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सेक्‍स के भावनात्‍मक लाभ

सेक्स जीवन तथा सम्बन्धों में मजबूती लाने के लिए काफी फायदेमंद होता है। आइए जानते हैं कि सेक्स से हमें क्‍या-क्‍या भावनात्‍मक लाभ हो सकते हैं।

सभी By Pooja Sinha / Feb 15, 2014

सेक्‍स के भावनात्‍मक लाभ

सेक्‍स एक आनन्‍ददायक अनुभूति है, इसमें शारीरिक संतुष्टि के साथ मानसिक संतुष्टि भी मिलती है। सेक्‍स से न केवल हमारे स्‍वास्‍थ्‍य के लिए लाभदायक होता है बल्कि इससे रिश्तों में मजबूती आती है। सेक्स जीवन तथा सम्बन्धों में मजबूती लाने के लिए काफी फायदेमंद होता है। आइए जानते हैं कि सेक्स से हमें क्‍या-क्‍या भावनात्‍मक लाभ हो सकते हैं।

भावनात्मक सुरक्षा का एहसास

एक दूसरे के साथ सेक्‍स में संतुष्‍ट जोड़े अन्‍य जोड़ों की तुलना में बेहतर जीवन बिताते हैं। सेक्‍स में आपसी वफादारी और घनिष्‍टता से उनको भावनात्मक सुरक्षा का एहसास होता है और आंतरिक खुशियां मिलती हैं।

आत्मविश्वास का बढ़ना

सेक्स से न केवल आपको भावनात्‍मक सुरक्षा मिलती है, बल्कि आत्मविश्वास के स्तर में भी बढ़ोत्‍तरी होती है। सेक्‍स के प्यार भरे क्षणों के दौरान आपको अपने साथी के लिए प्यार और महत्वपूर्ण होने का एहसास आपकी आत्मविश्‍वास को भी बढ़ाता है।

संबंधों में मजबूती

सेक्‍स के दौरान पार्टनर की निकटता और चरमसुख से ऑक्सिटॉसिन नाम हॉर्मोन्स का स्‍तर बढ़ जाता है। प्‍यार के इस हार्मोंस से आपसी संबंधों में मजबूती आती है और विश्वास बढ़ता है। सेक्स के सही तरीकों से आपके पार्टनर से आपके रिश्तों में मजबूती आती हैं।

खुशी की प्राप्ति

सेक्‍स के बाद, बॉडी में एंडोर्फिन रिलीज होता है जिससे मन शांत हो जाता है। महिलाओं में सेक्स उन्मुक्ति को बढ़ाता है, और एक अलग ही आनंद का अनुभव कराता है। जिससे उनमें तनाव कम होता है और वह अधिक खुश रहती हैं। साथ ही अपने पार्टनर के प्रति उनका प्‍यार बढ़ता हैं।

तरोताजा महसूस होना

अगर आप अक्‍सर परेशान रहते हैं और आपका मूड खराब रहता हैं। तो सेक्स से बेहतर कोई विकल्प नहीं हो सकता। सेक्स के दौरान कई तरह के ऐसे हार्मोन निकलते हैं जिनसे शरीर का नर्वेस सिस्टम सक्रिय हो जाता है और आप तरोताजा महसूस करते हैं।

निर्णय लेने की क्षमता में इजाफा

सेक्स में संतुष्टि से आपका इमोशनल सपोर्ट ही नहीं मिलता है बल्कि आपकी दिमागी हालत में भी सुधार आता है। जिससे सेक्स के बाद आपके निर्णय लेने की क्षमता बढ़ जाती है।

भावनाओं के संपर्क में

सेक्‍स से आप अपनी भावनाओं के संपर्क में रहते हैं। आपकी भावनाएं जैसे - दुख, क्रोध, चिंता, खुशी, डर, उत्साह जीवन में एक स्वाभाविक और सामान्य भाग के रूप में होती है। सेक्‍स से संतुष्‍ट व्‍यक्ति इनमें से मुश्किल भावनाओं को समझते, स्‍वीकारते और बहुत आसानी से संभालते भी हैं।

उदारता की भावना

ऑक्सिटॉसिन हॉर्मोन से कपल्स में एक दूसरे के प्रति उदारता की भावना भी बढ़ती है। वह न केवल एक दूसरे के प्रति उदार होते हैं, बल्कि परिवार के अन्‍य लोग यहां तक की सभी लोगों के साथ वह उदारता से ही पेश आते हैं।

अर्थपूर्ण जीवन

सेक्‍स से आपको अपना जीवन अर्थपूर्ण लगने लगता हैं। एक उद्देश्यपूर्ण जीवन वह होता है जब आपके जीवन में कुछ जुनून, मिशन या अर्थ हो। यह सब तब पूरा होता है जब आपमें विश्‍वास होता है और आप अपनी ताकत का उपयोग करते हैं।

लचीलापन आना

सेक्‍स आपको लचीला बनाता है। जो लोग सेक्‍स में भावनात्‍मक रूप से स्‍वस्‍थ होते है उनमें जीवन में आने वाले सभी प्रकार की स्थितियों का सामना करने की क्षमता होती है। वह हर स्थिति का आकलन सही तरीके से करके उसका सही निर्णय लेते हैं।

स्‍वयं को पसंद करना

सेक्‍स में संतुष्‍ट रहने से आप जैसे हैं वैसे ही स्‍वयं को पसंद करने लगते हैं। अगर आप भावनात्मक रूप से स्वस्थ होते हैं, तो आमतौर पर आप जैसा भी करते हैं आपको वह सब पसंद आता हैं।

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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