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हल्‍दी का प्रयोग करते समय इसके साइड-इफेक्‍ट से बचें

बीमारियों के लिए महाऔषधि मानी जाने वाली हल्‍दी के अधिक प्रयोग करना आपके स्‍वास्‍थ्‍य के लिए नुकसानदेह है, इसके अधिक प्रयोग से बचें।

घरेलू नुस्‍ख By Nachiketa Sharma / Apr 17, 2014

हल्‍दी के साइड इफेक्‍ट

अब तक आप हल्‍दी को एक बेहतरीन औ‍षधि के रूप में जानते थे, लेकिन क्‍या आपको पता है कि इसका अधिक इस्‍तेमाल करना नुकसानदेह भी है। हल्‍दी के अधिक प्रयोग करने से दिल की बीमारियां, डायरिया, मधुमेह, रक्‍त के थक्‍के बनाने जैसे साइड-इफेक्‍ट हो सकते हैं। इसलिए हल्‍दी का अधिक प्रयोग करने से बचना चाहिए।

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हल्‍दी का अधिक प्रयोग

सामान्‍यतया 240 से 500 मिग्रा हल्‍दी वो भी तीन बार में प्रयोग करने की हिदायत दी जाती है लेकिन इससे ज्‍यादा प्रयोग करने से इसका साइड इफेक्‍ट होता है।

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एसिडटी की समस्‍या

यूनिवर्सिटी ऑफ मेरीलैंड मेडिकल सेंटर द्वारा किये गये शोध के अनुसार अधिक मात्रा में हल्‍दी का सेवन करने पेट में एसिडिटी की समस्‍या हो सकती है।

 

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दवाओं के साथ न खायें

अगर आप किसी बीमारी के उपचार के लिए दवाओं का प्रयोग कर रहे हैं तो उस दौरान हल्‍दी के अधिक प्रयोग से बचें। खासकर डायबिटीज, पेट की बीमारी आदि के उपचार के दौरान।

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दिल के लिए खतरनाक

जो लोग दिन में दो बार में 1500 मिग्रा से अधिक हल्‍दी का सेवन करते हैं उनके दिल की धड़कन इसके कारण प्रभावित हो सकती है। हालांकि अभी तक इसे दिल के दौरे के लिए जोखिम कारक नहीं माना गया है।

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गर्भावस्‍था में न लें

गर्भवती महिलाओं को हल्‍दी के अधिक सेवन से बचना चाहिए। क्‍योंकि इसके अधिक सेवन से पेट में हलचल हो सकती है और यह आपके बच्‍चे के लिए नुकसानदे है। स्‍तनपान कराने वाली महिलाओं को भी हल्‍दी का अधिक सेवन नहीं करना चाहिए।

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पित्‍ताशय की समस्‍या में

यदि आपको गालब्‍लैडर की समस्‍या है तो हल्‍दी का अधिक सेवन करने से बचें। अगर पित्‍ताशय में पथरी है तो हल्‍दी का सेवन बिलकुल भी न करें।

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सर्जरी के बाद

अगर आपने सर्जरी कराया है तो हल्‍दी का अधिक सेवन न करें। चिकित्‍सक भी सर्जरी के दो सप्‍ताह बाद तक हल्‍दी के सेवन से परहेज करने की सलाह देते हैं, क्‍योंकि इसके कारण रक्‍तस्राव हो सकता है।

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हाइपोग्‍लीसीमिया

हल्‍दी के अधिक सेवन से हाइपोग्‍लीसीमिया की समस्‍या हो सकती है, यह एक खतरनाक स्थिति होती है और इसके तुरंत उपचार की जरूरत होती है। यदि रक्‍तचाप सामान्‍य से बहुत कम हो जाये तो यह स्थिति आती है।

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अल्‍सर का कारण

अगर आपने लगातार अधिक मात्रा में हल्‍दी का सेवन किया तो आपको पेट का अल्‍सर हो सकता है। तो पेट के अल्‍सर से बचाव के लिए हल्‍दी का सीमित प्रयोग कीजिए। सीने में जलन का कारण भी हल्‍दी का अधिक सेवन हो सकता है।

 

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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