल्के में ना लें।

सांसों में घरघराहट

अस्थमा रोगी को सांस लेने में समस्या होना सामान्य माना जाता है लेकिन जब सांस लेते वक्त घरघराहट की आवाज आने लगे तो इसे सामान्य ना समझें। यह गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है।

सांस लेने में समस्या

अस्थमा अटैक होने से पहले रोगी को सांस लेने में समस्या महसूस होने लगती है क्योंकि सांस लेने वाली जगह के आसपास की मांसपेशियां कठोर हो जाती हैं और एयरवे लाइनिंग में सूजन आ जाती है। अत्यधिक म्यूकस बनने के कारण सांस नली ब्लॉक हो जाती है।
 

पॉश्चर बदलना

ठीक तरह से सांस लेने के प्रयास में रोगी आगे की तरफ झुकने लगाता है जिससे वो कूबड़नुमा आकार में आ जाता है। लेकिन सांस लेने में कठिनाई होने पर इस स्थिति में आना समस्या को और बढ़ा सकता है।    

सीने में जलन

जब अस्थमा की समस्या बढ़ने वाली होती है तो रोगी को सीने में जलन या कुछ अन्य तरह की समस्या भी हो सकती है। अस्थमा ग्रस्त बच्चों में जब यह समस्या होती तो वो समझ नहीं पाते कि उन्हें क्या हो रहा है। ऐसे में उनके माता-पिता को ज्यादा सर्तक रहना चाहिए।  

होठों और अंगुलियों में नीलापन

जब शरीर को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिल पाता है तो होठों और अंगुलियों और होठों पर नीलापन दिखायी देने लगता है। इस स्थिति को केयानोसिस कहते हैं। यह स्थिति इशारा करती है कि रोगी को तुरंत चिकित्सक के पास ले जाया जाए।

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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